NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोसोवो ने इज़रायल के साथ संबंध स्थापित किया, येरूशलम में अपना दूतावास खोलने वाला तीसरा देश बन जाएगा
इज़रायल ने फिलिस्तीन पर कब्जे के कारण अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में अपनी राजनयिक अलगाव को समाप्त करने के लिए अपनी विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव में कोसोवो की स्वतंत्रता की एकतरफा घोषणा को मान्यता दी।
पीपल्स डिस्पैच
02 Feb 2021
कोसोवो ने इज़रायल के साथ संबंध स्थापित किया, येरूशलम में अपना दूतावास खोलने वाला तीसरा देश बन जाएगा

कोसोवो और इजरायल के विदेश मंत्रियों ने एक वर्चुअल बैठक में राजनयिक संबंधों की स्थापना की घोषणा करने के लिए सोमवार 1 फरवरी को एक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किया। कोसोवो इज़रायल को मान्यता देगा ऐसे में इजरायल इसे मान्यता देने वाला 117 वां देश बन जाएगा।

कोसोवो के विदेश मामलों के मंत्री मेलिजा हाराडीनाज स्टुब्ला प्रिस्टिना में हैं और इज़राइल में उनके समकक्ष गबी अशकेनाज़ी ने संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए। इस ऑनलाइन समारोह में अमेरिकी उपसहायक सचिव मैथ्यू पालमार ने भी भाग लिया।

यह समझौता पिछले साल सितंबर में डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन द्वारा औपचारिक रूप से किए गए समझौते का एक हिस्सा था। यह मुस्लिम बहुल देशों के बीच इजरायल के राजनयिक अलगाव को समाप्त करने के लिए अमेरिका की समग्र नीति का एक हिस्सा भी है।

पूर्व युगोस्लाविया का एक हिस्सा कोसोवो एक विवादित क्षेत्र है जिसने 2008 में सर्बिया से स्वतंत्रता का दावा किया था। इसकी स्वतंत्रता को अब तक इज़रायल समेत 117 देशों ने मान्यता दी है।

कोसोवो ने येरूशेलम में अपना दूतावास खोलने का भी फैसला किया है। फिलिस्तीनियों द्वारा येरुशेलम पर अपने कब्जे का दावा किए जाने के चलते अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा येरूशेलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता नहीं दी गई है। येरुशेलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता नहीं देने के अमेरिका के अपने स्वयं के समझौते को तोड़ते हुए अमेरिका ने 2018 में तेल अवीव से अपने दूतावास को इस शहर में स्थानांतरित करने का फैसला किया था। ऐसा करने वाला अमेरिका और ग्वाटेमाला के बाद कोसोवो तीसरा देश बन जाएगा।

हालांकि अपने चुनाव अभियान के दौरान राष्ट्रपति बाइडेन ने ट्रम्प के अमेरिकी दूतावास को येरुशेलम स्थानांतरित करने की आलोचना की थी साथ ही उन्होंने इसे तेल अवीव वापस ले जाने से भी इनकार कर दिया है।

तुर्की सहित कई देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन बताते हुए येरूशेलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने के लिए कोसोवो के फैसले की आलोचना की है।

कोसोवो ने यहूदी-विरोधीवाद की आईएचआरए निर्णय को अपनाने की भी घोषणा की, जिसके बायकॉट, डाइवेस्टमेंट और सैंक्शन (बीडीएस) आंदोलन जैसे आंदोलनों के कामकाज पर प्रभाव पड़ सकते हैं।

Kosovo
Israel
Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • JANAZA
    ज़ाकिर अली त्यागी
    हरदोई: क़ब्रिस्तान को भगवान ट्रस्ट की जमीन बता नहीं दफ़नाने दिया शव, 26 घंटे बाद दूसरी जगह सुपुर्द-ए-खाक़!
    08 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश के हरदोई बीजेपी से जुड़े एक शख़्स ने शव को दफ़्न करने से रोक दिया, और क़ब्रिस्तान की ज़मीन पर अपना दावा ठोक दिया, हैरानी की बात यह रही कि कार्रवाई करने की बजाय प्रशासन भी उनकी ताल में…
  • अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी
    एजाज़ अशरफ़
    अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी
    08 Jan 2022
    यह समझना महत्वपूर्ण होगा कि आखिर क्यों रक्षा कर्मी हिंदुत्व के समर्थन में हैं और पर्यावरण का मुद्दा इस पहाड़ी राज्य के लिए चुनावी मुद्दा नहीं है।
  • ECI
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    5 राज्यों में चुनाव तारीख़ों की घोषणा, यूपी में 7 चरणों में चुनाव, 10 मार्च को मतगणना
    08 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से लेकर 7 मार्च तक 7 चरणों में मतदान होगा, वहीं उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में 14 फरवरी को एक चरण में और मणिपुर में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। इसी के साथ 15 जनवरी तक रैली,…
  • रवि कौशल
    राजस्थान: REET अभ्यर्थियों को जयपुर में किया गया गिरफ़्तार, बड़े पैमाने पर हुए विरोध के बाद छोड़ा
    08 Jan 2022
    दरअसल यह लोग राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) के तहत अगले चरण में पदों को बढ़वाने के लिए 70 दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। इनकी मांग है कि सीटों की संख्या को बढ़ाकर 50,000 किया जाए।
  • सोनिया यादव
    यूपी: देश के सबसे बड़े राज्य के ‘स्मार्ट युवा’ सड़कों पर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
    08 Jan 2022
    एक ओर रैलियों में बीजेपी की योगी सरकार अपनी उपलब्धियां गिनवा रही है तो वहीं दूसरी ओर चुनाव के मुहाने पर खड़े उत्तर प्रदेश के युवाओं ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License