NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
वाम दलों ने की लखीमपुर घटना की कड़ी निंदा, सीपीआई-एम के राज्य सम्मेलन में शहीद किसानों को श्रद्धांजलि
सीपीआई-एम महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि हमारे वीर और दृढ़निश्चयी किसानों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Oct 2021
Lakhimpur

वाम दलों ने लखीमपुर खीरी की घटना पर गहरा दुख प्रकट करते हुए अपना रोष प्रकट किया है। और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सीपीआई-एम के इलाहाबाद में चल रहे 23वें राज्य सम्मेलन में इस घटना पर शोक प्रकट करते हुए शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी गई।

सीपीआई-एम महासचिव सीताराम येचुरी ने ट्वीट करते हुए कहा कि हमारे वीर और दृढ़निश्चयी किसानों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।

The sacrifice of our brave and determined farmers will not be allowed to go in vain.
Our respects to those who have paid with their lives. https://t.co/Poo2f5hHB3

— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) October 4, 2021

येचुरी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि भाजपा और मोदी सरकार को किसानों पर की गई बर्बरता के शिकार लोगों तक राजनीतिक दलों को नहीं पहुंचने देने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि हम लोकतंत्र के इस क्रूर दमन की कड़ी निंदा करते हैं।

The BJP and Modi government have no business to not allow political parties to reach victims of the barbarism inflicted on farmers yesterday.
Strongly condemn this draconian throttling of democracy. https://t.co/wgm4adyGFv

— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) October 4, 2021

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का एक वीडियो साझा करते हुए येचुरी ने प्रधानमंत्री से उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस वीडियो में खट्टर अपने समर्थकों को किसानों को सबक़ सिखाने की बात कर रहे हैं और लोगों को हिंसा के लिए उकसा रहे हैं।

येचीर ने कहा- क्या हमें उम्मीद करनी चाहिए कि हमारे "मूक" पीएम अपनी पार्टी के सीएम के बयान पर बोलेंगे या अपने केंद्रीय मंत्री के बेटे पर कथित तौर पर यूपी में किसानों की हत्या कर रहे हैं, या लोकतंत्र और कानून के शासन के बारे में व्याख्यान केवल विदेशी दर्शकों के लिए हैं? यह एक भाजपा शासित राज्य के मुख्यमंत्री हैं जो मोदी सरकार के कठोर कृषि कानूनों के खिलाफ दृढ़ लेकिन शांतिपूर्वक विरोध करने वाले किसानों के खिलाफ हिंसा का आह्वान कर रहे हैं।

येचुरी ने कहा कि इस तरह के बयान के बाद उन्हें सीएम बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

This is the CM of a BJP ruled state calling for vigilantism & violence against farmers who have been determinedly but peacefully protesting against draconian farm laws of the Modi govt.
He doesn't have any right to continue to be CM after such a statement.https://t.co/aJTV5vJ3k8

— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) October 3, 2021

सीपीआई-एमएल यानी भाकपा माले ने भी लखीमपुर खीरी की घटना पर गहरा शोक और रोष प्रकट किया है। पार्टी महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य का कहना है कि किसानों के खिलाफ बीजेपी की घिनौनी जंग दिनों-दिन तेज़ होती जा रही है। उन्होंने बताया कि माले की एक टीम लखीमपुर खीरी में तथ्य और अपडेट इकट्ठा करने के लिए पहुंच चुकी है। किसान आंदोलन को बल पूर्वक दबाया नहीं जा सकता।

A team of @cpimlliberation comprising Comrades Krishna Adhikari, Ishwari Prasad Kushwaha, Shriram Chaudhary and Afroz Alam has rushed to #Lakhimpur_Kheri to gather facts and updates from the local people and protesting farmers. The farmers' movement cannot be suppressed by force.

— Dipankar (@Dipankar_cpiml) October 3, 2021

Lakhimpur Kheri
Lakhimpur Kheri Update
left parties
CPI-M
Sitaram yechury

Related Stories

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

दिल्ली: ''बुलडोज़र राजनीति'' के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरे वाम दल और नागरिक समाज

चुनावी वादे पूरे नहीं करने की नाकामी को छिपाने के लिए शाह सीएए का मुद्दा उठा रहे हैं: माकपा

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

कोलकाता : वामपंथी दलों ने जहांगीरपुरी में बुलडोज़र चलने और बढ़ती सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ निकाला मार्च

बिना अनुमति जुलूस और भड़काऊ नारों से भड़का दंगा

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

करौली हिंसा पर फैक्ट फाइंडिंग:  संघ-भाजपा पर सुनियोजित ढंग से हिंसा भड़काने का आरोप

जहांगीरपुरी हिंसा: वाम दलों ने जारी की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट


बाकी खबरें

  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब में मामला सिर्फ आप-कांग्रेस के बीच ही नहीं, सुलगते हैं सवाल
    15 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह पहुंची डेरा बस्सी, जहां कड़ी टक्कर है मुद्दों और दावों के बीच। यहां उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के नौजवान प्रत्याशी सरबजीत सिंह रॉकी वाल्मीकि से…
  • प्रतीकात्मक फोटो
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिजाब विवाद: हिंदू लड़की को स्कूल में नथुनी पहनने के अधिकार वाले अफ्रीकी अदालत के फैसले को अदालत में संदर्भित किया गया
    15 Feb 2022
    वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने अपनी दलीलें रखते हुए अदालत से अपने अंतरिम आदेश को खत्म करने का आग्रह किया।
  • Hardik
    भाषा
    विसनगर दंगा मामले में अदालत पहुँचे हार्दिक पटेल, दोषसिद्धि पर रोक की माँग
    15 Feb 2022
    अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 28 फरवरी की तारीख तय की है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    गुजरात : एबीजी शिपयार्ड ने 28 बैंकों को लगाया 22,842 करोड़ का चूना, एसबीआई बोला - शिकायत में नहीं की देरी
    15 Feb 2022
    नई दिल्ली: पिछले 75 सालों में देश का सबसे बड़ा बैंक घोटाला हुआ है। 22,842 करोड़ रुपए के इस घोटाले में गुजरात स्थित कंपनी एबीजी शिपयार्ड के खिलाफ़ सीबीआई में शिकायत दर्ज करने में एसबीआई ने किसी भी त
  • संदीपन तालुकदार
    फ्रांस की गुफा से मिले प्राचीन अवशेषों ने आदिमानव और निएंडरथल के बारे में किए नए खुलासे
    15 Feb 2022
    एक फ्रांसीसी गुफा में नए पुरातात्विक निष्कर्षों ने आधुनिक मनुष्यों और निएंडरथल की नई समझ को जन्म दिया है। नए निष्कर्ष 9 फरवरी को साइंस एडवांस में प्रकाशित हुए थे
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License