NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लेबनान के मनोनीत पीएम नजीब मिकाती ने सरकार बनाने के लिए संसदीय बहुमत हासिल किया
सरकार बनाने में सफल रहे नजीब मिकाती को 2019 से देश में कहर बरपा रहे आर्थिक संकट से तत्काल निपटना होगा।
पीपल्स डिस्पैच
27 Jul 2021
लेबनान के मनोनीत पीएम नजीब मिकाती ने सरकार बनाने के लिए संसदीय बहुमत हासिल किया

लेबनान के मनोनीत प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने लेबनानी संसद में बहुमत हासिल कर लिया है और अब उन्हें देश की अगली सरकार बनाने का प्रयास करना है। कई मीडिया संस्थानों ने सोमवार 26 जुलाई को ये रिपोर्ट प्रकाशित किया। पहले दो बार प्रधानमंत्री के रूप में सेवा दे चुके और लेबनान के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक माने जाने वाले इस टेलकम अरबपति के सामने देश के विभिन्न राजनीतिक गुटों की सर्वसम्मति और समर्थन के साथ एक राष्ट्रीय कैबिनेट बनाने की कोशिश करने का एक कठिन कार्य है।

दो पूर्व मनोनित प्रधानमंत्री साद हरीरी और पूर्व-राजनयिक मुस्तफा अदीब पिछले 12 महीनों में अपनी प्रस्तावित कैबिनेट संसद में बहुमत हासिल करने को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त समर्थन हासिल करने में विफल रहे हैं। बेरूत बंदरगाह में हुए घातक रासायनिक विस्फोट के बाद तत्कालीन कार्यवाहक प्रधानमंत्री हसन दिआब और उनके पूरे मंत्रिमंडल के सामूहिक इस्तीफे के मद्देनजर पद पर नामित होने के एक महीने बाद अदीब ने पिछले साल सितंबर में इस्तीफा दे दिया था। साद हरीरी ने 11 दिन पहले 10 महीने के लंबे गतिरोध के बाद इस्तीफा दे दिया था जिसमें वह समर्थन की कमी और लेबनान के राष्ट्रपति मिशेल औन के साथ कैबिनेट पदों पर चल रहे विवाद के कारण सरकार बनाने में विफल रहे थे।

रिपोर्टों के अनुसार मिकाती को कुल 118 सदस्यों में से 73 सदस्यों के वोट मिले, जिससे उन्हें एकमात्र अन्य उम्मीदवार पूर्व राजदूत नवाफ सलाम पर एक आसान जीत मिली, जिन्हें एक वोट मिला। 42 सदस्यों ने ब्लैंक वोट किया और तीन सदस्यों ने वोट दर्ज नहीं किया।

प्रधानमंत्री के पद पर मिकाती की नियुक्ति का भी विरोध हुआ। दर्जनों प्रदर्शनकारी उनकी नियुक्ति से पहले लेबनान की राजधानी बेरूत में उनके घर के बाहर एकत्र हुए। वे उन्हें लेबनानी राजनेताओं और व्यापारियों के कुलीन वर्ग में से एक राजनेता के रूप में बताया जो अक्षम और भ्रष्ट हैं और समाधान के बजाय अधिक समस्या पैदा करने वाले हैं। इस देश में 2019 में भ्रष्ट शासक अभिजात वर्ग के खिलाफ बड़े पैमाने पर सत्ता-विरोधी प्रदर्शन हुआ था जिन्हें व्यापक रूप से देश के आर्थिक पतन और उनकी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और झगड़ों के परिणामस्वरूप उत्पन्न प्रशासनिक गिरावट के लिए जिम्मेदार माना जाता है।

Lebanon
Najib Mikati

Related Stories

लेबनान में ड्राइवरों और परिवहन कर्मचारियों को लेकर सरकारी उदासीनता के ख़िलाफ़ हड़ताल

इज़रायल ने दक्षिणी लेबनान में तीन अलग-अलग स्थानों पर हवाई हमले किए

लेबनान : सरकार द्वारा फ़्यूल सब्सिडी समाप्त करने की घोषणा के बाद विरोध प्रदर्शन

लेबनानी ट्रेड यूनियनों ने बिगड़ती जीवन स्थिति के ख़िलाफ़ एक दिवसीय आम हड़ताल की

लेबनान के नेताओं पर फ़्रांस का प्रतिबंध, सुधारों में बाधा डालने के लिए दोषी ठहराया

लेबनान : मुद्रा संकट के मुद्दे पर देशव्यापी प्रदर्शन का 7वां दिन

लेबनान : कोविड-19 से संबंधित सख्त लॉकडाउन के बीच हज़ारों लोगों ने आर्थिक सहायता की कमी को लेकर प्रदर्शन किया

लेबनान के यूनियनों की सरकारी सब्सिडी में कटौती के ख़िलाफ़ बुधवार को हड़ताल

लेबनान को नया प्रधानमंत्री मिलने की संभावना

लेबनान : व्यापक प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री हसन दियाब का इस्तीफ़ा


बाकी खबरें

  • अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को बोलते हुए सुनते अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन। बाइडेन रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के साथ 16 जून 2021 को स्विटजरलैंड के जिनेवा में शिखर सम्मेलन के बाद मीडिया से मुखातिब हुए।
    एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन-पुतिन शिखर सम्मेलन का होहल्ला  ख़त्म
    22 Jun 2021
    अमेरिकी-रूस के बीच जब भी संबंध की बात आती है तो एक ठहराव का लौट आना अवश्यम्भावी हो जाता है। इसके कुछ आरंभिक संकेत पहले से मौजूद हैं। अफगानिस्तान और म्यांमार को लेकर बाइडेन को रूस से कुछ मदद मिलने की…
  • तस्वीर में जयप्रकाश नारायण (बाएं), महात्मा गांधी (मध्य में), विनोबा भावे (दाएं)। इन तीनों नेताओं ने हमेशा कश्मीर में प्यार और सद्भाव के साथ हस्तक्षेप की वकालत की।
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    “मज़हब और सियासत से हल नहीं होगा कश्मीर का मसला”
    22 Jun 2021
    पिछले सात सालों और विशेषकर दो सालों में कश्मीर के मसले पर शेष भारत में कश्मीर विजय का जो आख्यान चलाया गया वह गहरी सियासत के साथ बदले की भावना से प्रेरित था।  
  • इज़रायली सेटलर्स व सुरक्षा बलों ने फिर शेख़ जर्राह पर हमला किया
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायली सेटलर्स व सुरक्षा बलों ने फिर शेख़ जर्राह पर हमला किया
    22 Jun 2021
    इज़रायल की हिंसा के परिणामस्वरूप कम से कम 20 फिलिस्तीनियों को चोटें आईं, जिसमें इज़रायली सुरक्षा बलों ने उन पर बदबुदार पानी, काली मिर्च स्प्रे, आंसू गैस के साथ-साथ रबर कोटेड मेटल की गोलियों से हमला…
  • कोविड-19 : शीर्ष वैज्ञानिकों ने बताया कैसे भारत तीसरी लहर से निपट सकता है
    संदीपन तालुकदार
    कोविड-19 : शीर्ष वैज्ञानिकों ने बताया कैसे भारत तीसरी लहर से निपट सकता है
    22 Jun 2021
    विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में बड़े स्तर पर महामारी के फैलाव को रोकने के लिए भारत को कोरोना जांच, आइसोलेशन और जीनोम सीक्वेंसिंग में तेज़ी लानी होगी। इसके अलावा टीकाकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं के…
  • बाल अधिकार उल्लंघनकर्ताओं की सूची से इज़रायल और सऊदी गठबंधन को बाहर रखने पर यूएन की आलोचना
    पीपल्स डिस्पैच
    बाल अधिकार उल्लंघनकर्ताओं की सूची से इज़रायल और सऊदी गठबंधन को बाहर रखने पर यूएन की आलोचना
    22 Jun 2021
    बाल अधिकार उल्लंघन के सत्यापित मामले होने के बावजूद यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन व इज़रायल और अफगानिस्तान में कई गुटों को इस वर्ष की संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में इस सूची में शामिल नहीं किया गया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License