NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
खोरी गांव : पुलिसिया दमन के बीच आज भी जारी रहा तोड़-फोड़, हरियाणा सरकार की पुनर्वास योजना हवा हवाई
फरीदाबाद खोरी गांव में लोग रोते रहे, चिल्लाते-बिलखते रहे किंतु प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा चल रही तोड़फोड़ जारी रही। आज यानि गुरुवार को लगभग 1700 घरों को तोड़ दिया गया है। इसका विरोध कर रहे कुल 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है जिनपर एफआईआर नंबर 0461/2021 के तहत धारा आईपीसी 109, 114, 147,149,153, 188, 269 एवं डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा 51 के तहत मामला दर्ज हुआ है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Jul 2021
खोरी गांव : पुलिसिया दमन के बीच आज भी जारी रहा तोड़-फोड़, हरियाणा सरकार की पुनर्वास योजना हवा हवाई

फरीदाबाद खोरी गांव में चल रही तोड़फोड़ के दौरान आज यानि गुरुवार को लगभग 1700 घरों को तोड़ दिया गया है किंतु पुनर्वास के नाम पर नगर निगम फेल होता हुआ नजर आया। 10 से अधिक बुलडोजर चर्च कॉलोनी के पास का क्षेत्र, इस्लाम चौक, झारखंड कॉलोनी में बड़ी बर्बरतापूर्वक चलाए गए। कई लोगों के खाने-पीने के सामान तक घर से नहीं निकले कि बुलडोजर ने उनके घरों को धराशाई कर दिया। लोग रोते रहे, चिल्लाते रहे और प्रशासन को बार-बार पुनर्वास के लिए गुहार लगाते रहे किंतु प्रशासन एवं नगर निगम पुनर्वास के मुद्दे पर मौन रहकर बेदखली के लिए आगे बढ़ता चला गया जबकि एक महिला बेदखली के समय घायल भी हो गई है।

ये सभी बातें वहां मौजूद स्थानीय लोगों के द्वारा हम तक पहुंचाई गई क्योंकि पुलिस ने गांव के भीतर मीडिया के जाने पर रोक लगा रखी है। प्रशासन न सिर्फ वहां जाने से रोक रहा है बल्कि कई मीडिया के साथ बदसलूकी भी कर रहा है।

मजदूर आवास संघर्ष समिति के सदस्य निर्मल गोराना ने बताया कि पुलिस प्रशासन फरीदाबाद मजदूर आवास संघर्ष समिति के सदस्य को टारगेट कर रहा है ताकि पुनर्वास की आवाज खोरी में धराशाई किए गए घरों के मलबे में दबकर रह जाए। इसी क्रम में निर्मल गोराना ने बताया कि क्राइम ब्रांच की पुलिस सादी वर्दी में खोरी गांव में घूम रही है और अपने मनमुताबिक हर किसी व्यक्ति को पकड़ कर ले जा रही है। उसके बाद परिजन यदि पुलिस थाने में संपर्क करते हैं तो उनको कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। 13 जुलाई को गिरफ्तार किए गए शमशेर एवं 14 जुलाई को गिरफ्तार किए गए इकरार अहमद,ऑसास, शकील सैफी, शब्बीर अंसारी को आज दोपहर 1:30 बजे पुलिस कमिश्नर अंजू सिंगला के समक्ष पेश किया गया जिन्हें आज तड़के दो दिन के लिए नीमका जेल भेज दिया गया।

मकान तोड़े जाने का विरोध करने वालों पर हुआ मुक़दमा दर्ज

फ़रीदाबाद के खोरी गांव में बस्‍ती उजाड़े जाने का प्रतिरोध करने पर पुलिस ने जनता पर लाठीचार्ज किया और नौ संघर्षरत लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है। हरियाणा पुलिस ने गुरुवार सुबह बस्‍ती उजाड़ने का विरोध कर रही जनता पर बर्बर लाठीचार्ज किया और उसके बाद बिगुल मज़दूर दस्ता के सार्थक, डीएसयू के प्रभाकर, इंकलबी मज़दूर केंद्र के नितेश और स्‍थानीय निवासी मोतीलाल, अनिल कुमार, रामआशीष कुमार, कल्‍पना देवी, मुन्‍नीदेवी और कविता देवी को एफआईआर नंबर 0461/2021 में धारा आईपीसी 109, 114, 147,149,153, 188, 269 एवं डिजाजस्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा 51 के तहत गिरफ़्तार कर लिया है। पुलिस उन्‍हें पहले सुरजकुण्‍ड थाने ले गई थी। अभी तक की  प्राप्‍त सूचना के अनुसार उन्‍हें डीसी आफिस/डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, सेक्टर 12, फरीदाबाद में पेश किया गया जहां उन्‍हें जमानत मिल गई है।

प्रशासन का पुनर्वास का दावा हवा-हवाई, अभी तक पॉलिसी नोटिफाई भी नहीं हुई

मजदूर आवाज संघर्ष समिति खोरी गांव के सदस्य गोवड़ा प्रसाद बनाम हरियाणा सरकार के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह मामला हरियाणा में पुनर्वास की योजना को लेकर था जिसमें संशोधन की मांग मजदूर आवाज संघर्ष समिति खोरी गांव की तरफ से की गई थी। उक्त मामले में हरियाणा सरकार ने मौखिक रूप से कहा कि हरियाणा सरकार 2003 की कट ऑफ डेट को 2021 कर चुकी है किंतु यह ड्राफ्ट पॉलिसी है। इसे अभी नोटिफाई नहीं किया गया है, जिस कारण यह दस्तावेज सरकारी रूप से प्रमाणित नहीं माना जा सकता है।

मजदूर आवास संघर्ष समिति ने एक पत्र के माध्यम से नगर निगम आयुक्त, नगर प्रशासन उपायुक्त एवं डीसीपी फरीदाबाद को निम्नलिखित निवेदन किया है जो इस प्रकार है ----

1. नगर निगम ने पुनर्वास हेतु जो टीम गठित की है वो तत्काल ही बेदखल किए गए परिवारों को जो पुनर्वास चाहते है उन्हें डबुआ कॉलोनी में बनाए गए घरों की चाबी हाथों हाथ सुपुर्द करें । यदि वह घर रहने लायक नहीं है तो उन्हें किसी ट्रांसिट कैंप में अस्थाई आश्रय प्रदान करें, उसके लिए किसी भी प्रकार के आवेदन का इंतजार नहीं करें।

2. पुनर्वास के रूप में प्रदान किए जा रहे घर की कीमत मजदूर परिवारों से नहीं वसूली जाए। यह निशुल्क सुविधा सरकार की तरफ से पुनर्वास के रूप में पूरे गांव के निवासियों को प्रदान की जानी चाहिए। कोरोना महामारी के दौरान इन मजदूर परिवारों का रोजगार भी छिन चुका है, वो अभी घर की कीमत अदा करने की हालत में नहीं है।

3. पुनर्वास का लाभ लेने वाले परिवारों की ₹30000 आय की सीमा भी खत्म करनी चाहिए।

4. पुनर्वास हेतु वोटर आईडी कार्ड, परिवार पहचान पत्र एवं बिजली कनेक्शन फॉर्म के साथ आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों में  से किसी भी एक को मान्य किया जाए।

5. जिन परिवारों के पास में दस्तावेज नहीं है, उन्हें भी सूचीबद्ध किया जाए तथा उन्हें ट्रांसिट कैंप में शिफ्ट किया जाए और उनके पुनर्वास पर विचार किया जाना चाहिए।

6. नगर निगम द्वारा द्वारा जारी की गई पुनर्वास की योजना केवल मात्र एक ड्राफ्ट दस्तावेज के रूप में है, जिसे हरियाणा सरकार द्वारा तत्काल नोटिफाई करवाने की आवश्यकता है। कल अगर यह योजना का ड्राफ्ट बदल दिया गया तो इसकी क्या गारंटी रहेगी कि लोगों को पुनर्वास मिलेगा। सरकार को तत्काल ही नोटिफाई कॉपी पब्लिक डोमेन में शेयर करनी चाहिए।

7. नगर निगम द्वारा की जा रही तोड़फोड़ के दौरान लोगों पर जुल्म किया जा रहा है एवं पुलिस प्रशासन द्वारा झूठे मुकदमे में खोरी गांववासियों एवं मानवाधिकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों में ठूंसा जा रहा है इसलिए मीडिया कर्मियों को खोरी गांव में प्रवेश की इजाजत दी जाए ताकि पारदर्शिता का पालन हो और लोगों को नगर निगम की कार्रवाई पर संदेह है न हो।

8. फरीदाबाद पुलिस द्वारा कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।  इस संबंध में मजदूर आवाज संघर्ष समिति का डीसीपी फरीदाबाद से निवेदन है कि तत्काल ही जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उन्हें खाली बातचीत कर के छोड़ देना चाहिए। यदि अपराध संगीन है और इसकी सजा 7 वर्ष से अधिक है, तब भी आरोपी को पर्सनल बांड पर छोड़ दिया जाना चाहिए। क्योंकि अरनेश कुमार बनाम बिहार सरकार के आदेश में उपरोक्त तथ्य सम्मिलित है। Contagion of covid-19 virus in presens Suo moto Wite Petition(civil) 1 of 2020 में अरनेश कुमार बनाम बिहार सरकार के मामले में दिए गए गाइडलाइन को फॉलो करना आवश्यक समझा जाए।

Supreme Court
Khori village
Khori Demolition
Faridabad
Haryana
COVID-19
Haryana Government
haryana police
manohar laal khattar

Related Stories

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

लंबे संघर्ष के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायक को मिला ग्रेच्युटी का हक़, यूनियन ने बताया ऐतिहासिक निर्णय

दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार

हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा

हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने

हरियाणा : आंगनवाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल 3 महीने से जारी, संगठनों ने सरकार से की बातचीत शुरू करने की मांग

केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान


बाकी खबरें

  • govt employee
    अनिल जैन
    निजीकरण की आंच में झुलस रहे सरकारी कर्मचारियों के लिए भी सबक़ है यह किसान आंदोलन
    28 Nov 2021
    किसानों की यह जीत रेलवे, दूरसंचार, बैंक, बीमा आदि तमाम सार्वजनिक और संगठित क्षेत्र के उन कामगार संगठनों के लिए एक शानदार नज़ीर और सबक़ है, जो प्रतिरोध की भाषा तो खूब बोलते हैं लेकिन कॉरपोरेट से लड़ने…
  • poverty
    अजय कुमार
    ग़रीबी के आंकड़ों में उत्तर भारतीय राज्यों का हाल बेहाल, केरल बना मॉडल प्रदेश
    28 Nov 2021
    मल्टीडाइमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स के मुताबिक केरल के अलावा भारत का और कोई दूसरा राज्य नहीं है, जहां की बहुआयामी गरीबी 1% से कम हो। 
  • kisan andolan
    शंभूनाथ शुक्ल
    हड़ताल-आंदोलन की धार कुंद नहीं पड़ी
    28 Nov 2021
    एक ज़माने में मज़दूर-किसान यदि धरने पर बैठ जाते थे तो सत्ता झुकती थी। पर पिछले चार दशकों से लोग यह सब भूल चुके थे।
  • Hafte Ki Baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    संवैधानिक मानववाद या कारपोरेट-हिन्दुत्ववाद और यूपी में 'अपराध-राज'!
    27 Nov 2021
    संविधान दिवस के मौके पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोपों-प्रत्यारोपो की खूब बौछार हुई. क्या सच है-संविधानवाद और परिवारवाद का? क्या भारत की सरकारें सचमुच संविधान के विचार और संदेश के हिसाब से…
  • crypto
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या Crypto पर अंकुश ज़रूरी है?
    27 Nov 2021
    मोदी सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर अंकुश लगा रही हैI लेकिन आखिर यह क्रिप्टोकरेंसी है क्या? क्या यह देश में मुद्रा की जगह ले सकती है?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License