NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
लखीमपुर हिंसा:आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के लिए एसआईटी की रिपोर्ट पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब
पीठ ने कहा, ‘‘ एसआईटी ने उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को जांच की निगरानी कर रहे न्यायाधीश के दो पत्र भेजे हैं, जिन्होंने मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के वास्ते राज्य सरकार को उच्चतम न्यायालय में अपील दायर करने के लिए भी पत्र लिखा है।’’
भाषा
30 Mar 2022
lakhimpur kheri

उच्चतम न्यायालय ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही जांच की निगरानी कर रहे एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की दो रिपोर्ट पर चार अप्रैल तक जवाब देने का उत्तर प्रदेश सरकार को बुधवार को निर्देश दिया। रिपोर्ट में केन्द्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे एवं मामले में आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने की मांग की गई है।

प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की एक पीठ ने कहा कि जांच की निगरानी कर रहे सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा मामले में अजय मिश्रा को दी गई जमानत रद्द करने के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा है।

पीठ ने कहा, ‘‘ एसआईटी ने उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को जांच की निगरानी कर रहे न्यायाधीश के दो पत्र भेजे हैं, जिन्होंने मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के वास्ते राज्य सरकार को उच्चतम न्यायालय में अपील दायर करने के लिए भी पत्र लिखा है।’’

राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने शीर्ष अदालत को बताया किया कि अतिरिक्त गृह सचिव ने हमें बताया है कि उन्हें पत्र अभी मिले नहीं हैं।

पीठ ने उनसे एसआईटी की रिपोर्ट पर गौर करने और चार अप्रैल तक अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने दावा किया है कि उसने उच्च न्यायालय में जमानत का विरोध किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसी परिस्थितियों में जमानत रद्द कर दी जाए, क्योंकि उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाते समय आवश्यक कानूनी पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया।’’

दवे ने यह भी कहा कि आशीष मिश्रा ने अपने हलफनामे में दावा करते हुए कुछ दस्तावेज पेश किए थे कि वह पिछले साल तीन अक्टूबर को घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे।

दवे ने शीर्ष अदालत से इस तथ्य पर गंभीरता से गौर करने का अनुरोध करते हुए कहा, ‘‘ राज्य सरकार ने कहा कि इन दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की गई है।’’

पीठ ने कहा कि वह न्यायाधीश की रिपोर्ट और पत्र याचिकाकर्ताओं तथा उत्तर प्रदेश सरकार के वकीलों को सौंपेगी। इसके बाद उसने मामले की आगे की सुनवाई के लिए चार अप्रैल की तारीख तय की।

उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय को बताया था कि उसने लखीमपुर खीरी हिंसा के सिलसिले में आशीष मिश्रा की जमानत याचिका का ‘‘कड़ा विरोध’’ किया था, जिसमें चार किसानों सहित आठ लोग मारे गए थे। 

उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ किसानों के परिवार के सदस्यों द्वारा दायर याचिका पर दाखिल अपने जवाबी हलफनामे में प्रदेश सरकार ने यह बात कही थी।

शीर्ष अदालत ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश राकेश कुमार जैन को लखीमपुर खीरी हिंसा की उत्तर प्रदेश एसआईटी की नियमित जांच की निगरानी के लिए नियुक्त किया था।

गौरतलब है कि किसानों का एक समूह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के खिलाफ पिछले साल तीन अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहा था और तभी लखीमपुर खीरी में एक एसयूवी (कार) ने चार किसानों को कथित तौर पर कुचल दिया था। इससे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के दो कार्यकर्ताओं और एक चालक को कथित तौर पर पीट-पीट कर मार डाला, जबकि हिंसा में एक स्थानीय पत्रकार की भी मौत हो गई थी।

किसान नेताओं ने दावा किया है कि उस वाहन में आशीष मिश्रा थे, जिसने प्रदर्शनकारियों को कुचला। हालांकि, मिश्रा ने आरोपों को खारिज किया है।

LakhimpurKheri
Ajay Mishra Teni
Ashish Mishra
BJP
UP Government

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

ग़ाज़ीपुर; मस्जिद पर भगवा झंडा लहराने का मामला: एक नाबालिग गिरफ़्तार, मुस्लिम समाज में डर

टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है

चुनाव के रंग: कहीं विधायक ने दी धमकी तो कहीं लगाई उठक-बैठक, कई जगह मतदान का बहिष्कार

कौन हैं ओवैसी पर गोली चलाने वाले दोनों युवक?, भाजपा के कई नेताओं संग तस्वीर वायरल

तमिलनाडु : किशोरी की मौत के बाद फिर उठी धर्मांतरण विरोधी क़ानून की आवाज़

झारखंड: भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम युवक से की मारपीट, थूक चटवाकर जय श्रीराम के नारे लगवाए


बाकी खबरें

  • CBSE
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: प्रश्न पूछो, पर ज़रा ढंग से तो पूछो
    12 Dec 2021
    अभी ऐसे ही, बारहवीं कक्षा की परीक्षा में एक प्रश्न पूछ लिया गया कि किस सरकार के तहत सन् दो हजार दो में गुजरात में अप्रत्याशित स्तर पर मुस्लिम विरोधी हिंसा हुई थी। सरकार को अखर गया, माथा ठनक गया। इतना…
  • PM modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: अमृत महोत्सव, सांसदों को फटकार का नाटक और अन्य
    12 Dec 2021
    एक तरफ प्रधानमंत्री सांसदों को सदन में उपस्थिति रहने को कहते हैं दूसरी ओर उनकी पार्टी चुनाव वाले राज्यों के अपने करीब सौ सांसदों को निर्देश देती है कि वह सारे काम छोड़ कर अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों…
  • varanasi
    विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: बनारस में जिन गंगा घाटों पर गिरते हैं शहर भर के नाले, वहीं से होगी मोदी की इंट्री और एक्जिट
    12 Dec 2021
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को बनारस के जिन घाटों से गंगा में इंट्री और एक्जिट करेंगे, उनमें एक है खिड़किया घाट और दूसरा रविदास घाट। एक पर शाही नाले का बदबूदार पानी गंगा को गंदा कर रहा है,…
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'ईश्वर को किसान होना चाहिये...
    12 Dec 2021
    भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े जनआंदोलन में किसानों ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है और अब किसान धीरे धीरे घर की तरफ़ जा रहे हैं। पढ़िये विहाग वैभव की किसानों पर यह नज़्म...
  • Privatisation
    अजय कुमार
    महाशय आप गलत हैं! सुधार का मतलब केवल प्राइवेटाइजेशन नहीं होता!
    12 Dec 2021
    भारत के नीतिगत संसार में सुधार का नाम आने पर प्राइवेटाइजेशन को खड़ा कर दिया जाता है। इसका नतीजा यह हुआ है कि भारत की बीहड़ परेशानियां प्राइवेटाइजेशन की वजह से खड़ी हुई गरीबी की वजह से जस की तस बनी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License