NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
केरल राज्यसभा चुनाव: माकपा ने दो सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की
माकपा केरल से राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव लड़ेगी और उसने अपने राज्य समिति के सदस्य डॉ. वी शिवदासन और कैराली न्यूज के प्रबंध निदेशक (एमडी) जॉन ब्रिट्स को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है।
भाषा
17 Apr 2021
केरल राज्यसभा चुनाव: माकपा ने दो सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की

तिरुवनंतपुरम: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) केरल से राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव लड़ेगी और उसने अपने राज्य समिति के सदस्य डॉ. वी शिवदासन और कैराली न्यूज के प्रबंध निदेशक (एमडी) जॉन ब्रिट्स को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है।

वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के संयोजक और पार्टी सचिव प्रभारी ए विजयराघवन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

विजयराघवन ने मीडिया को बताया कि शिवदासन और ब्रिट्स राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव लड़ेंगे जिसके लिए 30 अप्रैल को चुनाव होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘माकपा की राज्य समिति के सदस्य डॉ. वी शिवदासन और कैराली न्यूज के एमडी जॉन ब्रिट्स केरल से राज्यसभा की सीटों के लिए एलडीएफ उम्मीदवार होंगे।’’

उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनकी क्षमताओं का मूल्यांकन करने के बाद उन्हें उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है।

तीन दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार, ब्रिट्स, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के मीडिया सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे थे।

उन्हें 11 सितंबर, 2003 को कैराली टीवी के एमडी के रूप में नियुक्त किया गया था।

शिवदासन माकपा की छात्र इकाई स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

केरल से राज्यसभा की तीन सीट 21 अप्रैल को रिक्त होंगी क्योंकि तीन सदस्यों माकपा के नेता के के रागेश, कांग्रेस के वायलार रवि और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के पी वी अब्दुल वहाब का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

CPI-M
Kerala Rajya Sabha Elections
Left Democratic Front

Related Stories

चुनावी वादे पूरे नहीं करने की नाकामी को छिपाने के लिए शाह सीएए का मुद्दा उठा रहे हैं: माकपा

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

बिना अनुमति जुलूस और भड़काऊ नारों से भड़का दंगा

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

करौली हिंसा पर फैक्ट फाइंडिंग:  संघ-भाजपा पर सुनियोजित ढंग से हिंसा भड़काने का आरोप

मध्यप्रदेश विधानसभा निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित, उठे सवाल!

सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव : सीपीआईएम अपना रिकॉर्ड बरक़रार रखने को तैयार

पुडुचेरी विवि में 2 साल पहले के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 11 छात्रों को सज़ा

पश्चिम बंगाल : सिलीगुड़ी में उठी किसान आंदोलन के समर्थन की आवाज़


बाकी खबरें

  • Women Hold Up More Than Half the Sky
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    महिलाएँ आधे से ज़्यादा आसमान की मालिक हैं
    19 Oct 2021
    हाल ही में जारी हुए श्रम बल सर्वेक्षण पर एक नज़र डालने से पता चलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 73.2% महिला श्रमिक कृषि क्षेत्र में काम करती हैं; वे किसान हैं, खेत मज़दूर हैं और कारीगर हैं।
  • Vinayak Damodar Savarkar
    डॉ. राजू पाण्डेय
    बहस: क्या स्वाधीनता संग्राम को गति देने के लिए सावरकर जेल से बाहर आना चाहते थे?
    19 Oct 2021
    बार-बार यह संकेत मिलता है कि क्षमादान हेतु लिखी गई याचिकाओं में जो कुछ सावरकर ने लिखा था वह शायद किसी रणनीति का हिस्सा नहीं था अपितु इन माफ़ीनामों में लिखी बातों पर उन्होंने लगभग अक्षरशः अमल भी किया।
  • Pulses
    शंभूनाथ शुक्ल
    ‘अच्छे दिन’ की तलाश में, थाली से लापता हुई ‘दाल’
    19 Oct 2021
    बारिश के चलते अचानक सब्ज़ियों के दाम बढ़ गए हैं। हर वर्ष जाड़ा शुरू होते ही सब्ज़ियों के दाम गिरने लगते थे किंतु इस वर्ष प्याज़ और टमाटर अस्सी रुपए पार कर गए हैं। खाने के तेल और दालें पहले से ही…
  • migrant worker
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कश्मीर में प्रवासी मज़दूरों की हत्या के ख़िलाफ़ 20 अक्टूबर को बिहार में विरोध प्रदर्शन
    19 Oct 2021
    "अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद घाटी की स्थिति और खराब हुई है। इससे अविश्वास का माहौल कायम हुआ है, इसलिए इन हत्याओं की जिम्मेवारी सीधे केंद्र सरकार की बनती है।”
  • Non local laborers waiting for train inside railwaysation Nowgam
    अनीस ज़रगर
    कश्मीर में हुई हत्याओं की वजह से दहशत का माहौल, प्रवासी श्रमिक कर रहे हैं पलायन
    19 Oct 2021
    30 से अधिक हत्याओं की रिपोर्ट के चलते अक्टूबर का महीना सबसे ख़राब गुज़रा है, जिसमें 12 नागरिकों की हत्या शामिल हैं, जिनमें से कम से कम 11 को आतंकवादियों ने क़रीबी टारगेट के तौर पर मारा है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License