NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
खगेंद्र ठाकुर : असहमति के साथ विश्वसनीयता और बर्दाश्त करने का माद्दा
"वे साझा वाम आंदोलन के पक्षधर थे और हमेशा वाम एकजुटता की बात करते थे। उनके लिए आपसी एकजुटता सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी। "
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Jan 2020
Khagendra Thakur

दिल्ली: "आज उन जैसों (खगेंद्र ठाकुर) की जरूरत है जो असहमति बेशक जताएँ लेकिन विश्वसनीयता और बर्दाश्त करने का माद्दा हो क्योंकि लोगों की कहनी और करनी में बहुत अंतर नज़र आता है। जबकि उनकी कहनी और करनी में अंतर नहीं होता था।"

यह कहना है वरिष्ठ आलोचक विश्वनाथ त्रिपाठी का। वे प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) की दिल्ली इकाई के तत्वावधान में अजय भवन में खगेंद्र ठाकुर की याद में हुई शोकसभा में बोल रहे थे। इस मौक़े पर खगेंद्र जी के क़रीबी मित्र-सहयोगी मौजूद थे।

हिंदी के वरिष्ठ कवि, लेखक, आलोचक खगेंद्र ठाकुर का पिछली 13 जनवरी को पटना के एम्स अस्पताल में निधन हो गया था। वे 83 वर्ष के थे। प्रगतिशील लेखक संघ के महासचिव रहे खगेंद्र ठाकुर पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे।

9 सितंबर 1937 को झारखंड के गोड्डा के मालिनी में जन्में खगेंद्र ठाकुर ने आलोचना के क्षेत्र में विशेष काम किया। इसके अलावा वे व्यंग्य, कविता और संस्मरण के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे।

IMG-20200121-WA0010.jpg

प्रगतिशील लेखक संघ, दिल्ली की महासचिव फ़रहत रिज़वी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सभा में विश्वनाथ त्रिपाठी ने पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद करते हुए कहा कि 1964 में पार्टी में बहुत से बदलाव आए, कई बार उन्होंने कड़ी असहमति जताई लेकिन पार्टी लाइन पर उसकी नीतियों पर मज़बूती से खड़े रहे लेखन में भी वही प्रतिबद्धता देखी जा सकती है।

खगेंद्र ठाकुर के सहपाठी रहे मुरली मनोहर प्रसाद सिंह ने कॉलेज के दिनों के निजी मैत्रीपूर्ण और छात्र जीवन के राजनीतिक संघर्ष के संस्मरणों को साझा किया जब उन युवाओं की मित्र जोड़ी को हीरा-मोती कहा जाता था। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद ये संबंध खगेंद्र ठाकुर की मौत तक 60 सालों के अंतराल में भी सहज बना रहा। उन्होंने का वे united communist movement (साझा वाम आंदोलन) के पक्षधर थे और हमेशा वाम एकजुटता की बात करते थे। उनके लिए आपसी एकजुटता सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी।

इनके अलावा कई अन्य सहयोगियों, लेखकों और सांस्कृतिक कर्मियों ने भी उन्हें याद करते हुए अपने संस्मरण साझा कए। प्रो. गोपेश्वर सिंह, शिव मंगल सिद्वांतकर, लीलाधर मंडलोई, मदन कश्यप, प्रो. सुबोध मालाकार, हीरालाल राजस्थानी, अली जावेद और विनीत तिवारी ने उनके साथ अपनी स्मृतियों को साझा किया।

प्रो. गोपेश्वर ने कहा कि मैं जय प्रकाश आंदोलन में सक्रिय था और कुछ प्रश्न लेकर उनके पास गया था। उस मुलाक़ात ने मेरा दृष्टिकोण ही बदल दिया। वो मेरे वैचारिक गुरू थे।

मदन कश्यप ने उनकी उन विशेषताओं की तरफ़ इशारा किया जिन्हें गुण या खूबियां कहा जाता है। खगेंद्र ठाकुर डिग्री कॉलेज में अध्यापक थे और नौकरी छोड़ कर पार्टी के लिए पूरा जीवन दे दिया। इस शोकसभा में सुजाता माथुर, बाल मुकुंद और विनीत तिवारी ने खगेंद्र ठाकुर की कुछ सामायिक रचनाओं का पाठ करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी

Khagendra Ṭhākura
Left movements
Khagendra Ṭhākura death
United communist movement

Related Stories

बिहार ने दिया है वाम दलों को और मज़बूती से जनता की लड़ाई लड़ने का जनादेश

गुरुदास दासगुप्ता की विरासत को हमेशा दिलों में संजो कर रखा जाएगा  


बाकी खबरें

  • कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,259 नए मामले, 35 मरीज़ों की मौत
    29 Mar 2022
    देश में अब तक कोरोना से पीड़ित 98.75 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 85 हज़ार 534 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • ब्रेंडा हास
    ऑस्कर थप्पड़ विवाद: विल स्मिथ को ज़बरदस्त ऑनलाइन प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा
    29 Mar 2022
    ऑस्कर विजेता विल स्मिथ के ऑस्कर अवॉर्ड्स में क्रिस रॉक को थप्पड़ जड़ने को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गयी है। हालांकि, इस पर क़रीब-क़रीब सभी सहमत हैं कि किसी घटिया मज़ाक का जवाब हिंसा नहीं है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    देशव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन, जगह-जगह धरना-प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    सुबह से ही मज़दूर नेताओं और यूनियनों ने औद्योगिक क्षेत्र में जाकर मज़दूरों से काम का बहिष्कार करने की अपील की और उसके बाद मज़दूरों ने एकत्रित होकर औद्योगिक क्षेत्रों में रैली भी की। 
  • तान्या वाधवा
    क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?
    29 Mar 2022
    बोलीविया के राष्ट्रपति लुइस एर्स ने कैलामा की लड़ाई के स्मरणोत्सव के मौके पर, चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक से चिली के पूर्व राष्ट्रपति सल्वाडोर अलेंदे के शब्दों की याद दिलाते हुए पूछा कि क्या…
  • रवि शंकर दुबे
    पंजाब के पूर्व विधायकों की पेंशन में कटौती, जानें हर राज्य के विधायकों की पेंशन
    29 Mar 2022
    आपके आसपास सरकार भले ही काम न करे, लेकिन चुने हुए विधायकों के आराम की पूरी व्यवस्था की जाती है, उनके रिटायर होने पर भी उनका पूरा ख़याल रखा जाता है। हालांकि पंजाब सरकार ने इसमें कटौती का फ़ैसला लिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License