NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
केरल: उच्च न्यायलय ने चुनाव आयोग से  तीन सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव स्थगित करने का पूछा कारण 
अदालत ने चुनाव आयोग को उन कारणों का खुलासा करने के लिए हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया, जिसकी वजह से तीन सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव स्थगित करने का फैसला किया गया था।  
भाषा
08 Apr 2021
केरल: उच्च न्यायलय ने चुनाव आयोग से  तीन सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव स्थगित करने का पूछा कारण 

कोच्चि (केरल) : चुनाव आयोग (ईसी) ने बुधवार को केरल उच्च न्यायालय को सूचित किया कि प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव मौजूदा तीन सांसदों के कार्यकाल की समाप्ति से पहले कराए जाएंगे।

आयोग ने कहा कि चुनाव की अधिसूचना केरल के सांसदों - अब्दुल वहाब (आईयूएमएल), के के रागेश (माकपा) और वायलार रवि (कांग्रेस) के अवकाश ग्रहण करने से पहले जारी की जाएगी। ये तीनों सदस्य 21 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

अदालत ने चुनाव आयोग की दलीलों को दर्ज कर लिया। लेकिन अदालत ने आयोग को उन कारणों का खुलासा करने के लिए हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया, जिसकी वजह से तीन सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव स्थगित करने का फैसला किया गया था।

अदालत ने याचिकाकर्ताओं - केरल विधानसभा और माकपा के वकील की इस दलील के बाद निर्देश दिया कि आयोग ने तीन सीटों के लिए प्रस्तावित चुनाव की कार्यवाही स्थगित करने का कारण नहीं बताया है।

मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।

राज्य विधानसभा और सत्तारूढ़ माकपा ने राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव की कार्यवाही को स्थगित करने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी है। केरल से खाली हो रही तीन सीटों के लिए चुनाव 12 अप्रैल को होने थे।

आयोग ने शुरू में घोषणा की थी कि तीन सीटों के लिए चुनाव 12 अप्रैल को होंगे लेकिन बाद में उसने कहा कि केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय से मिले एक संदेश के बाद इसे स्थगित किया जा रहा है।

Kerala high court
Kerala
election commission

Related Stories

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

अदालत ने ईसाई महिला, डीवाईएफआई के मुस्लिम नेता के अंतरधार्मिक विवाह में हस्तक्षेप से किया इनकार

सीपीआईएम पार्टी कांग्रेस में स्टालिन ने कहा, 'एंटी फ़ेडरल दृष्टिकोण का विरोध करने के लिए दक्षिणी राज्यों का साथ आना ज़रूरी'

सीताराम येचुरी फिर से चुने गए माकपा के महासचिव

केरल में दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत लगभग सभी संस्थान बंद रहे

विज्ञापन में फ़ायदा पहुंचाने का एल्गोरिदम : फ़ेसबुक ने विपक्षियों की तुलना में "बीजेपी से लिए कम पैसे"  

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 7,554 नए मामले, 223 मरीज़ों की मौत

ख़बरों के आगे-पीछे: विपक्ष को पोस्टल बैलेट में खेल होने का डर

केरल : वीज़िंजम में 320 मछुआरे परिवारों का पुनर्वास किया गया


बाकी खबरें

  • रवि शंकर दुबे
    भाजपा की ‘’देखा-देखी बुल्डोज़र राजनीति’’ में विकास के हाथ-पांव फूल चुके हैं!
    22 Apr 2022
    देश में इन दिनों भाजपा शासित राज्य बुल्डोज़र की आवाज़ से गरज रहे हैं, जिसमें न सिर्फ लोगों के घरौंदे रौंदे जा रहे हैं, बल्कि असल मुद्दों को भी जमकर कुचला जा रहा है।
  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या सांप्रदायिकता बड़े कारोबारियों को नापसंद है?
    22 Apr 2022
    हम सबको लगता है कि जब देश में सांप्रदायिक हिंसा बढ़ती है तो करोबार का माहौल खराब होता है. क्या वाकई ऐसा होता है? या यह महज धारणा है? सांप्रदायिक मनोभाव का शिकार नौजवान क्यों हो रहे है? साल 1990 के…
  • आज का कार्टून
    लाउडस्पीकर तो बहाना है...
    22 Apr 2022
    देश में अब एक नए राजनीतिक मुद्दे का जन्म हो चुका है, ‘’लाउडस्पीकर’’… क्योंकि मौजूदा सरकार के हिसाब से बेरोज़गारी, महंगाई, रोज़गार अब याद रखने योग्य नहीं।
  • हर्षवर्धन
    कौन हैं ग़दरी बाबा मांगू राम, जिनके अद-धर्म आंदोलन ने अछूतों को दिखाई थी अलग राह
    22 Apr 2022
    मांगू राम को अपने स्कूली जीवन में वह सब झेलना पड़ा जो उस वक़्त ‘अस्पृश्य’ माने जाने वाली जातियों के बच्चों को झेलना पड़ता था।
  • कुमुदिनी पति
    राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना को क्यों खत्म कर रही है मोदी सरकार?
    22 Apr 2022
    भारत सरकार के श्रम मंत्रालय ने बिना कोई कारण बताए पिछले माह अचानक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सूचित कर दिया कि एनसीएलपी (NCLP) को 31 मार्च 2022 के बाद से नहीं चलाया जाएगा और इसे केंद्रीय…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License