NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गुजरात के भरूच के अस्पताल में अग्निकांड की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित
गुजरात सरकार ने भरूच के एक अस्पताल में पिछले सप्ताह हुई आग की घटना की जांच के लिए उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में न्यायिक आयोग का गठन किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 May 2021
गुजरात के भरूच के अस्पताल में अग्निकांड की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित
Image courtesy : The Indian Express

गुजरात सरकार ने भरूच के एक अस्पताल में पिछले सप्ताह हुई आग की घटना की जांच के लिए उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में न्यायिक आयोग का गठन किया है।

अस्पताल में आग लगने से कोविड-19 के 16 मरीजों समेत 18 लोगों की मौत हो गयी थी।

भरूच में पटेल वेलफेयर हॉस्पिटल में एक मई को आग लगने से दो प्रशिक्षु नर्सों की भी मौत हो गयी थी।

आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) डी ए मेहता अग्निकांड के सभी पहलुओं की जांच करेंगे।
आपको बता दें इससे पहले  गुजरात उच्च न्यायालय ने भरूच के अस्पताल में हुई आग लगने की घटना के संबंध में सरकारी अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराए जाने के अनुरोध वाली याचिका पर चार मई मंगलवार को राज्य सरकार से जवाब तलब किया था ।

याचिका में दावा किया गया है कि उच्चतम न्यायालय के पूर्व के आदेशों का अनुपालन भी नहीं किया गया।

मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति भार्गव करिया की खंडपीठ ने राज्य सरकार और विभिन्न नगर निगमों को नोटिस जारी कर उनसे 11 मई तक जवाब देने को कहा।

गुजरात में कोविड-19 महामारी के हालात को लेकर दायर जनहित याचिका पर जारी सुनवाई के दौरान यह मामला सामने आया जिसका अदालत ने स्वत: संज्ञान लिया।

याचिका में दावा किया गया कि एक मई को भरूच के जिस अस्पताल में आग लगी, उसके पास शहर के अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं था।  यह एक बहुत ही गंभीर मामला है ,इसको देखते हुए अब इसके न्यायिक जाँच का निर्णय लिया गया है।  

क्या था पूरा मामला ?

गुजरात के भरूच में एक अस्पताल में एक मई शुक्रवार देर रात आग लगने से कोरोना वायरस के कम से कम 18 लोगो  की मौत हो गई।

हादसे की दिल दहला देने वाली तस्वीरों में कुछ मरीजों के शव तक स्ट्रेचरों और बेड पर झुलसते हुए नजर आए।

एक अधिकारी ने बताया था कि चार मंजिला वेलफेयर अस्पताल में देर रात एक बजे हुए इस हादसे के वक्त करीब 50 अन्य मरीज भी थे जिन्हें स्थानीय लोगों एवं दमकल कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला।

पुलिस के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को कहा था, “सुबह साढ़े छह बजे की सूचना के मुताबिक, हादसे में मृतक संख्या 18 है। आग लगने के तुरंत बाद, हमें 12 मरीजों के मौत की पुष्टि की गई थी।”

भरूच के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेंद्र सिंह चुड़ासमा ने बताया कि कोविड-19 वार्ड में 12 मरीजों की मौत आग और उससे निकले धुएं की वजह से हुई।

यह स्पष्ट नहीं हुआ था कि शेष छह मरीजों की मौत भी अस्पताल के भीतर ही हुई या उनकी मौत दूसरे अस्पतालों में ले जाने के दौरान हुई।

कोविड-19 के इलाज के लिए निर्धारित यह अस्पताल राजधानी अहमदाबाद से करीब 190 किलोमीटर दूर भरूच-जंबूसार राजमार्ग पर स्थित है और इसका संचालन एक न्यास करता है।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा था , ‘‘आग इतनी भीषण थी कि आईसीयू वार्ड जलकर खाक हो गया। वेंटिलेटर और दवाएं रखने के लिए फ्रिज के साथ ही बिस्तरों सहित अंदर रखे सभी उपकरण पूरी तरह जल गए।’’

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

Gujrat
Bharuch Hospital
Bharuch Hospital Fire

Related Stories

दक्षिणी गुजरात में सिंचाई परियोजना के लिए आदिवासियों का विस्थापन

मेवानी की सज़ा पर कांग्रेस ने पूछा, क्या गुजरात में दलितों के मुद्दे उठाना अपराध है?

ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..

क़ानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बिना सुरक्षा उपकरण के सीवर में उतारे जा रहे सफाईकर्मी

गुजरात : दवाई बनाने वाली कंपनी में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा, चपेट में आए आसपास घर बनाकर रह रहे श्रमिक

गुजरात में तीन लोगों के पास से 313 करोड़ रुपये मूल्य की मादक पदार्थ जब्त

गुजरात मछुआरा गोलीबारी: 10 पाकिस्तानी नौवहन सुरक्षाकर्मियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

गुजरात में किसानों की करंट लगने से मौत

गुजरातः ‘हिंदुत्व की प्रयोगशाला’ बचाने में जुटे हैं मोदी-आरएसएस 

गुजरात: धर्म-परिवर्तन क़ानून को लेकर हाईकोर्ट और सरकार के बीच क्या विवाद है?


बाकी खबरें

  • tourism sector
    भाषा
    कोरोना के बाद से पर्यटन क्षेत्र में 2.15 करोड़ लोगों को रोज़गार का नुकसान हुआ : सरकार
    15 Mar 2022
    पर्यटन मंत्री ने बताया कि सरकार ने पर्यटन पर महामारी के प्रभावों को लेकर एक अध्ययन कराया है और इस अध्ययन के अनुसार, पहली लहर में 1.45 करोड़ लोगों को रोजगार का नुकसान उठाना पड़ा जबकि दूसरी लहर में 52…
  • election commission of India
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली नगर निगम चुनाव टाले जाने पर विपक्ष ने बीजेपी और चुनाव आयोग से किया सवाल
    15 Mar 2022
    दिल्ली चुनाव आयोग ने दिल्ली नगर निगम चुनावो को टालने का मन बना लिया है। दिल्ली चुनावो की घोषणा उत्तर प्रदेश और बाकी अन्य राज्यों के चुनावी नतीजों से पहले 9 मार्च को होनी थी लेकिन आयोग ने इसे बिल्कुल…
  • hijab
    सीमा आज़ाद
    त्वरित टिप्पणी: हिजाब पर कर्नाटक हाईकोर्ट का फ़ैसला सभी धर्मों की औरतों के ख़िलाफ़ है
    15 Mar 2022
    इस बात को दरअसल इस तरीके से पढ़ना चाहिए कि "हर धार्मिक रीति का पालन करना औरतों का अनिवार्य धर्म है। यदि वह नहीं है तभी उस रीति से औरतों को आज़ादी मिल सकती है, वरना नहीं। "
  • skm
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एमएसपी पर फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा
    15 Mar 2022
    एसकेएम ने फ़ैसला लिया है कि अगले महीने 11 से 17 अप्रैल के बीच एमएसपी की क़ानूनी गारंटी सप्ताह मना कर राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत की जाएगी। 
  • Karnataka High Court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिजाब  मामला: हिजाब इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खारिज की याचिका
    15 Mar 2022
    अदालत ने अपना फ़ैसला सुनते हुए यह भी कहा कि शिक्षण संस्थानों में यूनिफ़ॉर्म की व्यवस्था क़ानूनी तौर पर जायज़ है और इसे संविधान के तहत दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन नहीं कहा जा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License