NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
शिक्षा
भारत
राजनीति
केरल: नौ महीनों बाद फिर से खुले स्कूल
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में कोविड दिशानिर्देशों के पालन के साथ स्कूलों और कॉलेजों सहित शिक्षण संस्थानों को फिर से खोलने का फैसला किया गया था।
भाषा
01 Jan 2021
केरल: नौ महीनों बाद फिर से खुले स्कूल
Image courtesy: Prabhasakshi

तिरुवनंतपुरम: कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर नौ महीने बंद रहने के बाद केरल में स्कूल फिर खोल दिए गए और इतने दिनों बाद स्कूल जा रहे छात्रों में उत्साह देखने को मिला।

हालांकि शुक्रवार को आंशिक तौर पर खुले स्कूलों में सफाई, मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और बार-बार हाथ धोने जैसे दिशानिर्देशों के अनुपालन पर ध्यान दिया गया।

सरकार के निर्देश पर केरल के स्कूलों में 10वीं और 12वीं की कक्षाएं सीमित घंटों के लिए खोली गईं। लेकिन, अन्य छात्रों से दूरी बनाए रखने और एक बेंच पर केवल एक छात्र के बैठने के सख्त निर्देश के कारण कुछ छात्रों में निराशा दिखी।

इन नौ महीनों में, छात्र केरल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (केआईटीई) के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं में भाग ले रहे थे।

उनके शरीर का तापमान मापने के लिए स्कूलों के प्रवेश द्वार पर डिजिटल थर्मामीटर लगाया गया है। यह प्रक्रिया अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अनिवार्य है ।

अभिभावकों से सहमति पत्र मिलने के बाद ही उन्हें स्कूल परिसर में प्रवेश दिया गया।

मार्च में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के बाद से ही केरल में स्कूल बंद रहे ।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में कोविड दिशानिर्देशों के पालन के साथ स्कूलों और कॉलेजों सहित शिक्षण संस्थानों को फिर से खोलने का फैसला किया गया था।

सामान्य शिक्षा विभाग ने अपने दिशा-निर्देशों में साफ कहा है कि स्कूलों में एक बार में केवल 50 प्रतिशत छात्रों को ही अनुमति दी जाए और पहले सप्ताह में कक्षाओं में एक बेंच पर एक ही छात्र को बैठाया जाए।

Kerala
Kerala school reopen
Pinarayi Vijayan
covid-19 guidelines

Related Stories

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

यूपी: कोविड-19 के असली आंकड़े छुपाकर, नंबर-1 दिखने का प्रचार करती योगी सरकार  

केरल सरकार के 100-दिवसीय कार्यक्रम के तहत नए घर, विद्यालय भवन, सड़कें एवं फुटबॉल अकादमियां की गईं निर्मित  

क्या केरल कोविड-19 संक्रमण संभालने में विफल रहा? आंकड़ों से जानिए सच!

'ऑक्सीजन निगरानी' : एक कल्याणकारी राज्य के बारे में पुनर्विचार

कोविड-19 के मामलों में कमी, लेकिन स्थिति संतोषजनक नहीं : विजयन

सात सालों में मोदी के सामने अब तक की सबसे बड़ी चुनौती

केरल : कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण क़ैदियों को मिलेगी राहत

केरल : कोविड-19 से निपटने के उपायों को मज़बूत करेगा, चिकित्सा विद्यार्थियों की मदद ली जाएगी

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन कोरोना वायरस से संक्रमित


बाकी खबरें

  • भाषा
    हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित
    28 Mar 2022
    हरियाणा में सोमवार को रोडवेज कर्मी देशव्यापी दो दिवसीय हड़ताल में शामिल हुए जिससे सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बाधित हुईं। केंद्र की कथित गलत नीतियों के विरुद्ध केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त मंच ने…
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: “काश! हमारे यहां भी हिंदू-मुस्लिम कार्ड चल जाता”
    28 Mar 2022
    पाकिस्तान एक मुस्लिम बहुल और इस्लामिक देश है। अब संकट में फंसे इमरान ख़ान के सामने यही मुश्किल है कि वे अपनी कुर्सी बचाने के लिए कौन से कार्ड का इस्तेमाल करें। व्यंग्य में कहें तो इमरान यही सोच रहे…
  • भाषा
    केरल में दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत लगभग सभी संस्थान बंद रहे
    28 Mar 2022
    राज्य द्वारा संचालित केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसें सड़कों से नदारत रहीं, जबकि टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और निजी बसें भी राज्यभर में नजर नहीं आईं। ट्रक और लॉरी सहित वाणिज्यिक वाहनों के…
  • शिव इंदर सिंह
    विश्लेषण: आम आदमी पार्टी की पंजाब जीत के मायने और आगे की चुनौतियां
    28 Mar 2022
    सत्ता हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी के लिए आगे की राह आसन नहीं है। पंजाब के लोग नई बनी सरकार से काम को ज़मीन पर होते हुए देखना चाहेंगे।
  • सुहित के सेन
    बीरभूम नरसंहार ने तृणमूल की ख़ामियों को किया उजागर 
    28 Mar 2022
    रामपुरहाट की हिंसा ममता बनर्जी की शासन शैली की ख़ामियों को दर्शाती है। यह घटना उनके धर्मनिरपेक्ष राजनीति की चैंपियन होने के दावे को भी कमज़ोर करती है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License