NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
खोरी गांव: मकानों को टूटने से बचाने के लिए यूनाइटेड नेशन को भेजा ज्ञापन
मज़दूर आवास संघर्ष समिति ने बताया की उन्हें मौखिक आश्वासन मिला है की अतिशीघ्र ही भारत सरकार को यूनाइटेड नेशन की ओर से पत्र लिखा जायेगा एवं खोरी गांव में वर्चुअल विजिट की जाएगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Jul 2021
खोरी गांव: मकानों को टूटने से बचाने के लिए यूनाइटेड नेशन को भेजा ज्ञापन

हरियाणा के फरीदाबाद जिले के अरावली की पहाड़ियों में बसा खोरी गांव, जहाँ लगभग 1 लाख मजदूर जनता रहती हैं। लेकिन लगातार यहाँ की मजदूर जनता भय के साये में जी रही हैं। अपने घर को बचाने के लिए मजदूर परिवारों ने 30 तारीख को खोरी गांव के अम्बेडकर पार्क में मजदूर पंचायत का आयोजन किया था लेकिन वहाँ जब जनता एकजुट हुई तो उनके ऊपर पुलिस द्वारा लाठी चार्ज किया गया। इसमें कई महिलाओं समेत कई लोग बुरी तरह घायल हो गए। पुलिस ने 7 छात्र एवं मजदूरों को गिरफ्तार किया और उन्हें देर रात 11 बजे जाकर ज़मानत पर रिहा किया। हालाँकि उसके बाद भी वहां महपंचायत हुई और उसमें निर्णय किया गया कि प्रशासन ने 7 जुलाई तक इनके उचित पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की तो उसके बाद बड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस महापंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा के नेता भी शामिल हुए थे।

इस बीच वहां के निवासियों ने सरकार और कोर्ट से गुहार लगाई लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली ऐसे में अब उन्होंने यूनाइटेड नेशन का रुख किया है। मजदूर आवास संघर्ष समिति (फरीदाबाद) जो शुरूआत से ही खोरी गाँव के लोगों के विस्थापित किए जाने का विरोध कर रहा है और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष भी कर रहा है। अब उनकी ओर से यूनाइटेड नेशन रिपोटेरियर, चेयरपर्सन - राज गोपाल बालाकृष्णन को एक ज्ञापन सौंपा गया।

समिति ने बताया की उन्हें यूनाइटेड नेशन की ओर से मौखिक आश्वासन मिला है कि अतिशीघ्र ही भारत सरकार को यूनाइटेड नेशन की ओर से पत्र लिखा जायेगा एवं खोरी गांव में वर्चुअल विजिट की जाएगी।

समिति ने एक बयान जारी करते हुए पुलिस प्रशासन के रैवेये पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि आज खोरी गाँव में दशहत और डर का माहौल बना हुआ है। पुलिस रात को आती हैं और गाँव के नौजवानों को उठा ले जाती हैं। पुलिस प्रशासन मजदूरों के साथ भद्दा मजाक सा करती नजर आ रही है।

आगे उन्होंने बतया कि पिछले लगातार दो दिनों से फरीदाबाद पुलिस प्रशासन खोरी गांव में जाकर सर्वे के नाम पर लोगों से संपर्क करती है लेकिन हर दहलीज पर खड़ी हुई महिलाएं अपना दरवाजा बंद कर लेती है। डर और खौफ में जी रहे खोरी के निवासी पुलिस की वर्दी से इतने भयभीत हैं कि अपनी जानकारी ठीक प्रकार से पुलिस के साथ साझा भी नहीं कर पा रहे हैं। जबकि पुलिस लोगो से जबरदस्ती जानकारी उगलवाने के लिए कई हथकंडे अपना रही है। इस जानकारी में व्यक्तिगत जानकारी, भूमि संबंधित जानकारी, भूमाफियाओं की जानकारी आदि सम्मिलित है किंतु मजदूर की सामाजिक आर्थिक स्थिति के बारे में कोई भी सवाल जवाब नही किया जा रहा है और न ही उनके परिवार संबंधित कोई जानकारी नहीं ली जा रही है। पुलिस द्वारा किया जा रहा सर्वे मजदूर परिवारों को डराने धमकाने का एक एक हथकंडा है। इस फॉर्म पर किसी प्रकार का कोई सरकारी मोहर या किसी संस्थान व विभाग का नाम नहीं है और न ही सर्वे का जिक्र है।

शुक्रवार को खोरी गांव में एक व्यक्ति की लाश मिली है जिसकी शिनाख्त अभी हो नहीं पाई है। गांव में इस बात को लेकर दुख का माहौल हैं। समिति ने कहा यह गांव में तोड़फोड़ आदेश के बाद दुख एवं अवसाद में हुई कई मौतों में से एक है। ये लगातार हो रही है मौते साफ शब्दों में हत्याएं है जो इस खौफ के माहोल में बढ़ती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट, केंद्र एवं राज्य सरकार को इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेने की आवश्यकता है।

समिति और वहां के स्थानीय लोगों की मांग है कि

1. जहाँ झुग्गी वहीं मकान
2. जिन मजदूरों के घरों को तोड़ा गया हैं, उनको सरकार मुआवजा दे
3. बिजली, पानी की सप्लाई तुरंत बहाल हो
4.पानी, बिजली की कमी के कारण जितने भी मजदूरों की मौत हुई उनके परिजनों को सरकार मुआवजा दे

आपको बता दें कि 7 जून को उच्चतम न्यायालय ने एक याचिका की सुनवाई में खोरी गाँव बस्ती के लोगों को हटाने के लिए फरीदाबाद नगर निगम व प्रशासन को 6 सप्ताह का समय दिया है। आदेश के बाद से ही बस्ती में नोटिस लगा दिया गया और वहां पर भारी पुलिस बल तैनात कर बस्ती को छावनी में बदल दिया गया है। हरियाणा के फरीदाबाद जिले के अरावली वनक्षेत्र का है जहाँ कोरोना  महमारी, मानसून मौसम से तुरंत पहले और भीषण गर्मी के बीच, कुछ सप्ताह पहले 10000 परिवारों को नगर पालिका ने बेघर कर रही है। हालाँकि ये सब उच्चतम न्यायलय के आदेश पर किया जा रहा है। ये सभी परिवार लगभग 25-30 वर्षों से फरीदाबाद के खोरी गांव इलाक़े के आरावली क्षेत्र में रहते थे। खोरी गांव कई सालों पुराना असंगठित क्षेत्र के मजदूर परिवारों का गांव है।

Haryana
Faridabad
Khori village
Khori Village Clashes
United nations
Mazdoor Awas Sangharsh Samiti

Related Stories

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

फरीदाबाद : आवास के मामले में सैकड़ों मजदूर परिवारों को हाईकोर्ट से मिली राहत

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ मामले पर विधानसभा में पेश किया प्रस्ताव

विभाजनकारी चंडीगढ़ मुद्दे का सच और केंद्र की विनाशकारी मंशा

हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित

हरियाणा के बजट पर लोगों की प्रतिक्रिया 

हरियाणा: हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकार्ताओं के आंदोलन में अब किसान और छात्र भी जुड़ेंगे 

हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने

मोदी सरकार द्वारा केंद्र शासित प्रदेशों के बिजली निगमों का निजीकरण "अलोकतांत्रिक" और "संघीय ढांचे के ख़िलाफ़"

हरियाणा : आंगनवाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल 3 महीने से जारी, संगठनों ने सरकार से की बातचीत शुरू करने की मांग


बाकी खबरें

  • Gujarat Riots
    बादल सरोज
    गुजरात दंगों की बीसवीं बरसी भूलने के ख़तरे अनेक
    05 Mar 2022
    इस चुनिन्दा विस्मृति के पीछे उन घपलों, घोटालों, साजिशों, चालबाजियों, न्याय प्रबंधन की तिकड़मों की याद दिलाने से बचना है जिनके जरिये इन दंगों के असली मुजरिमों को बचाया गया था।
  • US Army Invasion
    रॉजर वॉटर्स
    जंग से फ़ायदा लेने वाले गुंडों के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत
    05 Mar 2022
    पश्चिमी मीडिया ने यूक्रेन विवाद को इस तरह से दिखाया है जो हमें बांटने वाले हैं। मगर क्यों न हम उन सब के ख़िलाफ़ एकजुट हो जाएं जो पूरी दुनिया में कहीं भी जंगों को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं?
  • government schemes
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना के दौरान सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं ले पा रहें है जरूरतमंद परिवार - सर्वे
    05 Mar 2022
    कोरोना की तीसरी लहर के दौरान भारत के 5 राज्यों (दिल्ली, झारखंड, छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, ओडिशा) में 488 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना हेतु पात्र महिलाओं के साथ बातचीत करने के बाद निकले नतीजे।
  • UP Elections
    इविता दास, वी.आर.श्रेया
    यूपी चुनाव: सोनभद्र और चंदौली जिलों में कोविड-19 की अनसुनी कहानियां हुईं उजागर 
    05 Mar 2022
    ये कहानियां उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और चंदौली जिलों की हैं जिन्हे ऑल-इंडिया यूनियन ऑफ़ फ़ॉरेस्ट वर्किंग पीपल (AIUFWP) द्वारा आयोजित एक जन सुनवाई में सुनाया गया था। 
  • Modi
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव : क्या पूर्वांचल की धरती मोदी-योगी के लिए वाटरलू साबित होगी
    05 Mar 2022
    मोदी जी पिछले चुनाव के सारे नुस्खों को दुहराते हुए चुनाव नतीजों को दुहराना चाह रहे हैं, पर तब से गंगा में बहुत पानी बह चुका है और हालात बिल्कुल बदल चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License