NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
साज़िश के तहत हुआ लखीमपुर हत्याकांड : एसआईटी
इस मामले में देश भर के किसानों और विपक्षी दलों ने लंबे समय से ये मांग की है कि आरोपी आशीष के पिता गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त किया जाए मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या भारतीय जनता पार्टी ने इसको लेकर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Dec 2021
lakhimpur

लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अब तक की छानबीन और साक्ष्यों के आधार पर दावा किया है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा 'टेनी' के पुत्र और उसके सहयोगियों द्वारा जानबूझकर, सुनियोजित साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया गया।

एसआईटी के मुख्य जांच निरीक्षक विद्याराम दिवाकर ने मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में दिये गये आवेदन में आरोपियों के विरुद्ध उपरोक्‍त आरोपों की धाराओं के तहत मुकदमा चलाने का अनुरोध किया है।

इस बीच, कांग्रेस की महासचिव और उत्तर प्रदेश मामलों की प्रभारी प्रियंका गांधी वाद्रा ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की भूमिका की भी जांच की मांग की है। प्रियंका ने सोमवार को ट्वीट किया, ‘‘न्‍यायालय की फटकार व सत्याग्रह के चलते अब पुलिस का भी कहना है कि गृह राज्य मंत्री के बेटे ने साजिश करके किसानों को कुचला था।’’ इसी ट्वीट में उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘इस बात की जांच होनी चाहिए कि साजिश में गृह राज्य मंत्री की क्या भूमिका थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किसान विरोधी मानसिकता के चलते उन्हें पद से भी नहीं हटाया है।’’

न्यायालय की फटकार व सत्याग्रह के चलते अब पुलिस का भी कहना है कि गृह राज्यमंत्री के बेटे ने साजिश करके किसानों को कुचला था

जांच होनी चाहिए कि इस साजिश में गृहराज्यमंत्री की क्या भूमिका थी? लेकिन @narendramodi जी किसान विरोधी मानसिकता के चलते आपने तो उन्हें पद से भी नहीं हटाया है। pic.twitter.com/ZLRNNefz7I

— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) December 14, 2021

वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी (एसपीओ) एस पी यादव ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच कर रहे विशेष जांचकर्ता ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 279 (लापरवाही से गाड़ी चलाने), 338 (गंभीर चोट पहुंचाना), 304 ए (लापरवाही से मौत का कारण), 307 (हत्या का प्रयास), 326 (जानबूझकर खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना), 34 (समान इरादों से कई व्यक्तियों द्वारा किया गया कृत्य) से बदलने का अनुरोध किया है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा मोनू समेत उसके 13 साथियों द्वारा लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहे किसानों को जीप से कुचलने का आरोप है।

जांच अधिकारी दिवाकर ने सीजेएम को दिये गये आवेदन में उपरोक्‍त मुकदमे का संदर्भ देते हुए कहा है कि मुकदमा अपराध संख्या 219/21 में धारा 147, 148, 149, 279, 338, 304 ए, 302 और 120 बी के तहत आशीष मिश्रा समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके तहत आरोपी आशीष मिश्रा समेत कुल 13 लोगों को उपरोक्‍त धाराओं में गिरफ्तार किया गया।

इस मामले में देश भर के किसानों और विपक्षी दलों ने लंबे समय से ये मांग की है कि आरोपी आशीष के पिता गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त किया जाए मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या भारतीय जनता पार्टी ने इसको लेकर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मामले पर ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने की मांग की है।

मोदी जी, फिर से माफ़ी माँगने का टाइम आ गया…
लेकिन पहले अभियुक्त के पिता को मंत्री पद से हटाओ।

सच सामने है!#Lakhimpur #Murder pic.twitter.com/r5wfoOLHak

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 14, 2021

एसपीओ के मुताबिक जांच अधिकारी ने सीजेएम को भेजे गये आवेदन में कहा है कि अब तक की विवेचना व संकलित साक्ष्यों से यह प्रमाणित हुआ है कि आरोपियों द्वारा आपराधिक कृत्य को लापरवाही से नहीं बल्कि जानबूझकर सुनियोजित साजिश के तहत जान से मारने की नीयत से किया गया, जिससे पांच लोगों की मृत्यु हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हुए।

जांच अधिकारी ने इस मामले में आईपीसी की धाराओं 279, 338 और 304 ए को हटा दिया और आईपीसी की धारा 307, 326, 34 और धारा 3/25/30 (शस्त्र अधिनियम) को जोड़ा है। एसआईटी ने इस मामले में आईपीसी की अन्‍य धाराएं 147, 148, 149, 302 और 120 बी को बरकरार रखा है।

यादव ने कहा, ‘‘मुख्य जांच अधिकारी ने अदालत से 13 आरोपियों के वारंट में सुधार करने का आग्रह किया, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।’’

लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया इलाके में तीन अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की यात्रा का किसानों द्वारा किये जा रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में चार किसान, एक पत्रकार, दो भाजपा कार्यकर्ता और एक चालक की मौत हो गई थी। इस संबंध में दो प्राथमिकी तिकुनिया थाने में दर्ज की गई।

पहली प्राथमिकी एक किसान जगजीत सिंह ने चार किसानों और एक पत्रकार की मौत के मामले में दर्ज कराई थी जिसमें उसने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष और 15 से 20 अन्य को आरोपी बनाया था।

दूसरी प्राथमिकी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता सुमित जायसवाल द्वारा भाजपा के दो कार्यकर्ताओं और एक चालक की मौत के मामले में दर्ज कराई गई थी जिसमें उन्होंने अज्ञात बदमाशों को आरोपी बनाया था।

उत्तर प्रदेश सरकार ने दोनों मामलों की जांच के लिए नौ सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। बाद में उच्चतम न्यायालय ने एसआईटी का पुनर्गठन किया।

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

Lakhimpur Violence
Tikonia
Ashish Mishra
UP Farmers
Congress
priyanka gandhi
Rahul Gandhi

Related Stories

हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल, कहा प्रधानमंत्री का छोटा सिपाही बनकर काम करूंगा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

कांग्रेस के चिंतन शिविर का क्या असर रहा? 3 मुख्य नेताओं ने छोड़ा पार्टी का साथ

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

15 राज्यों की 57 सीटों पर राज्यसभा चुनाव; कैसे चुने जाते हैं सांसद, यहां समझिए...


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    बलात्कार को लेकर राजनेताओं में संवेदनशीलता कब नज़र आएगी?
    13 Apr 2022
    अक्सर राजनेताओं के बयान कभी महिलाओं की बॉडी शेमिंग करते नज़र आते हैं तो कभी बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को मामूली बताने या पीड़ित को प्रताड़ित करने की कोशिश। बार-बार राजनीति से महिला विरोधी बयान अब…
  • underprivileged
    भारत डोगरा
    कमज़ोर वर्गों के लिए बनाई गईं योजनाएं क्यों भारी कटौती की शिकार हो जाती हैं
    13 Apr 2022
    क्या कोविड-19 से उत्पन्न संकट ने सरकार के बजट को बुरी तरह से निचोड़ दिया है, या यह उसकी तरफ से समाज के सबसे कमज़ोर वर्गों के अधिकारों की सरासर उपेक्षा है? इनके कुछ आंकड़े खुद ही सब कुछ बयां करते हैं।
  • ramnovmi
    अजय सिंह
    मुस्लिम जेनोसाइड का ख़तरा और रामनवमी
    13 Apr 2022
    एक बात साफ़ हो चली है, वह यह कि भारत में मुसलमानों के क़त्लेआम या जनसंहार (जेनोसाइड) की आशंका व ख़तरा काल्पनिक नहीं, वास्तविक है। इस मंडराते ख़तरे को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
  • srilanka
    पार्थ एस घोष
    श्रीलंका का संकट सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी
    13 Apr 2022
    निर्ल्लज तरीके के निजीकरण और सिंहली अति-राष्ट्रवाद पर अंकुश लगाने के लिए अधिकाधिक राजकीय हस्तक्षेप पर श्रीलंका में चल रही बहस, सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी है कि ऐसी गलतियां दोबारा न दोहराई…
  • रवि कौशल
    बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है
    13 Apr 2022
    जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मंगलवार को वे उप कुलपति से उनके कार्यालय में नहीं मिल सके। यह लोग जेएनयू में हुई हिंसा की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License