NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
कर्नाटक: पत्थर खदान से जिलेटिन की छड़ें हटाते समय विस्फोट, छह लोगों की मौत
मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के गृह नगर शिवमोगा में 22 जनवरी को भी एक ऐसे ही हादसे में छह लोगों की ही मौत हो गई थी।
भाषा
23 Feb 2021
कर्नाटक: पत्थर खदान से जिलेटिन की छड़ें हटाते समय विस्फोट, छह लोगों की मौत
Image courtesy: Navabharat

चिकबलपुर (कर्नाटक): पत्थर की एक खदान में जिलेटिन की छड़ों को हटाते समय मंगलवार तड़के हुए विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई।

मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के गृह नगर शिवमोगा में 22 जनवरी को भी एक ऐसे ही हादसे में छह लोगों की ही मौत हो गई थी।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री एवं चिकबलपुर से विधायक के. सुधाकर घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि शव बेहद बुरी हालत में थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताया है।

उन्होंने कहा, ‘‘ कर्नाटक के चिकबलपुर में लोगों के हताहत होने की खबर से दुखी हूं। मैं मृतकों के परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’

मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने भी हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं और अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश भी दिया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘ घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’’

पुलिस के अनुसार, घटना पेरसेंड्रा के पास हिरणागवल्ली में हुई।

स्थानीय लोगों द्वारा जिलेटिन की छड़ों के अधिक इस्तेमाल की शिकायत किए जाने के बाद पुलिस ने सात फरवरी को यहां उत्खनन रोक दिया था, लेकिन यहां अवैध रूप से काम जारी था। कुछ दिन पहले यहां छापा भी मारा गया था और ठेकेदार को जिलेटिन का इस्तेमाल ना करने को लेकर चेतावनी दी गई थी।

उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह यह हादसा उस समय हुआ, जब ये लोग जिलेटिन की छड़ें हटाने की कोशिश कर रहे थे।

घटना में घायल हुए एक वाहन के चालक ने पुलिस से कहा, ‘‘ उन्होंने (मारे गए लोगों ने) एक थैला पकड़ रखा था और उन्होंने मुझसे उन्हें वाहन से जंगल तक ले जाने को कहा था। वे एक सुनसान जगह पर गए और फिर अचानक एक विस्फोट हुआ।’’

चालक के पैरों और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं।

कर्नाटक के खनन और भूविज्ञान मंत्री मुरुगेश आर निरानी ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि सरकार अवैध खनन गतिविधियों, परिवहन और खनन के लिए उपयोग किए जाने वाले विस्फोटकों के भंडारण के खिलाफ कड़े कदम उठा रही है।

निरानी ने कहा, ‘‘ शिवमोगा में हुए हादसे के जख्म अभी भरे ही नहीं थे कि चिकबलपुर में यह दुर्भाग्यपूर्ण विस्फोट हो गया।’’

उन्होंने कहा कि जहां खनन किया जाता है, उन इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। विस्फोट के कारण का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जाएगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दी जाएगी।

निरानी ने कहा कि मृतकों के परिवार और घायलों को सरकार सभी आवश्यक मदद मुहैया कराएगी।

उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

इस बीच, कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा नेता इस अवैध गतिविधि में उसी तरह शामिल हैं, जिस तरह वे शिवमोगा में शामिल थे।

पार्टी ने ट्वीट किया, ‘‘ शिवमोगा विस्फोट के बाद नींद से उठने की बजाए, अवैध उत्खनन तथा विस्फोटकों के इस्तेमाल को खत्म करने के बजाए सरकार ऐसी गतिविधियों के समर्थन में खड़ी है, जिसके कारण जिलेटिन की वजह से एक और विस्फोट हुआ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ शिवमोगा की तरह, यहां भी भाजपा शामिल थी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के. सुधाकर सीधी तौर पर इसके लिए जिम्मेदार है।’’

karnataka
Yedurappa

Related Stories

Daily Round-up: अमित शाह बने देश के नए गृहमंत्री


बाकी खबरें

  • केवल बढ़ती अव्यवस्था के कारण
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    बढ़ती अव्यवस्था के कारण
    14 Sep 2021
    हम कैसे समय में जी रहे हैं जहाँ हमसे एक ऐसी दुनिया में तर्कसंगत रहने की बात कही जाती है जहाँ केवल अव्यवस्था ही एकमात्र आदर्श है, युद्ध और बाढ़ के कारण अव्यवस्था, किसी-न-किसी महामारी के कारण अव्यवस्था।
  •  'मैं देश नहीं बिकने दूंगा' से 'मैं शेष नहीं बचने दूंगा' तक का सफर
    प्रभात पटनायक
    'मैं देश नहीं बिकने दूंगा' से 'मैं शेष नहीं बचने दूंगा' तक का सफर
    14 Sep 2021
    भारत में मोदी सरकार का अपना ही विचित्र एजेंडा है। हरेक चीज को एक माल में तब्दील कर देने का एजेंडा। कुछ भी पवित्र नहीं हैं, कुछ भी पूजनीय नहीं है, कुछ भी बाजार से ऊपर नहीं है, सब कुछ बिकाऊ है।
  • farmers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल: सेब के उचित दाम न मिलने से गुस्साए किसानों का प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन
    14 Sep 2021
    संयुक्त किसान मंच ने सरकार को चेताया है कि अगर आगामी 15 दिनों के भीतर सरकार बागवानों और किसानों के साथ मिलकर उनकी मांगों पर अमल नहीं करती है तो संयुक्त किसान मंच, अन्य संगठनों के साथ मिलकर 27 सितंबर…
  • इको गॉर्डन, लखनऊ में 10 सितंबर को युवाओं को सम्बोधित करते किसान नेता डॉ. दर्शन पाल।
    लाल बहादुर सिंह
    युवा रोज़गार आंदोलन किसान-मज़दूर आंदोलन के साथ जुड़कर नवउदारवाद और फ़ासीवाद के लिए चुनौती बनेगा
    14 Sep 2021
    27 सितम्बर का भारत बन्द इस मिशन का अहम पड़ाव है। इसके अलावा मोदी जी के जन्मदिन 17 सितंबर को इस वर्ष भी युवाओं ने जुमला दिवस-बेरोजगार दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया है।
  • अर्जेंटीना में भूख से निपटने में मदद करते सामुदायिक संगठन, उनकी हमदर्दी और एकजुटता
    जूलियन इंजुगारट, एना डागोरेट
    अर्जेंटीना में भूख से निपटने में मदद करते सामुदायिक संगठन, उनकी हमदर्दी और एकजुटता
    14 Sep 2021
    महामारी अपने साथ पहले से कहीं ज़्यादा ग़ैर-बराबरी और नाइंसाफ़ी लेकर आयी। लेकिन,ज़मीनी स्तर के आंदोलनों ने संघर्ष कर रहे लोगों को एकजुट किया, संगठित किया और उनके लिए खाने-पीने का इंतज़ाम किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License