NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
लखनऊ: अतंर्राष्ट्रीय शूटिंग रेंज बना आवारा कुत्तों की नसबंदी का अड्डा
राजधानी लखनऊ में बने अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग रेंज को इन दिनों आवारा कुत्तों की नसबंदी का केंद्र बना दिया गया है, जिस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
रवि शंकर दुबे
27 Apr 2022
लखनऊ: अतंर्राष्ट्रीय शूटिंग रेंज बना आवारा कुत्तों की नसबंदी का अड्डा

बॉलीवुड की फिल्मों में कभी-कभी एक हास्यास्पद दृश्य के लिए ऐसा माहौल बनाया जाता है, जिसमें कलाकार फ्रिज में अपने कपड़े रखता है, अलमारी में किचन का सामान रखता है और किचन को वॉशरूम की तरह इस्तेमाल करता है।

कुछ ऐसा ही कारनामा इन दिनों उत्तर प्रदेश सरकार और नगर निगम मिलकर कर रहे हैं। यहां उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए बनाए गए अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग रेंज में शहर के आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा रही है। ऐसा भी नहीं कि ये सब चोरी छिपे चल रहा हो, बकायदा काबिल डॉक्टरों की देखरेख में इस शूटिंग रेंज़ को आवारा कुत्तों को नियंत्रण करने का केंद्र बना दिया गया है।

‘पत्रिका’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक नगर निगम प्रबंधक यतेंद्र त्रिपाठी कहते हैं कि, लखनऊ में आवारा कुत्तों की आबादी लगातार बढ़ रही है। हमें भवन की ज़रूरत थी तो शूटिंग रेंज के भवन को हमने अपना नया ठिकाना बना लिया। और दूसरा श्वान प्रजनन नियंत्रण केंद्र बनाया। उन्होंने बताया कि ये ऑपरेशन 11 अप्रैल से शुरू किया गया है। दिन में आठ कुत्तों का ऑपरेशन किया जाता है। यहां पर पशु चिकित्सा, एक प्रबंधक और 6 स्टाफ उपलब्ध है। भविष्य में इसको और बढ़ाया जाएगा। इस कार्य में एच.एस.आई संस्था सहयोग कर रही है।

पैर की जगह हाथों से चलने की कोशिश में लगे उत्तर प्रदेश नगर निगम के प्रबंधक का आत्मविश्वास भी गज़ब है, माने, एक तो बड़ी मुश्किल से प्रदेश के भीतर युवाओं की प्रोन्नति के लिए कोई प्रबंध किया गया है, उसपर भी वहां युवाओं को आने के लिए प्रोत्साहित करने की जगह कुत्ते पकड़-पकड़ कर लाए जा रहे हैं। अब ये किसी तरह से वैध तो नज़र नहीं आता, और अगर अवैध है तो सरकार की देख-रेख में चल रहा है। हालांकि इलाहाबाद की लखनऊ बेंच ने युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ की गंभीरता को समझते हुए संज्ञान लिया है और प्रदेश सरकार से 13 मई तक जवाब मांगा है। ये आदेश जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस राजीव सिंह की पीठ ने रचित टंडन की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर पारित किया।

याचिका में कहा गया है कि नादरगंज क्षेत्र के हरियान खेड़ा गांव में अंतरराष्ट्रीय शूटिंग रेंज स्थापित करने के लिए 14 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। मगर, इसके पश्चात शूटिंग रेंज को पूरा कर क्रियान्वयन में लाने के लिए जितनी निधि की आवश्यकता थी, वह राज्य सरकार ने आवंटित नहीं की। यह भी दलील दी गई कि वाराणसी और मेरठ के शूटिंग रेंज के लिए स्पोर्ट बजट से निधि का आवंटन किया जा चुका है। मगर, लखनऊ के लिए नहीं किया जा रहा है। कहा गया कि नोएडा में भी 13.97 करोड़ रुपए के बजट से एक शूटिंग रेंज स्थापित किया जा चुका है। याची ने आरोप लगाया कि जहां शूटिंग रेंज होना चाहिए और जिसके लिए अभी तक 14 करेाड़ खर्च किए जा चुके हैं, वहां कुत्तों की नसबंदी की जा रही है। कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार के अधिवक्ता को पूरे मामले में निर्देश प्राप्त करने का आदेश देते हुए 13 मई को उसके सामने स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

करीब 35 एकड़ में फैले और 14 करोड़ रुपये लागत से बने शूटिंग रेंज में विश्व स्तरीय निशानेबाज तैयार करने की योजना थी। मगर आजकल यहां निशानेबाज नहीं कुत्तों की नसबंदी की जा रही है। नगर निगम को पूरे लखनऊ में कोई जगह नहीं मिलने पर विश्वस्तरीय शूटिंग रेंज को कुत्तों की नसबंदी का अपना नया अड्डा बना दिया। शूटिंग रेंज की बदहाली को देखने वाला इस वक्त कोई नहीं है। आपको बता दें कि राजधानी के सरोजनी नगर के नादरगंज में विश्व स्तरीय शूटिंग रेंज को साल 2008 में बनाया गया। मशहूर निशानेबाज राज्यवर्धन राठौर की देखरेख में इसका निर्माण हुआ। यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है, इसमें अब तक 14 करोड़ रुपये खर्च हो गए हैं। और अभी और सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। शूटिंग रेंज में एटीएस कर्मचारी नियमित प्रैक्टिस करते हैं। यहां पिस्टल, राइफल डबल ट्रैप और एयर राइफल शूटिंग की जाती है।

न्यूज़क्लिक ने जब नगर निगम की इस हरकत को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अब्दुल हफीज़ गांधी से बात की, तो उन्होंने इस बात को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि जो जगह जिस चीज़ के लिए बनी है उसे उसी के लिए इस्तेमाल करना चाहिए। जहां तक कुत्तों की नसबंदी का सवाल है तो सरकार को किसी अस्पताल या फिर दूसरी जगह का प्रबंध करना चाहिए। बाकी अब्दुल हफीज़ गांधी ने इस विषय में कहा कि सरकार को इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।

13 मई को राज्य सरकार इस पर क्या जवाब देती है, ये इंतज़ार का विषय है लेकिन इतना ज़रूर है, युवाओं के लिए बनाए गए शूटिंग रेंज को आवारा कुत्तों की नसबंदी के इस्तेमाल करना कहीं न कहीं सरकार और नगर निगम की ओर से लापरवाही का सुबूत ज़रूर देती है।

Lucknow
yogi government

Related Stories

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

योगी सरकार द्वारा ‘अपात्र लोगों’ को राशन कार्ड वापस करने के आदेश के बाद यूपी के ग्रामीण हिस्से में बढ़ी नाराज़गी

बढ़ती नफ़रत के बीच भाईचारे का स्तंभ 'लखनऊ का बड़ा मंगल'

लखनऊः नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रेम और सद्भावना का महिलाएं दे रहीं संदेश

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

योगी 2.0 का पहला बड़ा फैसला: लाभार्थियों को नहीं मिला 3 महीने से मुफ़्त राशन 

ग्राउंड रिपोर्ट: स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रचार में मस्त यूपी सरकार, वेंटिलेटर पर लेटे सरकारी अस्पताल

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप


बाकी खबरें

  • black day
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: जो दरिया झूम के उट्ठे हैं तिनकों से न टाले जाएंगे...
    26 May 2021
    नवंबर 2020 में जब किसानों से पूछा गया था कि उनका आंदोलन कब तक चलेगा तो उन्होंने कहा था कि हम 6 महीने की तैयारी से आए हैं, उस समय शायद ही किसी को एहसास होगा कि वाकई ये आंदोलन 6 महीने तक उसी जज़्बे और…
  • ayur
    अजय कुमार
    आयुर्वेद हो या एलोपैथी; सवालों से बचना नहीं, सवालों का सामना ही है सही इलाज  
    26 May 2021
    अच्छा तरीका यही है कि जमकर सवाल उठाए जाएं, हर दवा और हर दावे पर विज्ञान सम्मत पद्धिति से गहन शोध हो और लोगों में उपलब्ध दवा और इलाज के बारे में भरोसा जगे।
  •  सुशील कुमार: एक महान पहलवान के गर्त में गिरने का दुख
    लेस्ली ज़ेवियर
    सुशील कुमार: एक महान पहलवान के गर्त में गिरने का दुख
    26 May 2021
    रविवार को सुशील कुमार को गिरफ़्तार कर लिया गया। उन्हें 6 दिन की हिरासत में भेजा गया है। कुश्ती के अखाड़े से बाहर सुशील कुमार का जो पतन हुआ है, उसमें उनका तो दोष है ही, लेकिन खेल व्यवस्था ने भी उनको…
  • George Floyd
    एपी
    अमेरिका में फ्लॉयड की बरसी पर रखा गया मौन, निकाली गईं रैलियां
    26 May 2021
    जिस चौराहे पर यह घटना हुई थी वहां फ्लॉयड की याद में लोगों ने मेले और संगीत प्रस्तुतियों का आयोजन किया। जर्मनी में भी एक रैली निकाली गई और ग्रीस तथा स्पेन में अमेरिका के दूतावासों में भी फ्लॉयड की याद…
  • Why-have-only-0.013%25-Healthcare-Workers-Received-Benefits-PM-Garib-Kalyan-Insurance-Scheme
    अनुषा आर॰, तन्वी सिंह
    क्यों पीएम ग़रीब कल्याण बीमा योजना के तहत केवल 0.013% हेल्थकेयर वर्कर्स को ही लाभ मिला है?
    26 May 2021
    पीएमजीके बीमा योजना केवल कोविड के कारण जीवन की हानि और कोविड से संबंधित ड्यूटि के कारण होने वाली आकस्मिक मृत्यु को कवर करती है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License