NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
नार्वेः संसदीय चुनावों में वाम दलों ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की
2013 से सत्ता पर क़ाबिज एर्ना सोलबर्ग के नेतृत्व में नॉर्वे में सत्तारूढ़ रूढ़िवादी गठबंधन संसदीय चुनाव हार गया।
पीपल्स डिस्पैच
15 Sep 2021
नार्वेः संसदीय चुनावों में वाम दलों ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की

169 सीटों वाली नॉर्वे की संसद के आम चुनावों के नतीजे मंगलवार 14 सितंबर को घोषित कर दिए गए। परिणामों के अनुसार, सोमवार को हुए चुनावों में एर्ना सोलबर्ग के नेतृत्व वाले मौजूदा कंजर्वेटिव-लिबरल गठबंधन को उस वक्त झटका लगा जब सेंटरिस्ट और वामपंथी दलों के गठबंधन को काफी बढ़त मिल गई और कुल 169 सीटों में से अपनी मौजूदा 81 सीटों में इजाफा करते हुए 100 सीटें जीत सकती हैं।

सत्तारूढ़ गठबंधन के दलों में कंजर्वेटिव पार्टी नौ सीट हार गई और अब 36 सीटों तक ही सीमित है, क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक पार्टी पांच सीट हार गई और तीन सीटों तक सिमट गई है जबकि लिबरल पार्टी अपनी आठ सीटों को बरकरार रखने में कामयाब रही।

प्रमुख विपक्षी दल, सोशल डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी ने अपनी 48 सीटों को बरकरार रखते हुए अपना आधार मजबूत रखा। वामपंथी सोशलिस्ट लेफ्ट पार्टी ने अपनी संख्या 11 से बढ़ाकर 13 कर ली, जबकि सोशलिस्ट रोड्ट (रेड) पार्टी ने अपनी पिछली विधायिका में केवल एक सीट से नौ सीटों तक अपनी संख्या बढ़ाकर बड़ी जीत हासिल की है। द एग्रेरियन सेंटर पार्टी इस चुनाव में सबसे सफल पार्टी के रूप में उभरी। इसने कुल 28 सीटों पर जीत हासिल करते हुए आठ सीटों की वृद्धि की है। ग्रीन पार्टी ने भी अपनी सीटों को बढ़ाकर तीन कर दिया, जबकि दक्षिणपंथी प्रोग्रेस पार्टी ने छह सीटों को गंवा लिया है और कुल 21 सीटों तक ही सीमित रह गई है।

चुनावों के परिणाम कंजर्वेटिव पार्टी और प्रधानमंत्री सोलबर्ग के लिए कष्टदायी थे जो 2013 से सत्ता में हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इन परिणामों की घोषणा के बाद, सोलबर्ग ने हार मान ली और अब सभी की निगाहें विपक्ष के नेता लेबर पार्टी के जोनस गहर स्टोरे पर हैं जिन्होंने पहले ही "देश के लिए न्याय और समुदाय पर आधारित सरकार को बनाने के लिए काम" करने के अपने इरादे को जाहिर किया है।

पिछले चुनावों की तरह, स्टॉर्टिंग में किसी भी पार्टी को साधारण बहुमत नहीं मिला। लेबर पार्टी, सेंटर पार्टी और सोशलिस्ट लेफ्ट गठबंधन के नई सरकार बनने की संभावना है।

कंजर्वेटिव पार्टी और लेबर पार्टी दोनों ने नॉर्वे की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार जीवाश्म ईंधन से हरित ऊर्जा के विकल्पों में स्थानांतरित करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का संकल्प लिया था। हालांकि, नए गठबंधन में पार्टियों की ऊर्जा नीतियों से इस परिवर्तन की गति के प्रभावित होने की संभावना है।

left parties
Record win
Norway
Parliamentary elections

Related Stories

रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच, नॉर्वे में नाटो का सैन्य अभ्यास कितना महत्वपूर्ण?

फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये

दुनिया भर की: नॉर्वे में लेबर की अगुआई में मध्य-वाम गठजोड़ सत्ता में

विपक्ष ने कुवैत के संसदीय चुनावों में बड़ी जीत हासिल की

वेनेज़ुएला : संसदीय चुनावों के प्रारंभिक परिणाम में सोशलिस्ट को भारी बढ़त

किर्गिस्तानः संसदीय चुनाव के दौरान वोट ख़रीदने के आरोपों के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू

अल्जीरियाः नवंबर में जनमत संग्रह के बाद जल्द संसदीय चुनाव

क्रोएशिया की सत्तारूढ़ एचडीजेड ने संसदीय चुनाव में जीत हासिल की

फ़्रांस : वामपंथी पार्टियों ने की दवाइयों के पब्लिक उत्पादन की मांग

दक्षिण कोरिया : कोरोना वायरस महामारी के बीच वामपंथी गठबंधन की संसदीय चुनाव में भारी बहुमत से जीत


बाकी खबरें

  • Modi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, PM मोदी आज मुख्यमंत्रियों संग लेंगे बैठक
    27 Apr 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,927 नए मामले सामने आए हैं। इसमें से क़रीब 60 फ़ीसदी मामले दिल्ली और हरियाणा से सामने आए है।
  • SATAN
    जॉन दयाल
    एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती
    27 Apr 2022
    स्टेन के काम की आधारशिला शांतिपूर्ण प्रतिरोध थी, और यही वजह थी कि सरकार उनकी भावना को तोड़ पाने में नाकाम रही।
  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    नागरिकों से बदले पर उतारू सरकार, बलिया-पत्रकार एकता दिखाती राह
    26 Apr 2022
    वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बताया कि चाहे वह दलित विधायक जिग्नेश मेवानी की दोबारा गिरफ्तारी हो, या मध्यप्रदेश में कथित तौर पर हिंदू-मुस्लिम विवाह के बाद मुसलमान की दुकान और घर पर चला बुल्डोज़र, यह सब…
  • सत्यम् तिवारी
    रुड़की : डाडा जलालपुर गाँव में धर्म संसद से पहले महंत दिनेशानंद गिरफ़्तार, धारा 144 लागू
    26 Apr 2022
    27 अप्रैल को होने वाली 'धर्म संसद' का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी उत्तराखंड पुलिस को निर्देश दिये थे। 26 अप्रैल की शाम को पुलिस ने डाडा जलालपुर गाँव से महंत दिनेशानंद को गिरफ़्तार कर लिया।
  • अजय कुमार
    एमवे के कारोबार में  'काला'  क्या है?
    26 Apr 2022
    साल 2021 में इस सम्बन्ध में उपभोक्ता संरक्षण नियम बने। इसके तहत नियम बना कि कोई भी डायरेक्ट सेलिंग कंपनी यानी वैसी कम्पनी जो उपभोक्ताओं को सीधे अपना माल बेचती हैं, वह कमीशन देने की शर्त पर अपना माल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License