NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
किसान आंदोलन :असामाजिक तत्वों ने सिंघु बॉर्डर पर किसानों के टेंट में लगाई आग
संयुक्त मोर्चे ने बताया आज(शुक्रवार) कुछ असामाजिक तत्वों ने सिंघु बॉर्डर पर किसानों के टेंट में आग लगा दी। करीब 12 बजे लगी इस आग से टेंट में रखा सामान व साथ मे खड़ी एक कार आग चपेट में आ गयी। किसी इंसान को शारीरिक चोट नहीं हुई व स्थिति पर काबू पा लिया गया। इस संदर्भ में कुंडली पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई गईं है। इस तरह के प्रयासों से भय का माहौल पैदा किया जा रहा है परंतु इन हरकतों से किसान नहीं डरने वाले है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Apr 2021
 किसान आंदोलन :असामाजिक तत्वों ने सिंघु बॉर्डर पर किसानों के टेंट में लगाई आग
image courtesy: social media

केंद्र के तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर हरियाणा के कुंडली में प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए बने तीन से चार अस्थायी ढांचे बृहस्पतिवार को आग लगने से क्षतिग्रस्त हो गए।

दमकल विभाग के अधिकारी ने बताया कि आग लगने की वजह का पता लगाया जा रहा है।

हालांकि, किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने आरोप लगाया कि यह साजिश है और किसी ने जानबूझकर आग लगाई।

उन्होंने दावा किया, ‘‘कुछ किसानों ने एक व्यक्ति को भागते हुए देखा।’’

संयुक्त मोर्चे ने बताया  आज(शुक्रवार) कुछ असामाजिक तत्वों ने सिंघु बॉर्डर पर किसानों के टेंट में आग लगा दी। करीब 12 बजे लगी इस आग से टेंट में रखा सामान व साथ मे खड़ी एक कार आग चपेट में आ गयी। किसी इंसान को शारीरिक चोट नहीं हुई व स्थिति पर काबू पा लिया गया। इस संदर्भ में कुंडली पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई गईं है। इस तरह के प्रयासों से भय का माहौल पैदा किया जा रहा है परंतु इन हरकतों से किसान नहीं डरने वाले है।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि किसानों के दावों की जांच की जा रही है।

सभी विपरीत परस्थतियो के किसान आंदोलन 140  दिनों से चल रहा है।  शुक्रवार को संयुक्त मोर्चे नेकहा  कि फ़सल के हल्के नुकसान के बावजूद मोर्चों पर किसान डटे हैं।

मोर्चे के बयाना के मुतबिक तीन खेती कानूनो को कोरोना लॉकडाउन में इसलिये लाया गया था कि इनका बड़ा विरोध न हो सके। किसानों ने इसे अपने अस्तित्व की लड़ाई के रूप में देखते हुए महामारी के उस दौर में भी लड़ने का फैसला किया।

अब कटाई का भी समय है व किसानों को फसल बेचनी भी है। इस व्यस्त समय मे भी किसान अपनी फसल को दांव पर रखके दिल्ली मोर्चे पर डटे हुए है। चूंकि गाँव के किसान मजदूर अंतर्निर्भर हैं इसलिए फसल का नुकसान होना कम है पर सरकार किसान को उसके द्वारा पाल पौष कर तैयार की हुई फसल से दूर रख रही है।

किसान संगठन अभी भी अपने संघर्ष को लड़ने की बात कहते है।  संयुक्त मोर्चे ने कहा हालांकि शुरू में किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था परन्तु हरियाणा सरकार द्वारा लगातार किसानों को परेशान व बदनाम करने की कोशिशों के कारण किसानों ने उनके सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की हुई है। किसानों की चेतावनी के बावजूद भाजपा जजपा के नेता हरियाणा में कार्यक्रम करने की कोशिश करते है जिसका एकमात्र उद्देश्य हिंसा भड़काना व आंदोलन को कमजोर करना है। किसानों ने किसान विरोधी हरियाणा के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री के हर कार्यक्रम का विरोध किया है। कैथल में उपमुख्यमंत्री का विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज किया गया जिसकी सयुंक्त मोर्चा निंदा करता है। हरियाणा की भाजपा जजपा सरकार चाहे विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव जीत गयी हो पर जनता का विश्वास पूरी तरह खो चुकी है।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Farmer's protest
Singhu Border
MSP
New Farm Laws

Related Stories

क्यों है 28-29 मार्च को पूरे देश में हड़ताल?

28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?

मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा

एमएसपी पर फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा

कृषि बजट में कटौती करके, ‘किसान आंदोलन’ का बदला ले रही है सरकार: संयुक्त किसान मोर्चा

केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान

किसानों को आंदोलन और राजनीति दोनों को साधना होगा

ऐतिहासिक किसान विरोध में महिला किसानों की भागीदारी और भारत में महिलाओं का सवाल

किसान आंदोलन ने देश को संघर्ष ही नहीं, बल्कि सेवा का भाव भी सिखाया


बाकी खबरें

  • mathura
    भाषा
    मथुरा में पार्टी विशेष को वोट न देने पर अनुसूचित जाति के लोगों की पिटाई, दस घायल
    22 Feb 2022
    आरोपियों ने रविवार की शाम को यह कहते हुए कुछ लोगों को पीटा कि उनके कहने के बावजूद उनके प्रत्याशी को वोट क्यों नहीं दिया गया। इस घटना में दस लोग घायल हुए हैं जो अनुसूचित जाति के बताए जाते हैं।
  • Azamgarh
    विजय विनीत
    यूपी: चुनाव के बीच आज़मगढ़ में कहर बनकर टूटी ज़हरीली शराब, अब तक 13 लोगों की मौत
    22 Feb 2022
    आज़मगढ़ में जहरीली शराब से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों का दर्द एक जैसा है। जहरीली शराब ने अहरौला थाना क्षेत्र के माहुल कस्बे में 20 फरवरी की रात से तांडव मचाना शुरू किया तो सिलसिला थमा ही नहीं।…
  • up elections
    डॉ. राजू पाण्डेय
    विचार: बिना नतीजे आए ही बहुत कुछ बता गया है उत्तर प्रदेश का चुनाव
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव का संकेत स्पष्ट है। उत्तर प्रदेश और देश पर शासन करने वाली सबसे ताकतवर पार्टी भाजपा के लिए मुस्लिम समुदाय न केवल अस्पृश्य है बल्कि उसे वह देश के लिए एक समस्या के रूप में प्रस्तुत कर…
  • Hijab
    राम पुनियानी
    हिजाब पर बवाल के बहुआयामी निहितार्थ
    22 Feb 2022
    हमें कुछ मुद्दों पर सावधान रहने की जरूरत है। हिन्दू दक्षिणपंथियों को मुस्लिम साम्प्रदायिकता और अतिवाद से बढ़ावा मिलता है। क्या हिजाब मुद्दे पर छिड़े विवाद में मुस्लिम साम्प्रदायिक ताकतों की भागीदारी है?
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 13,405 नए मामले, 235 मरीज़ों की मौत
    22 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1 लाख 81 हज़ार 75 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License