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लेबनान में महीनों से चलने वाला विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया
देश में राजनीतिक ताक़तें अब तक किसी भी विश्वसनीय तरीक़े से राजनीतिक प्रणाली में सुधार की मांगों पर प्रतिक्रिया देने में विफल रही हैं।
पीपल्स डिस्पैच
20 Jan 2020
Lebanon Protest

प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हसन दियाब द्वारा शुक्रवार को अपने मंत्रिमंडल के गठन की घोषणा करने में विफल रहने के बाद शनिवार 18 जनवरी को लेबनान में विरोध प्रदर्शनों का नया दौर शुरू हुआ। देश के अन्य हिस्सों से राजधानी बेरूत में जुटे प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की और उन्हें रोकने की कोशिश करने पर वे पुलिस और आंतरिक सुरक्षा बलों (आईएसएफ) से भिड़ गए।

ये टकराव शनिवार को घंटों चला जिसमें क़रीब 400 लोग घायल हो गए। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को भी गिरफ्तार किया। विरोध प्रदर्शनों के दूसरे दिन रविवार यानी 19 जनवरी को टकराव जारी रहा जिससे कुछ पुलिस कर्मी और दो पत्रकारों सहित अन्य 100 लोग घायल हो गए।

लगभग तीन महीने तक शांत रहने के बाद विरोध प्रदर्शन पहली बार पिछले हफ्ते हिंसक हो गया। इससे पहले सप्ताह में बैंक कार्यालयों के सामने और सेंट्रल बैंक के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया था। लोगों ने अमेरिकी डॉलर की निकासी पर बैंकों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का हिंसक रूप से विरोध किया जो कि लोगों द्वारा उनके दैनिक उपयोग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक वैकल्पिक मुद्रा है।

हसन दियाब को कार्यवाहक प्रधानमंत्री साद हरीरी की जगह लेने के लिए दिसंबर में लगभग एक महीने की बातचीत के बाद चुना गया था। हरीरी ने देश में आर्थिक संकट से निपटने में अपनी सरकार की विफलता और लोगों पर कुछ नए करों को लागू करने की योजना के विरोध में 29 अक्टूबर को इस्तीफ़ा दे दिया था।

लोग देश में सार्वजनिक सेवा वितरण और खराब आर्थिक स्थिति की समस्याओं के लिए व्यापक राजनीतिक भ्रष्टाचार और अक्षमता को जिम्मेदार ठहराते हैं और संसद में सांप्रदायिक कोटा प्रणाली में बदलाव सहित प्रणालीगत सुधार चाहते हैं और गृह युद्ध (1975-1990) के बाद लागू हुए कार्यकारिणी में सुधार चाहते हैं।

कैबिनेट के गठन की घोषणा करने में विफलता ने उन्हें और उन्हें समर्थन करने वाली राजनीतिक दलों के बीच आख़िरी समय में मतभेदों को ज़िम्मेदार ठहराया गया है। हसन दियाब का समर्थन करने वाली पार्टियों में से एक हिज़बुल्लाह ने एक तकनीकी लोकतांत्रिक कैबिनेट बनाने की उनकी योजना पर आपत्ति जताई थी।

राष्ट्रपति माइकल अउन ने मौजूदा स्थिति पर चर्चा करने के लिए आज एक आपातकालीन सुरक्षा बैठक बुलाई है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

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