NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लेबनान : सरकार द्वारा फ़्यूल सब्सिडी समाप्त करने की घोषणा के बाद विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों ने 2019 के बाद से गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट का सामना कर रहे इस देश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सुरक्षा के लिए टार्गेटेड कैश कार्ड लागू करने के लिए हसन दीआब के नेतृत्व वाली कार्यवाहक सरकार की योजना का विरोध किया है।
पीपल्स डिस्पैच
29 Jun 2021
लेबनान : सरकार द्वारा फ़्यूल सब्सिडी समाप्त करने की घोषणा के बाद विरोध प्रदर्शन

फ्यूल की कीमतों में भारी वृद्धि और इसके सब्सिडी में संभावित कमी की घोषणा के बाद सोमवार 28 जून को लेबनान में फिर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने राजधानी बेरूत और देश के अन्य प्रमुख शहरी केंद्रों में सड़कों को जाम कर दिया और अपना विरोध जताने के लिए टायर जलाया।

देश में ईंधन के आयात को धन देने के लिए डॉलर की विनिमय दर बढ़ाने के लिए पिछले शुक्रवार को एक आदेश जारी करने के बाद सोमवार को लेबनान के केंद्रीय बैंक ने घोषणा की कि वह एक डॉलर के मुकाबले 1,500 की आधिकारिक दर के बजाय 3,900 पाउंड का भुगतान इसकी आपूर्ति की गारंटी के लिए ईंधन आयातकों को करेगा। इसके चलते मंगलवार को देश में ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई। पहले से ही बढ़ती गरीबी और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृदधि से पीड़ित लोग इसे अपने जीवन निर्वाह के स्तर पर एक और हमले के रूप में देखते हैं।

खुले बाजार में लेबनानी मुद्रा की कीमत में 17,000 पाउंड प्रति डॉलर से अधिक की गिरावट ने आयात की स्थिति को बदतर बना दिया है जिससे दवाओं सहित आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। ईंधन और कुछ अन्य वस्तुओं की कीमतों को तब तक नियंत्रित किया गया था जब तक कि सरकार यूनिवर्सल सब्सिडी प्रदान करती थी।

नियमित बिजली कटौती का सामना करने वाले लेबनानी भी बिजली के लिए निजी जनरेटर पर बहुत अधिक निर्भर हैं। यह आशंका है कि फ्यूल की कीमतों में वृद्धि से बिजली आपूर्ति में और गिरावट आएगी।

सरकार सोचती है कि सब्सिडी समाप्त होने से अधिक आयात होगा क्योंकि अमीर अपनी सेवाओं और वस्तुओं के लिए भुगतान करेंगे। इसने एक टार्गेटेड कैश कार्ड प्रोग्राम जारी करने की योजना बनाई है जिसके अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर करीब 500,000 लेबनानी परिवारों को प्रति माह 137 अमेरिकी डॉलर मिलेगा।

कार्यवाहक प्रधानमंत्री हसन दीआब के नेतृत्व वाली सरकार का कहना है कि सरकार पर वित्तीय बोझ कम करने और विदेशी भंडार की कमी को रोकने के लिए फ्यूल सब्सिडी में कमी आवश्यक है। लेबनान 2019 के बाद से गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है जिसके कारण बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जिससे सरकारों को इस्तीफा देने और विश्व बैंक और आईएमएफ को चेतावनी जारी करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

Lebanon
Lebanon protests
Lebanon Government

Related Stories

इज़रायल ने दक्षिणी लेबनान में तीन अलग-अलग स्थानों पर हवाई हमले किए

लेबनान के मनोनीत पीएम नजीब मिकाती ने सरकार बनाने के लिए संसदीय बहुमत हासिल किया

लेबनानी ट्रेड यूनियनों ने बिगड़ती जीवन स्थिति के ख़िलाफ़ एक दिवसीय आम हड़ताल की

लेबनान के नेताओं पर फ़्रांस का प्रतिबंध, सुधारों में बाधा डालने के लिए दोषी ठहराया

लेबनान : मुद्रा संकट के मुद्दे पर देशव्यापी प्रदर्शन का 7वां दिन

लेबनान : कोविड-19 से संबंधित सख्त लॉकडाउन के बीच हज़ारों लोगों ने आर्थिक सहायता की कमी को लेकर प्रदर्शन किया

लेबनान के यूनियनों की सरकारी सब्सिडी में कटौती के ख़िलाफ़ बुधवार को हड़ताल

लेबनान को नया प्रधानमंत्री मिलने की संभावना

तीसरी दुनिया की संकटग्रस्त अर्थव्यवस्थाओं के लिए लेबनान संकट के मायने  

लेबनान : व्यापक प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री हसन दियाब का इस्तीफ़ा


बाकी खबरें

  • अभिलाषा, संघर्ष आप्टे
    महाराष्ट्र सरकार का एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम को लेकर नया प्रस्ताव : असमंजस में ज़मीनी कार्यकर्ता
    04 Apr 2022
    “हम इस बात की सराहना करते हैं कि सरकार जांच में देरी को लेकर चिंतित है, लेकिन केवल जांच के ढांचे में निचले रैंक के अधिकारियों को शामिल करने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता”।
  • रवि शंकर दुबे
    भगवा ओढ़ने को तैयार हैं शिवपाल यादव? मोदी, योगी को ट्विटर पर फॉलो करने के क्या हैं मायने?
    04 Apr 2022
    ऐसा मालूम होता है कि शिवपाल यादव को अपनी राजनीतिक विरासत ख़तरे में दिख रही है। यही कारण है कि वो धीरे-धीरे ही सही लेकिन भाजपा की ओर नरम पड़ते नज़र आ रहे हैं। आने वाले वक़्त में वो सत्ता खेमे में जाते…
  • विजय विनीत
    पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव
    04 Apr 2022
    पत्रकारों की रिहाई के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा का गठन किया है। जुलूस-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आंचलिक पत्रकार भी शामिल हुए। ख़ासतौर पर वे पत्रकार जिनसे अख़बार…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
    04 Apr 2022
    बीएचयू में प्रशासन और छात्र एक बार फिर आमने-सामने हैं। सीएचएस में प्रवेश परीक्षा के बजाए लॉटरी सिस्टम के विरोध में अभिभावकों के बाद अब छात्रों और छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।
  • टिकेंदर सिंह पंवार
    बेहतर नगरीय प्रशासन के लिए नई स्थानीय निकाय सूची का बनना ज़रूरी
    04 Apr 2022
    74वां संविधान संशोधन पूरे भारत में स्थानीय नगरीय निकायों को मज़बूत करने में नाकाम रहा है। आज जब शहरों की प्रवृत्तियां बदल रही हैं, तब हमें इस संशोधन से परे देखने की ज़रूरत है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License