NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
केरल : सफाईकर्मी का काम करने वाली महिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित
‘‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसे कार्यालय में इतने बड़े पद पर पहुंच पाऊंगी जहां मैं अंशकालिक सफाईकर्मी का काम कर रही थी।’’
भाषा
01 Jan 2021
केरल : सफाईकर्मी का काम करने वाली महिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित

कोल्लम: आनंदवल्ली एक दशक पहले जब अशंकालिक सफाईकर्मी के तौर पर काम करने के लिए पतनापुरम ब्लॉक पंचायत पहुंची थीं तो उन्होंने सोचा भी नहीं था कि एक दिन वह स्थानीय निकाय की प्रमुख बन जाएंगी।

वंचित वर्ग के सशक्तिकरण की प्रतीक, अनुसूचित जाति की आनंदवल्ली (46) हालिया स्थानीय निकाय चुनावों के बाद पंचायत की अध्यक्ष चुनी गयी हैं।

माकपा की सदस्य आनंदवल्ली ने कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसे कार्यालय में इतने बड़े पद पर पहुंच पाऊंगी जहां मैं अंशकालिक सफाईकर्मी का काम कर रही थी।’’

हालिया निकाय चुनाव में अधिकतर सीटें जीतने वाले माकपा नीत एलडीएफ ने पतनापुरम ब्लॉक अध्यक्ष पद के लिए आनंदवल्ली के नाम का प्रस्ताव दिया।

माकपा उम्मीदवार आनंदवल्ली ने चुनावों में तलावुर डिवीजन में बड़े अंतर से इस सीट पर जीत हासिल की।

पतनापुरम की 13 सदस्यीय ब्लॉक पंचायत में एलडीएफ ने 13 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि मुख्य विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ को छह सीटें मिली।

परिषद में एलडीएफ की नेता चुनी जाने के बाद आनंदवल्ली ने 30 दिसंबर को अध्यक्ष का कार्यभार संभाल लिया। अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति या महिलाओं के लिए आरक्षित था।

उनकी उपलब्धि पर परिवार, दोस्तों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया कैसी रही, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मेरा गांव बहुत खुश है।’’ आनंदवल्ली के परिवार के कुछ और भी सदस्य माकपा से जुड़े हैं। उनके पति पार्टी की स्थानीय कमेटी के सदस्य हैं।

आनंदवल्ली ने कहा कि पिछले सप्ताह तक वह ब्लॉक कार्यालय में जिन अधिकारियों के पास चाय पहुंचाती थीं, वह भी उन्हें ब्लॉक पंचायत के शीर्ष पद देखकर खुश हुए।

माकपा की शाखा कमेटी सदस्य आनंदवल्ली ने कहा, ‘‘उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए मेरा हौसला बढ़ाया। शुरुआत में मैं थोड़ा हिचक रही थी लेकिन उन लोगों के समझाने पर मैंने चुनाव लड़ने का फैसला किया। हर किसी ने मेरी मदद की।’’

आनंदवल्ली, परियोजना समीक्षा बैठकों के दौरान हॉल में अध्यक्ष, अधिकारियों और परिषद के सदस्यों को चाय-पानी पहुंचाती थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं बैठकों में सदस्यों द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों को गौर से सुनती थी। मुझे इस संबंध में जानकारी है। अब मैं प्रक्रिया से लेकर विभिन्न कामकाज तक हर चीज के बारे में जानकारी लूंगी। ’’

इंटरमीडिएट तक पढ़ाई कर चुकीं आनंदवल्ली ने कहा कि वह इस पद के साथ न्याय करने और उचित फैसले के लिए अपनी पार्टी के सहयोगियों और अधिकारियों की मदद लेंगी।

आनंदवल्ली 2011 में अशंकालिक सफाईकर्मी के तौर पर पंचायत कार्यालय से जुड़ी थीं। वर्ष 2017 तक उन्हें 2,000 रुपये मासिक वेतन मिलता था। बाद में यह राशि बढ़ाकर 6,000 रुपये की गयी थी।

kerala panchayat
Anandavalli
CPI(M)
LDF Government
kerala local polls
Kerala Sweeper
Pathanapuram panchayat

Related Stories

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

सिवनी : 2 आदिवासियों के हत्या में 9 गिरफ़्तार, विपक्ष ने कहा—राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपी अभी तक हैं बाहर

जोधपुर की घटना पर माकपा ने जताई चिंता, गहलोत सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग

हिंदुत्व एजेंडे से उत्पन्न चुनौती का मुकाबला करने को तैयार है वाम: येचुरी

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

गैर-स्टार्टर स्मार्ट सिटी में शहरों में शिमला कोई अपवाद नहीं है

तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में चारों नगर निगमों में भारी जीत हासिल की

नया बजट जनता के हितों से दग़ाबाज़ी : सीपीआई-एम


बाकी खबरें

  • मुकुल सरल
    मदर्स डे: प्यार का इज़हार भी ज़रूरी है
    08 May 2022
    कभी-कभी प्यार और सद्भावना को जताना भी चाहिए। अच्छा लगता है। जैसे मां-बाप हमें जीने की दुआ हर दिन हर पल देते हैं, लेकिन हमारे जन्मदिन पर अतिरिक्त प्यार और दुआएं मिलती हैं। तो यह प्रदर्शन भी बुरा नहीं।
  • Aap
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: केजरीवाल के ‘गुजरात प्लान’ से लेकर रिजर्व बैंक तक
    08 May 2022
    हर हफ़्ते की ज़रूरी ख़बरों को लेकर एक बार फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: हम सहनशील तो हैं, पर इतने भी नहीं
    08 May 2022
    हम ग़रीबी, बेरोज़गारी को लेकर भी सहनशील हैं। महंगाई को लेकर सहनशील हो गए हैं...लेकिन दलित-बहुजन को लेकर....अज़ान को लेकर...न भई न...
  • बोअवेंटुरा डे सौसा सैंटोस
    यूक्रेन-रूस युद्ध के ख़ात्मे के लिए, क्यों आह्वान नहीं करता यूरोप?
    08 May 2022
    रूस जो कि यूरोप का हिस्सा है, यूरोप के लिए तब तक खतरा नहीं बन सकता है जब तक कि यूरोप खुद को विशाल अमेरिकी सैन्य अड्डे के तौर पर तब्दील न कर ले। इसलिए, नाटो का विस्तार असल में यूरोप के सामने एक…
  • जितेन्द्र कुमार
    सवर्णों के साथ मिलकर मलाई खाने की चाहत बहुजनों की राजनीति को खत्म कर देगी
    08 May 2022
    सामाजिक न्याय चाहने वाली ताक़तों की समस्या यह भी है कि वे अपना सारा काम उन्हीं यथास्थितिवादियों के सहारे करना चाहती हैं जो उन्हें नेस्तनाबूद कर देना चाहते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License