NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हिमाचल में फंसे कश्मीरी मज़दूरों को उनके राज्य वापस जाने की अनुमति दी जाए: माकपा
हिमाचल प्रदेश माकपा की राज्य कमेटी और ठियोग से विधायक राकेश सिंघा ने प्रदेश की सरकार से आग्रह किया है कि राज्य के विभिन्न जिलों में फंसे जम्मू कश्मीर के मज़दूर को घर जाने की अनुमति दी जाए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Apr 2020
हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर फंसे हुए हैं। इसमें बड़ी संख्या दिहाड़ी मज़दूरों यानी रोज कमाने और खाने वालों की हैं। लंबे समय के लॉकडाउन के चलते इनकी हालत अब बिगड़ रही है। ऐसे में प्रवासी मजदूरों और खासतौर पर कश्मीर मजदूरों की हालत को देखते हुए हिमाचल प्रदेश माकपा की राज्य कमेटी और ठियोग से विधायक राकेश सिंघा ने प्रदेश की सरकार से आग्रह किया है कि राज्य के विभिन्न जिलों में फंसे जम्मू कश्मीर के मजदूरों को घर जाने की इजाजत दी जाए।

पार्टी ने जम्मू कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर व हिमाचल प्रदेश की सरकार इनके लिये परिवहन का प्रबन्ध करने की अपील की है। साथ ही यह भी अपील की है कि मजदूरों को सरकारी खर्च पर उनके घर पहुंचाया जाय। इसके लिए आधा खर्च वहां की सरकार और आधा खर्च हिमाचल सरकार उठाए।

गौरतलब है कि हिमाचल में  कश्मीरी मजदूरों के साथ मारपीट, बदतमीजी और भेदभाव की कई घटनाएं भी सामने आई हैं।

गत बुधवार यानी 22 अप्रैल को भी हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में 60 साल के एक बुर्जग समेत 18 लोगों को प्रताड़ित करने की बात सामने आई थी। कश्मीर के रहने वाले इन लोगों को कुछ स्थानीय लोगों द्वारा पीटा गया था। स्थानीय प्रशासन से इसकी शिकायत की गई और किसी सुरक्षित जगह रखने की मांग की गई। बाद में प्रशासन ने इन्हें एक सरकारी जगह पर शिफ्ट कर दिया।

कश्मीरी मजदूरों को घर जाने की इजाजत दिए जाने संबंधी मांग पर सिंघा ने कहा कि खैर के कटान व अन्य कार्यों के लिए लाए गए हजारों मजदूरों का काम लगभग महीने भर पहले समाप्त हो गया है। ये लोग लॉकडाउन के चलते फंसे हुए हैं। इसी तरह शिमला में कुछ ऐसे मजदूर हैं जो कम समय के लिए सर्दियों में आते हैं और फिर वापिस लौट जाते हैं। वे भी अचानक लॉकडाउन व कर्फ्यू के कारण प्रदेश में फंस गए हैं।

इनमें अधिकांश मजदूर अभी जंगलों व अस्थायी ढेरों में रहने को मजबूर है। आज लॉकडाउन के करीब 30 दिन बीतने के पश्चात इनके पास जो भी कमाई थी वह भी समाप्त हो गई है और रोटी का भी संकट पैदा हो गया है। अब रमजान भी शुरू हो गया है और इनको इस हालत में घर जाना अत्यंत आवश्यक है। इस विशेष परिस्थिति में इनको शीघ्र घर भेज कर राहत दी जाए।

Himachal Pradesh
Jammu and Kashmir
kashmiri labours
Migrant workers
Workers and Labors
CPIM

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा

आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रक़ैद


बाकी खबरें

  • yogi
    अजय कुमार
    उत्तर प्रदेश : बिल्कुल पूरी नहीं हुई हैं जनता की बुनियादी ज़रूरतें
    09 Feb 2022
    लोगों की बेहतरी से जुड़े सरकारी मानकों के निगाह से देखने पर उत्तर प्रदेश में घाव ही घाव नजर आते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग़रीबी बेरोज़गारी के के हालात इतने बुरे हैं कि लगता है जैसे योगी सरकार ने इन…
  • देबांगना चैटर्जी
    फ़्रांस में खेलों में हिजाब पर लगाए गए प्रतिबंध के ज़रिये हो रहा है विभाजनकारी, भेदभावपूर्ण और ख़तरनाक खेल
    09 Feb 2022
    फ़्रांस में धर्मनिरपेक्षता को बरक़रार रखने के लिए खेलों में हिजाब और दूसरे "सुस्पष्ट धार्मिक चिन्हों" पर प्रतिबंध लगाने की कवायद पूरी तरह से पाखंड, भेदभाव और राजनीतिक हितों से भरी नज़र आती है। आख़िरकार…
  • Modi
    अजय गुदावर्ती
    मोदी की लोकप्रियता अपने ही बुने हुए जाल में फंस गई है
    09 Feb 2022
    अलोकप्रिय नीतियों के बावजूद पीएम की चुनाव जीतने की अद्भुत कला ही उनकी अपार लोकप्रियता का उदाहरण है। जहाँ इस लोकप्रियता ने अभी तक विमुद्रीकरण, जीएसटी और महामारी में कुप्रबंधन के बावजूद अच्छी तरह से…
  • unemployment
    कौशल चौधरी, गोविंद शर्मा
    ​गत 5 वर्षों में पदों में कटौती से सरकारी नौकरियों पर छाए असुरक्षा के बादल
    09 Feb 2022
    संघ लोकसेवा आयोग द्वारा 2016-17 में भर्ती किए गए कुल उम्मीदवार 6,103 की तदाद 2019-20 में 30 फीसदी घट कर महज 4,399 रह गई।
  • SP MENIFESTO
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जनता की उम्मीदों पर कितना खरा होगा अखिलेश का ‘वचन’
    09 Feb 2022
    समाजवादी पार्टी ने अपने कहे मुताबिक भाजपा के बाद अपने वादों का पिटारा खोल दिया, इस बार अखिलेश ने अपने घोषणा पत्र को समाजवादी वचन पत्र का नाम दिया, इसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं पर विशेष ध्यान दिया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License