NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लेबनान ने बेरुत विस्फोट को लेकर पोर्ट के अधिकारियों को गिरफ़्तार किया
मंगलवार के हुए विस्फोट में 5000 से अधिक लोग घायल हो गए हैं वहीं मरने वालों की संख्या 135 तक पहुंच गई। प्रारंभिक आकलन में 10 से 15 बिलियन अमेरीकी डॉलर की संपत्ति का नुकसान सामने आया है।
पीपल्स डिस्पैच
06 Aug 2020
 बेरुत विस्फोट

लेबनान सरकार ने बेरूत बंदरगाह के पास गोदाम के प्रबंधन के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों को हाउस अरेस्ट करने का बुधवार 5 अगस्त को आदेश दिया। ये गिरफ़्तारी तब तक रहेगी जब तक कि मंगलवार के विस्फोट के वास्तविक कारणों को लेकर जांच पूरी नहीं हो जाती। प्रारंभिक जांच से संकेत मिला है कि ये विस्फोट गोदाम में आग लगने के कारण हुआ था जहां छह वर्षों से 2,750 टन से अधिक विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट रखा हुआ था।

मंगलवार दोपहर को हुए विस्फोट में मृतकों की संख्या 135 तक पहुंच गई है। 5000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। बेरूत के गवर्नर के अनुसार लगभग 30,000 लोग अपने घरों को गंवा चुके हैं। अधिकारियों को आशंका है कि मरने वालों की संख्या में और इज़ाफ़ा होगा क्योंकि धमाके की वजह से बड़ी संख्या में शव मलबे में दबे हो सकते हैं। यह विस्फोट इतना भयावह था कि आसपास के कई भवन नष्ट हो गए और कई किलोमीटर दूर घरों को हिलाकर रख दिया। इसका असर साइप्रस तक महसूस किया गया जो लगभग 200 किलोमीटर दूर है।

प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस शक्तिशाली विस्फोट में 10 से 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर की संपत्ति का नुकसान हुआ है।

लेबनान सरकार ने इस विस्फोट की जांच के लिए बुधवार को एक विशेष समिति का गठन किया है। इस समिति में न्याय मंत्री, प्रधानमंत्री और प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख शामिल हैं। सरकार ने सुरक्षा का जिम्मा सैनिक को सौंपते हुए बेरूत में दो सप्ताह के आपातकाल की घोषणा भी की है। इसने शहर के राहत और पुनर्निर्माण के लिए 66 मिलियन अमरीकी डॉलर भी स्वीकृत किए।

इस बीच, इस क्षेत्र और विश्व के कई देशों ने लेबनान के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है और राहत सामग्री भेजी है। ईरान ने भोजन और अन्य राहत सामग्री के हज़ारों पैकेजों के साथ 22 सदस्यीय मेडिकल टीम भेजी है। तुर्की और अन्य पड़ोसी देशों ने भी इसी तरह की राहत सुविधा भेजी है। आम लेबनानी ने पीड़ितों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है और उन सभी लोगों के लिए अपने घरों में रहने की पेशकश की है जो इस विस्फोट के कारण अपना घर गंवा चुके हैं।

Lebanon
Beirut
Beirut blast
Lebanon Government

Related Stories

इज़रायल ने दक्षिणी लेबनान में तीन अलग-अलग स्थानों पर हवाई हमले किए

लेबनान के मनोनीत पीएम नजीब मिकाती ने सरकार बनाने के लिए संसदीय बहुमत हासिल किया

लेबनान : सरकार द्वारा फ़्यूल सब्सिडी समाप्त करने की घोषणा के बाद विरोध प्रदर्शन

लेबनानी ट्रेड यूनियनों ने बिगड़ती जीवन स्थिति के ख़िलाफ़ एक दिवसीय आम हड़ताल की

लेबनान के नेताओं पर फ़्रांस का प्रतिबंध, सुधारों में बाधा डालने के लिए दोषी ठहराया

लेबनान : मुद्रा संकट के मुद्दे पर देशव्यापी प्रदर्शन का 7वां दिन

लेबनान : कोविड-19 से संबंधित सख्त लॉकडाउन के बीच हज़ारों लोगों ने आर्थिक सहायता की कमी को लेकर प्रदर्शन किया

लेबनान के यूनियनों की सरकारी सब्सिडी में कटौती के ख़िलाफ़ बुधवार को हड़ताल

लेबनान को नया प्रधानमंत्री मिलने की संभावना

क्या लेबनान खुद को संभाल पाएगा? 


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    भारत को अब क्वाड छोड़ देना चाहिए! 
    15 Mar 2022
    राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन के बयान में अमेरिका के बढ़ते खतरे का भारत की रक्षा क्षमताओं और उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर महत्त्वपूर्ण असर पड़ेगा। 
  • Kashmir press club
    राज कुमार
    जम्मू-कश्मीर में मीडिया का गला घोंट रही सरकार : प्रेस काउंसिल
    15 Mar 2022
    ग़ौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने सितंबर 2021 में प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया को एक पत्र लिखा था और मांग की थी कि काउंसिल एक फ़ैक्ट फ़ाइंडिंग टीम भेजकर जम्मू-कश्मीर में…
  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: हेमंत सरकार ने आदिवासी समूहों की मानी मांग, केंद्र के ‘ड्रोन सर्वे’ कार्यक्रम पर लगाईं रोक
    15 Mar 2022
    ‘ड्रोन सर्वे’ और ‘ज़मीन की डिजिटल मैपिंग’ कार्यक्रम के खिलाफ आवाज़ उठा रहे सभी आदिवासी संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
  • अजय कुमार
    रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध का भारत के आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
    15 Mar 2022
    आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार चाहे तो कच्चे तेल की वजह से बढ़े हुए ख़र्च का भार ख़ुद सहन कर सकती है।
  • रौनक छाबड़ा
    ईपीएफओ ब्याज दर 4-दशक के सबसे निचले स्तर पर, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आम हड़ताल से पहले खोला मोर्चा 
    15 Mar 2022
    ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने शनिवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अपनी मौजूदा ब्याज दर को 8.5% से घटाकर 8.1% करने की सिफारिश की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License