NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कुवैत एयरवेज़ में होगी 1500 विदेशी कर्मचारियों की छंटनी
खाड़ी देशों में कोरोना वायरस लॉकडाउन और तेल की गिरती क़ीमतों की वजह से हुई आर्थिक मंदी का सबसे गहरा असर वहाँ काम कर रहे विदेशी कर्मचारियों पर पड़ा है।
पीपल्स डिस्पैच
29 May 2020
कुवैत

सरकारी एयरलाइन कंपनी कुवैत एयरवेज़ ने कल 28 मई को अपने कर्मचारियों के 1,500 कर्मचारियों की छंटनी करने की घोषणा की। ये सभी विदेशों से आए श्रमिक होंगे। कंपनी के पास कुल 7,000 कर्मचारी हैं।

गुरुवार को कंपनी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किये गए एक ट्वीट में कंपनी ने कोरोना वायरस लॉकडाउन से कंपनी पर पड़ रहे असर और छंटनी की वजह के बारे में बताया।

हालांकि, कुवैत एयरवेज़ लॉकडाउन के आगमन से पहले ही नुकसान दिखा रहा था। सरकार अब तक एयरलाइन उद्योग में श्रमिकों के लिए किसी भी राहत की घोषणा करने में विफल रही है, जो कि अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ के अनुसार 19 बिलियन अमरीकी डालर के अनुमानित नुकसान के साथ पूरे खाड़ी क्षेत्र में सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है।

इस बीच, कुवैत नगरपालिका ने भी 900 के अपने कुल प्रवासी कर्मचारियों के आधे हिस्से को बर्खास्त करने की घोषणा की। यह जानकारी मिडिल ईस्ट आई ने दी थी। पिछले महीने में देश की कई निजी कंपनियों ने इसी तरह के कारणों का हवाला देते हुए बड़ी संख्या में अपने विदेशी कर्मचारियों को बर्खास्त किया है।

 दुनिया भर में तेल, जो खाड़ी के अधिकांश देशों के लिए राजस्व के मुख्य स्रोतों में से एक है, उसकी कीमतों में गिरावट ने भी क्षेत्र में इन अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित किया है। हालांकि, विदेशी कर्मचारियों का लक्ष्य सभी खाड़ी देशों में नौकरियों में स्थानीय लोगों की प्राथमिकता की बढ़ती मांग पर आधारित है।

अकेले कुवैत में ही, जिसकी आबादी 4.6 मिलियन है, उसकी 70 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी विदेशी कर्मचारियों की है। यहाँ 3.3 मिलियन से ज़्यादा विदेशी कर्मचारी हैं।

गल्फ़ न्यूज़ के अनुसार, कुवैती संसद में कुछ विधानसभाओं ने एक विधेयक का मसौदा तैयार किया है जिसमें विदेशी श्रमिकों के लिए कोटा तय करने का प्रस्ताव है ताकि देश में जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखा जा सके। प्रस्तावों के अनुसार, भारतीय श्रमिकों को देश की समग्र आबादी के 15% से अधिक नहीं होना चाहिए। यह ईजिप्ट के श्रमिकों के लिए 10% कोटा का भी प्रस्ताव करता है।

अगर बिल पास होता है तो 8,44,000 से ज़्यादा हिंदुस्तानी उर 50,000 ईजिप्ट वासियों को उनके देश भेज दिया जाएगा।

इस बिल के ड्राफ़्ट में देश में कोरोना वायरस संकट के लिए प्रवासी कर्मचारियों को ज़िम्मेदार बताया गया है।

Kuwait
Kuwait Airways
Kuwaiti Employees

Related Stories

विपक्ष ने कुवैत के संसदीय चुनावों में बड़ी जीत हासिल की

एक वक़्त था जब कुवैत भारत का अहम साझेदार था

8 लाख भारतीयों को छोड़ना पड़ सकता है कुवैत!

कुवैत : पुलिस ने ईजिप्ट के मज़दूरों के विरोध प्रदर्शन को दबाया

सऊदी अरामको की रस्साकशी में कौन जीता? कौन हारा?


बाकी खबरें

  • cartoon
    आज का कार्टून
    "खेती बचाओ, लोकतंत्र बचाओ"
    26 Jun 2021
    किसान ही बचाएंगे खेती, किसान ही बचाएंगे लोकतंत्र। जी हां, शायद वह ऐतिहासिक मौका आ गया है। किसान दोहरी भूमिका में है, दोहरा चुनौती-दोहरा संघर्ष। आपातकाल दिवस (25-26 जून) के मौके पर भी किसान अपने…
  • पीईएसए के 25 साल: उल्लंघन एवं कमज़ोर करने के प्रयास
    सुमेधा पाल
    पेसा के 25 साल: उल्लंघन एवं कमज़ोर करने के प्रयास
    26 Jun 2021
    इस अधिनियम का मकसद शक्तियों का विकेंद्रीकरण करना और आदिवासी समाज का सशक्तीकरण करना था। पर इसके अस्तित्व में आने के आज 25 वर्ष पूरे होने के बावजूद ये अधिनियम स्पष्ट अक्षमता, संपूर्ण उल्लंघन एवं…
  • नवउदारवाद, किसान आंदोलन और स्वामी सहजानन्द सरस्वती
    अनीश अंकुर
    नवउदारवाद, किसान आंदोलन और स्वामी सहजानन्द सरस्वती
    26 Jun 2021
    स्वामी सहजानन्द सरस्वती के चलाये संघर्षों का ही परिणाम था कि देश में ज़मींदारी उन्मूलन किया गया। किसानों की सहूलियतों के लिए कई क़ानून भी पास किये गए। आज स्वामी सहजानन्द सरस्वती की पुण्यतिथि 26 जून…
  • युसूफ तारीगामी: 'हमें मिला क्या, ये हम भी जानना चाहते हैं'
    न्यूज़क्लिक टीम
    युसूफ तारीगामी: 'हमें मिला क्या, ये हम भी जानना चाहते हैं'
    26 Jun 2021
    24 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू और कश्मीर के नेताओं से मुलाकात कीI अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 और 35ए हटाए जाने के बाद से यह पहली मुलाकात थीI न्यूज़क्लिक ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी…
  • किसानों का राष्ट्रपति के नाम ‘रोषपत्र’
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसानों का राष्ट्रपति के नाम ‘रोषपत्र’
    26 Jun 2021
    “हम भारत के किसान बहुत दुख और रोष के साथ अपने देश के मुखिया को यह चिट्ठी लिख रहे हैं...”
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License