NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
कृषि
भारत
राजनीति
किसान आंदोलन : सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने की बैठक, बुधवार को सरकार और किसानों के बीच बातचीत
आज, मंगलवार को सरकार और किसानों के बीच में बातचीत होनी थी परन्तु सरकार ने उसे टाल दिया और अब दसवें दौर की वार्ता बुधवार 20 जनवरी को होगी। इस बीच सुप्रीम कोर्ट की कमेटी की आज पहली बैठक हुई। कमेटी ने कहा इसकी विस्तारित बैठक दोबारा 21 जनवरी को होगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Jan 2021
किसान आंदोलन

दिल्ली: नए कृषि कानूनों को लेकर पिछले 56 दिन से सर्दी में दिल्ली के बॉर्डरों पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को सरकार और किसानों के बीच में बातचीत होनी थी परन्तु सरकार ने उसे टाल दिया और अब दसवें दौर की वार्ता बुधवार 20 जनवरी को होगी।

केंद्र ने कहा है कि दोनों पक्ष जल्द से जल्द गतिरोध सुलझाना चाहते हैं लेकिन अलग विचारधारा के लोगों की संलिप्तता की वजह से इसमें देरी हो रही है। सरकार की तरफ से बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए आज यानी 19 जनवरी को होने वाली सुप्रीम कोर्ट  बैठक का हवाला दिया गया।  हालांकि  किसानों ने कोर्ट की कमेटी को पूरी तरह से नकार दिया है, इस कमेटी के एक सदस्य ने पहले ही इससे ख़ुद को अलग कर लिया है। इस सबके बावजूद सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने आज, मंगलवार को पहली बैठक की।

कमेटी ने कहा है कि विस्तारित बैठक दोबारा 21 जनवरी को होनी है। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान पहले ही समिति से अलग हो चुके हैं। समिति में शेतकारी संगठन (महाराष्ट्र) के प्रमुख के अलावा, कृषि-अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी और प्रमोद कुमार जोशी शामिल हैं।  

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, 'हम सुप्रीम कोर्ट की बनाई कमेटी की मीटिंग में नहीं जा रहे हैं। सरकार अध्यादेश के जरिए कानून लेकर आई है। ये कानून जहां से आए हैं, वहीं वापस जाने चाहिए।'

सरकार ने यह दावा किया कि नये कृषि कानून किसानों के हित में हैं और कहा कि जब भी कोई अच्छा कदम उठाया जाता है तो इसमें अड़चनें आती हैं। सरकार ने कहा कि मामले को सुलझाने में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि किसान नेता अपने हिसाब से समाधान चाहते हैं।

कृषि मंत्रालय के एक बयान में सोमवार को कहा गया, ‘‘विज्ञान भवन में किसान संगठनों के साथ सरकार के मंत्रियों की वार्ता 19 जनवरी के बजाय 20 जनवरी को दोपहर दो बजे होगी।
 
सरकार और किसान संगठनों के बीच पिछली बैठकें बेनतीजा रही थी। इसलिए किसानों को सरकार से बातचीत को लेकर बहुत उम्मीद नहीं है। किसान अपने आगे की आंदोलन की तैयारियों में जुटा हुआ है। किसान परेड को लेकर पुलिस लगातार किसान नेताओं से बात कर रही है कि उसे किसान टाल दें। इसको लेकर भी आज दिल्ली पुलिस के अधिकारी और किसान नेताओं के बीच बैठक हुई। उसमें भी कोई नतीजा नहीं निकला। किसानों ने साफ़ किया कि वो अपनी प्रस्तावित किसान परेड करेंगे।

इस बीच एक हिंदी अखबार ने एक किसान नेता पर पैसे लेने के आरोप लगाया है। इस आधार पर कई समाचार चैनल और अख़बार सरकार के साथ दसवें दौर की वार्ता से पहले संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों में पड़ी फूट, आपस में भिड़े गुरनाम सिंह चढ़ूनी और शिवकुमार कक्का जैसी खबरें चला रहे हैं।

हालांकि दोनों नेताओं ने आज एक वीडियो संदेश जारी कर इस तरह की खबरों का खंडन किया और शिवकुमार कक्का ने इस तरह की खबर प्लांट करने वाले समाचार संस्थान भास्कर ग्रुप के ख़िलाफ़ मानहानि का केस करने की भी चेतावनी दी है।  

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

farmers protest
farmers protest update
kisan andolan
Farm bills 2020
Supreme Court
Farmer Government Meeting

Related Stories

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

लंबे संघर्ष के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायक को मिला ग्रेच्युटी का हक़, यूनियन ने बताया ऐतिहासिक निर्णय

मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

किसानों को आंदोलन और राजनीति दोनों को साधना होगा

किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे

जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?

ऐतिहासिक किसान विरोध में महिला किसानों की भागीदारी और भारत में महिलाओं का सवाल

पंजाब : किसानों को सीएम चन्नी ने दिया आश्वासन, आंदोलन पर 24 दिसंबर को फ़ैसला


बाकी खबरें

  • Farming in UP
    सुबोध वर्मा
    उत्तर प्रदेश चुनाव : डबल इंजन की सरकार में एमएसपी से सबसे ज़्यादा वंचित हैं किसान
    07 Feb 2022
    सरकार द्वारा एमएसपी पर कुल उत्पादित गेहूं में से सिर्फ़ 15 फ़ीसदी और धान में से सिर्फ़ 32 फ़ीसदी का उपार्जन किया गया। बाकी की फ़सल को किसानों को एमएसपी से कम मूल्य पर व्यापारियों को बेचने पर मजबूर…
  • economic crisis
    भरत डोगरा
    प्रोग्रेसिव टैक्स से दूर जाती केंद्र सरकार के कारण बढ़ी अमीर-ग़रीब के बीच असमानता
    07 Feb 2022
    वेल्थ टैक्स के उन्मूलन जैसे प्रतिगामी बदलावों ने अप्रत्यक्ष करों पर निर्भरता बढ़ा दी है।
  • Lata Mangeshkar
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    अंतिम विदा: मेरी आवाज़ ही पहचान है...जिसे तुम भुला न पाओगे
    06 Feb 2022
    लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार रविवार देर शाम पूरे राजकीय सम्मान के साथ मुंबई के शिवाजी स्टेडियम में किया गया। उनके निधन पर दो दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका…
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसी भी मांग या सवाल पर योगी सरकार ने लाठियां ही दी है: जयंत चौधरी
    06 Feb 2022
    न्यूज़क्लिक ने RLD के जयंत चौधरी से उत्तर प्रदेश चुनावों, सपा-RLD गठबंधन और योगी सरकार पर बातचीत की। पेश है नीलू व्यास और जयंत चौधरी की बातचीत।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड चुनाव 2022 : दम तोड़ता अल्मोड़ा का ताम्र उद्योग !
    06 Feb 2022
    उत्तराखंड का अल्मोड़ा शहर कभी ताम्रनगरी के रूप में जाना जाता था परंतु अब तांबे का काम अपने पतन की ओर है। कभी उत्तराखंड ही नही देश का गौरव रहे तांबा कारीगर आज अपने गुज़र-बसर के लिए मजबूर हो गए है।…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License