NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
उत्पीड़न
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
लखीमपुर कांड: किसानों के साथ विपक्ष भी उतरा सड़कों पर, सरकार बैकफुट पर आई, न्यायिक जांच और एफआईआर की शर्त पर समझौता
कई घंटे चली बातचीत के बाद किसान नेता राकेश टिकैत की मौजूदगी में सरकार और किसानों के बीच समझौता हो गया है। प्रत्येक मृतक के परिवार को 45 लाख के मुआवजे के अलावा घटना की “न्यायिक जांच” और 8 दिन में आरोपियों को अरेस्ट करने का वादा भी किया गया है।
असद रिज़वी
04 Oct 2021
Rakesh Tikait

उत्तर प्रदेश में सोमवार का दिन सियासी हलचल से भरा रहा। रविवार को किसान आंदोलन के दौरान आठ लोगों की मौत के बाद आज विपक्षी दलों ने योगी सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किये।

हालाँकि प्रदर्शनों की ख़बर मिलते ही शासन-प्रशासन हरकत में आ गया था। देर रात से ही विपक्षी दलों के नेताओं को नज़रबंद किया जाने लगा था। दिल्ली से लखनऊ पहुँची कांग्रेस की महासचिव को लखीमपुर जाने से रोकने की पुलिस-प्रशासन ने हर संभव कोशिश करी। 

लेकिन पुलिसकर्मीयों को चकमा देकर प्रियंका लखनऊ से बाहर निकली-लेकिन पुलिस ने उनको सीतापुर के पास हिरासत में ले लिया। इस दौरान कांग्रेस महासचिव और पुलिसकर्मियों के बीच काफ़ी कहासुनी भी हुई। प्रियंका ने पुलिस से कहा कि वह भी कानून जानती हैं और पुलिस उनको बिना वारंट के नहीं पकड़ सकती है। 

image

पुलिस द्वारा प्रियंका को सीतापुर पुलिस लाइन की सेकेंड बटालियन के गेस्ट हाउस में रखा गया जहाँ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने के गेट के बाहर ज़ोरदार प्रदर्शन किया।

कांग्रेसियों ने पुलिस लाइन के अंदर घुसने का प्रयास किया और इस दौरान उनकी और पुलिस के बीच हाथापाई भी हुई। लखीमपुर जाने की अनुमति नहीं मिलने से नाराज़ प्रियंका ने हिरासत में अनशन भी किया।

ये अनशन है- अन्नदाता के अधिकार के लिए, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए।

भाजपाई हुकूमत हमारे लोकतांत्रिक व संवैधानिक अधिकारों को नहीं कुचल सकती।

गाँधीजी के पथ पर चलते हुए अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी। #KhooniDarpokBJP#लखीमपुर_किसान_नरसंहार pic.twitter.com/qrO636YHrq

— Congress (@INCIndia) October 4, 2021

लखनऊ से लखीमपुर जाने से रोकने पर पूर्व मुख्यमंत्री  सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि किसानों पर अंग्रेजों के शासन से भी ज्यादा जुल्म भाजपा सरकार कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफे और मृतक किसानों को 2-2 करोड़ का आर्थिक सहायता देने की भी मांग की। जिसके बाद पुलिस ने सपा अध्यक्ष हिरासत में ले लिया।

image

उधर लखनऊ में अखिलेश के धरने से कुछ दूरी पर भीड़ ने पुलिस की गाड़ी को आग लगा दी। पुलिस ने प्रियंका और अखिलेश के अलावा विपक्ष के कई नेताओं को लखीमपुर पहुंचने से रोकने के लिए उन्हें हाउस अरेस्ट किया। इनमें बहुजन समाज पार्टी (बसपा) महासचिव सतीश मिश्र, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, सलमान खुर्शीद, आराधना मिश्रा और शिवपाल यादव शामिल हैं। 

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को पत्र लिखकर अमौसी एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा का विमान को चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट लैंड ना कराए जाए जाने को कहा है। बघेल और रंधावा लखीमपुर जाने वाले थे। ख़बर लिखे जाने तक प्रियंका हिरासत में थी, लेकिन अखिलेश को रिहा कर कर दिया गया है।

लखीमपुर में सोमवार की सुबह किसानों ने घटनास्थल पर पहुँचे कुछ मीडियाकर्मियों को खदेड़ दिया। इस दौरान कैमरामैन का कैमरा तोड़ दिया गया और उसकी एक अंगुली भी कट गई। मीडियाकर्मियों और पत्रकारों के बीच हुई इस झड़प के बीच हल्की पत्थरबाजी भी हुई। किसानों में गोदी मीडिया के रवैये को लेकर आक्रोश था। इसे देखते हुए टीवी चैनलों ने अपनी “ओबी वैन” भी घटनास्थल 4 से 5 किमी दूर खड़ी कीं।

पीलीभीत के भाजपा सांसद वरुण गांधी ने लखीमपुर में हिंसक घटना की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की है। गाँधी ने मुख्यमंत्री योगी को इस के एक पत्र भी लिखा है। 

जहाँ सियासी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया या नज़रबंद कर दिया गया वहीं किसान नेता राकेश टिकैत सुबह 5:30 बजे तिकुनिया गाँव पहुंचे गये। उन्होंने किसानों के शवों के अंतिम दर्शन करने के बाद अपनी मांगे रखी। टिकैत ने मृतक किसानों के परिवार को मुआवजा,नौकरी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। 

सुबह  7:15 बजे प्रशासन के अधिकारियों ने  मौक़े पर पहुंचकर राकेश टिकैत से सम्पर्क किया। मारे गए किसानों के शव लखीमपुर के अग्रसेन इंटर कॉलेज के बाहर अंतिम दर्शन के लिए रखे गए जहाँ सुबह से ही सैकड़ों ज्यादा किसान जुट गए थे।

image

कई घंटे चली बातचीत के बाद दोपहर के क़रीब किसान नेता राकेश टिकैत की मौजूदगी में सरकार और किसानों के बीच समझौता हो गया है। 

सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 45 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है। मृतक के परिवार के एक सदस्य को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसके अलवा घटना की “न्यायिक जांच” और 8 दिन में आरोपियों को अरेस्ट करने का वादा भी किया गया है।

लखीमपुर पहुँचे प्रदेश के एडीजी प्रशांत कुमार ने अपने बयान में कहा कि गए 4 किसानों के परिवारों को सरकार 45 लाख रुपए और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देगी। इसके अलावा घायलों को 10 लाख रुपए दिए जाएंगे। 

किसानों की शिकायत पर एफ़आईआर दर्ज की जाएगी और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज मामले की जांच करेंगे। 

एडीजी ने कि सीआरपीसी की धारा 144 लागू होने के कारण राजनीतिक दलों के नेताओं को ज़िले का दौरा नहीं करने दिया गया है। हालांकि, किसान संघों के नेताओं को यहां आने की अनुमति है।'

रविवार को हुई हिंसा के बाद लखीमपुर के तिकुनिया में तीन कंपनी पीएसी और प्रदेश के दूसरे ज़िलों में हरदोई, बाराबंकी, लखनऊ ग्रामीण और लखीमपुर की भारी पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है। एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर), एडीजी ज़ोन (लखनऊ) एसएन साबत, अतिरिक्त आईपीएस अजय पाल शर्मा को लगाया गया है। 

लखीमपुर में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार तक के लिए ज़िले में इंटरनेट सेवाएँ को बंद कर दिया है। कल केवल घटनास्थल के 20 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट बंद किया गया था। राजधानी लखनऊ और लखीमपुर में धारा 144 लगा दी गई है।

हालाँकि लखीमपुर में हुई हिंसक घटना में योगी सरकार बैकफुट पर नज़र आई। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र समेत 14 लोगों पर हत्या, आपराधिक साजिश और बलवे का मुक़दमा दर्ज हुआ है। 

यह मुक़दमा बहराइच ज़िले के नानपारा के रहने वाले जगजीत सिंह की तहरीर पर “तिकुनिया” थाने में दर्ज हुआ है। वहीं मंत्री अजय मिश्र के ड्राइवर की तहरीर पर तिकुनिया थाने में ही अज्ञात किसानों पर हत्या, जानलेवा हमला, बलवा और मारपीट की धाराओं में मुक़दमा दर्ज कर लिया है। हालाँकि टिकैत का टिकैत का कहना है की केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र पर भी मुक़दमा दर्ज होगा।

बता दें कि सुबह जब प्रशासन से बातचीत शुरू हुई तब किसान नेताओं की पहली मांग थी कि मंत्री, उनके बेटे व समर्थकों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो और मंत्री को बर्खास्त किया जाए।

Lakhimpur Kheri
Lakhimpur Kheri Update
rakesh tikait
Lakhimpur massacre
farmers protest
kisan andolan
opposition parties
PRIYANKA GANDHI VADRA
AKHILESH YADAV
Yogi Adityanath

Related Stories

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

अनुदेशकों के साथ दोहरा व्यवहार क्यों? 17 हज़ार तनख़्वाह, मिलते हैं सिर्फ़ 7000...

पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन

पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव

क्यों है 28-29 मार्च को पूरे देश में हड़ताल?

28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?


बाकी खबरें

  • AAKAR
    आकार पटेल
    क्यों मोदी का कार्यकाल सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में सबसे शर्मनाक दौर है
    09 Dec 2021
    जब कोरोना की दूसरी लहर में उच्च न्यायालयों ने बिल्कुल सही ढंग से सरकार को जवाबदेह बनाने की कोशिश की, तो सुप्रीम कोर्ट ने इस सक्रियता को दबाने की कोशिश की।
  • Sudha Bharadwaj
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    एल्गार परिषद मामला: तीन साल बाद जेल से रिहा हुईं अधिवक्ता-कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज
    09 Dec 2021
    भारद्वाज को 1 दिसंबर को बंबई उच्च न्यायालय ने जमानत दी थी और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत को उन पर लगाई जाने वाली पाबंदियां तय करने का निर्देश दिया था।
  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसानों की ऐतिहासिक जीत: सरकार ने सभी मांगें मानी, 11 दिसंबर से ख़ाली करेंगे मोर्चा!
    09 Dec 2021
    अंततः सरकार अपने हठ से पीछे हटकर किसानों की सभी माँगे मानने को मजबूर हो गई है। सरकार ने किसानों की लगभग सभी माँगें मान ली हैं। इस बाबत कृषि मंत्रालय की तरफ़ से एक पत्र भी जारी कर दिया गया है। किसानों…
  • Sikhs
    जसविंदर सिद्धू
    सिख नेतृत्व को मुसलमानों के ख़िलाफ़ अत्याचार का विरोध करना चाहिए: विशेषज्ञ
    09 Dec 2021
    पंजाब का नागरिक समाज और विभिन्न संगठन मुसलमानों के उत्पीड़न के खिलाफ बेहद मुखर हैं, लेकिन सिख राजनीतिक और धार्मिक नेता चाहें तो और भी बहुत कुछ कर सकते हैं।
  • Solidarity march
    पीपल्स डिस्पैच
    एकजुट प्रदर्शन ने पाकिस्तान में छात्रों की बढ़ती ताक़त का अहसास दिलाया है
    09 Dec 2021
    एकजुटता प्रदर्शन के लिए वार्षिक स्तर पर निकले जाने वाले जुलूस का आयोजन इस बार 26 नवंबर को किया गया। इसमें छात्र संगठनों पर विश्विद्यालयों में लगे प्रतिबंधों के ख़ात्मे, फ़ीस बढ़ोत्तरी को वापस लेने और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License