NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
झारखंड में बढ़ता शाहीन बाग़ का कारवां : हर तरफ़ प्रतिवाद का सिलसिला
वासेपुर (धनबाद), शिवलीबाड़ी (कुमारधुबी) तथा कोडरमा स्थित झुमरी तिलैया के असनाबाग में सैकड़ों महिलाओं के नेतृत्व में लगातार अनिश्चितकालीन धरना जारी है।
अनिल अंशुमन
07 Feb 2020
CAA Protest

“हम 15 दिन तो क्या 15 महीने भी लगातार ऐसे ही धरने पर बैठी रहेंगी , जबतक केंद्र की सरकार अपना काला कानून वापस नहीं ले लेती .... ” ये ऐलानिया स्वर है झारखंड की राजधानी रांची के कडरू स्थित हजहाउस परिसर के समीप पिछले 20 जनवरी से सीएए – एनआरसी – एनपीआर की वापसी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दे रहीं सैकड़ों महिलाओं का। सनद हो कि इन दिनों दिल्ली के शाहीन बाग़ अवामी आंदोलन से प्रेरित होकर झारखंड में भी कई स्थानों पर शाहीन बाग़ की तर्ज़ पर प्रतिवाद कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं।

वासेपुर (धनबाद), शिवलीबाड़ी (कुमारधुबी ) तथा कोडरमा स्थित झुमरी तिलैया के असनाबाग में सैकड़ों महिलाओं के नेतृत्व में लगातार अनिश्चितकालीन धरना जारी है। इसके अलावा कई अन्य स्थानों पर भी भाकपा माले, सीपीएम व अन्य वामपंथी संगठनों समेत कई मुस्लिम सामाजिक संगठनों द्वारा प्रतिवाद कार्यक्रम हो रहें हैं तथा कई जगहों पर इसकी तैयारी की सूचना है ।

वासेपुर.jpg

शाहीन बाग़ की तर्ज़ पर रांची स्थित कडरू में चल रहे मुस्लिम महिलाओं के “हम भारत के लोग” अभियान के तहत हो रहे अनिश्चितकालीन धरना कार्यक्रम में दिन रात का कार्यक्रम चल रहा है । जिनमें शामिल होनेवाली महिलाओं की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है । यहाँ भी कार्यक्रम संचालन से लेकर आंतरिक व्यवस्था चलाने की अहम जिम्मेदारी खुद महिलाएं ही संभाल रहीं हैं। जबकि बाहरी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था जैसे कार्य में कई सामाजिक संगठनों के युवाओं की टोली भी दिनरात मिहनत करती हुई दीख जाएगी। शाहीन बाग की तर्ज़ पर इसे कडरू शाहीन बाग का नाम दिया गया है। वामपंथी व अन्य जनसंगठनों के अलावा कई आदिवासी और दलित संगठनों के नेता - प्रतिनिधि हर दिन कार्यक्रम में शामिल होकर आंदोलनकारी महिलाओं के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित कर रहें हैं।

कडरुबाग c.jpg

इसके अलावा काफी संख्या में नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के अलावा जन संस्कृति मंच के कार्यकारी अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार रविभूषण जैसे वरिष्ठ बुद्धिजीवी , आदिवासी बुद्धिजीवी व सामाजिक – मानवाधिकार कार्यकर्त्ता शामिल हो रहें हैं। 26 जनवरी को इस अभियान के समर्थन में विभिन्न सामाजिक – सांस्कृतिक जनसंगठनों द्वारा ‘ एक शाम संविधान के नाम ’ का सांस्कृतिक आयोजन भी किया गया।

कोयला राजधानी कहे जानेवाले धनबाद के चर्चित वासेपुर में 2 जनवरी से जारी अनिश्चितकालीन प्रतिवाद अभियान की शुरुआत ही काफी चर्चित हो गयी जब इसके तहत निकाले गए विशाल मार्च के आयोजकों व हजारों लोगों पर स्थानीय पुलिस ने ‘ राजद्रोह ’ का मुकदमा दर्ज कर दिया । इसपर त्वरित संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्यमंत्री ने मुकदमा दर्ज करनेवाले पुलिस अधिकारी पर कारवाई करने का निर्देश देकर मुकदमा हटाने का आदेश जारी कर दिया ।

dhanbaad_0.jpg

धनबाद से ही सटे कुमारधुबी स्थित शिवलीबाड़ी में पिछले 27 जनवरी से महिलाओं व नागरिकों का अनिश्चितकालीन धरना निरंतर जारी है । वहीं 4 फरवरी से कोडरमा के झुमरीतिलैया स्थित असनाबाग में भी प्रतिवाद धरना कार्यक्रम में काफी संख्या में मुस्लिम महिलाओं के अलावे वामपंथी दलों व विभिन्न सामाजिक जन संगठनों के लोग शामिल हो रहें हैं ।

‘हम भारत के लोग’ और ‘संविधान बचाओ’ बैनर के तहत पूरे देश में चल रहे अभियान को झारखंड में भी विस्तार और गति देने के लिए हाल ही में राजधानी रांची में “ हम भारत के लोग नागरिक मुहिम , रांची ” का गठन किया गया है । जिसमें झारखंड आदिवासी मोर्चा , आदिवासी बुद्धिजीवी मंच , ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम झारखंड इकाई , एसटी – एससी कोर्डिनेशन कमिटी , हौफमैन लॉ एसोसिएट , बाल्मीकी समाज व इंडियन लॉयर यूनियन की झारखंड इकाई के अलावा कई वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्त्ताओं और नागरिक आंदोलन के प्रबुद्ध जन शामिल हैं।

हम भारत के लोग.jpg

जिसके द्वारा समाज के अन्य वर्गों के लोगों को उक्त काले कानून के खिलाफ सामाजिक तौर पर सक्रिय बनाने और सत्ता प्रायोजित सामाजिक विभाजन रोकने के लिए राजधानी में 15 फरवरी को ‘ पीपुल्स कन्वेन्शन’ का आयोजन किया गया है । इस मुहिम के प्रतिनिधियों द्वारा गत 29 जनवरी को प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री रामेश्वर उरांव को ज्ञापन देकर 17 जनवरी को लोहरदगा में एनआरसी सार्थन की आड़ में उन्मादी जुलूस निकालकर दंगे की स्थिति पैदा करनेवाले दोषियों को सज़ा देने व पीड़ितों को सुरक्षा – मदद देने की भी मांग की गयी ।

लोकतान्त्रिक प्रतिवाद के नए प्रतीक बन गए शाहीनबाग की तर्ज़ पर जारी रांची कडरू – शाहीनबाग आंदोलन में शामिल महिलाओं से एकजुटता जाहिर करने 4 फरवरी को सीपीएम की वरिष्ठ नेता वृंदा करात भी पहुँचीं । इसके पूर्व वरिष्ठ सामाजिक आंदोलन नेता योगेन्द्र यादव ने भी यहाँ पहुँचकर अनिश्चितकालीन धरना में शामिल आंदोलनकारियों की हौसालाअफजाई की।

प्रदेश की राजनीतिक सत्ता बदल जाने के बावजूद प्रशासन में बैठे कतिपय संघी सोच के अधिकारियों व पुलिसवालों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। जिसका उदाहरण आए दिन खुली आँखों के सामने दीख रहा है। पिछले 27 जनवरी को पलामू के पांकी में भाकपा माले द्वारा आयोजित सीएए – एनआरसी विरोध कार्यक्रम की प्रशासन को पूर्व सूचना दिये जाने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने कार्यक्रम पर रोक लगाकर आइसा झारखंड प्रदेश सचिव समेत कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।

 कडरूबाग a.jpg

4 फरवरी की शाम रांची के कडरू शहीनबाग कार्यक्रम स्थल पर स्कूटी पर सवार दो युवा पत्थरबाजी कर फरार हो गए । कुछ शरारती तत्वों ने व्हाट्सअप से कार्यक्र्म स्थल पर सीएए समर्थकों के जुलूस आने की अफवाह उड़ाकर वहाँ अफरा तफरी करनी चाहिए लेकिन लोगों ने संयम का परिचय देते हुए शांति बनाए रखा । वहीं झुमरी तिलैया समेत कई स्थानों पर चल रहे प्रतिवाद कार्यक्रम को ‘ विधि व्यवस्था की समस्या ’ बताकर स्थानीय प्रशासन अनुमति देने में बहाने बना रहा है । जिसके जवाब में लोग भी अपनी जिम्मेवारी पर प्रतिवाद अभियान जारी रखने पर अडिग हैं ।

उक्त सभी शाहीनबाग – प्रतिवाद कार्यक्रमों में शामिल महिलाओं और छात्राओं से बात करने पर प्राय: सबने ही एकस्वर से यही कहा – हम ज़िंदगी में पहली बार इस तरह से सड़कों पर आयीं हैं... ये वतन और संविधान हमारा भी है.... इससे खिलवाड़ करने और हमसे हमारी पहचान मांगने का हक़ किसी सरकार और उसके नेता को नहीं है ... सीएए – एनआरसी – एनपीआर काले कानून की वापस लेने की मांग को लेकर हमारा विरोध जारी रहेगा ..... !

CAA
NRC
Protest against NRC
Protest against CAA
Shaheen Bagh
Protest in Shaheen bagh
CAA Protest In all over India
Muslim women
Amit Shah
Narendra modi
modi sarkar
Vrinda Karat

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

शाहीन बाग से खरगोन : मुस्लिम महिलाओं का शांतिपूर्ण संघर्ष !

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी

झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!

दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • up elections
    असद शेख़
    यूपी चुनाव: क्या हैं जनता के असली मुद्दे, जिन पर राजनीतिक पार्टियां हैं चुप! 
    01 Feb 2022
    सपा, बसपा, भाजपा और कांग्रेस की जीत और हार के बीच की इस बहस में कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब नहीं मिल पा रहा है। सवाल ये हैं कि जनता के मुद्दा क्या है? जनता की समस्या क्या है? पश्चिमी यूपी, अवध,…
  • Controversy over Hijab
    भाषा
    हिजाब को लेकर विवाद: छात्रा ने कर्नाटक उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया
    01 Feb 2022
    याचिका में कहा गया है कि कॉलेज ने इस्लाम धर्म का पालन करने वाली आठ छात्राओं को प्रवेश नहीं करने दिया। इसमें कहा गया है कि ये छात्राएं हिजाब पहने थीं, इसलिए उन्हें शिक्षा के उनके मौलिक अधिकार से वंचित…
  • UP Health Sector
    एम.ओबैद
    योगी कार्यकाल में चरमराती रही स्वास्थ्य व्यवस्था, नहीं हुआ कोई सुधार
    01 Feb 2022
    "सरकार का दृष्टिकोण ही मंदिर-मस्जिद और हिंदू धार्मिक उत्सवों पर बजट खर्च करना है और राजनीति में इसी के आधार पर सत्ता में आने का मौका तलाशना रहा है। इनके एजेंडे में आम आदमी व बुनियादी सुविधा और…
  • Alwar girl's father's allegation
    भाषा
    अलवर की लड़की के पिता का आरोप: घटना को हादसा मानने के लिए दबाव डाल रही है पुलिस
    01 Feb 2022
    पीड़िता के पिता ने कहा कि वह पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें न्याय चाहिए।
  • covid
    भाषा
    कोरोना अपडेट: देश में 1.67 लाख से अधिक नए मामले,1192 लोगों की मौत
    01 Feb 2022
    आंकड़ों के अनुसार 24 घंटे में संक्रमण से 1,192 और लोगों के जान गंवाने से मृतक संख्या बढ़कर 4,96,242 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License