NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सांसद आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान की विधायकी अवैध घोषित
अब्दुल्ला आजम खान ने 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में जब नामांकन पत्र दाखिल किया तो उस समय उनकी आयु 25 वर्ष नहीं थी। इस तरह वह विधानसभा चुनाव लड़ने के पात्र नहीं थे।
भाषा
16 Dec 2019
अब्दुल्ला आजम खान
Image courtesy: Patrika

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सांसद आजम खान के बेटे और स्वार विधानसभा सीट से विधायक मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान की विधानसभा से सदस्यता सोमवार को अवैध घोषित कर दी। न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी ने नवाब काजिम अली खान की चुनाव याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किया।

अदालत ने इस चुनाव याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि अब्दुल्ला आजम खान ने 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में जब नामांकन पत्र दाखिल किया तो उस समय उनकी आयु 25 वर्ष नहीं थी। इस तरह वह विधानसभा चुनाव लड़ने के पात्र नहीं थे।

मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान को रामपुर जिले की 34 स्वार विधानसभा सीट से 11 मार्च, 2017 को विधायक चुना गया था। उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था।

स्वार सीट से अब्दुल्ला खान से चुनाव हारने वाले बसपा उम्मीदवार नवाब काजिम अली खान ने अदालत का रुख किया था। उनका आरोप था कि प्रतिवादी अब्दुल्ला आजम खान का जन्म एक जनवरी, 1993 को हुआ था, इसलिए नामांकन दाखिल करने के दिन 25 जनवरी, 2017 को वह 25 वर्ष की आयु से काफी कम थे।

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि मोहम्मद अब्दुल्ला के शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पासपोर्ट और वीजा में भी इसी जन्मतिथि का उल्लेख है, लेकिन बाद में लखनऊ स्थित जन्म एवं मृत्यु पंजीयक कार्यालय से एक जन्म प्रमाणपत्र जारी कराया गया जिसमें अब्दुल्ला का जन्म 30 सितंबर, 1990 दिखाया गया।

संपूर्ण तथ्यों पर गौर करने के बाद अपने 49 पेज के निर्णय में अदालत ने कहा कि शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के अलावा, उनकी मां ने अपनी सर्विस बुक में अब्दुल्ला के जन्म का उल्लेख 1993 किया है जोकि अपने आप में एक प्रमाण है।

अदालत ने रजिस्ट्रार जनरल, उच्च न्यायालय को इस निर्णय से निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष को अवगत कराने का निर्देश दिया। स्वार सीट से चार बार विधायक रहे काजिम अली ने अपनी दलील में अब्दुल्ला के हाईस्कूल के प्रमाणपत्र का हवाला दिया जिसमें उसकी जन्म तिथि एक जनवरी, 1993 है।

इससे पूर्व, सुनवाई के दौरान अब्दुल्ला की मां और तत्कालीन राज्यसभा सदस्य ताजीन फातिमा ने इस बात का समर्थन किया था कि उनके बेटे का जन्म 30 सितंबर, 1990 को हुआ था जिसे उनके सर्विस रिकार्ड से सिद्ध किया जा सकता है क्योंकि उन्होंने 1990 में मातृत्व अवकाश लिया था। हालांकि अदालत ने उनकी यह दलील नहीं मानी।

उल्लेखनीय है कि सभी गवाहों के बयान दर्ज करने और सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला 27 सितंबर, 2019 को सुरक्षित रख लिया था।

AZAM KHAN
Abdullah Azam Khan
Allahabad High Court
SAMAJWADI PARTY
election commission

Related Stories

ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?

वर्ष 1991 फ़र्ज़ी मुठभेड़ : उच्च न्यायालय का पीएसी के 34 पूर्व सिपाहियों को ज़मानत देने से इंकार

कपिल सिब्बल ने छोड़ी कांग्रेस, सपा के समर्थन से दाखिल किया राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव का समीकरण

27 महीने बाद जेल से बाहर आए आज़म खान अब किसके साथ?

सवर्णों के साथ मिलकर मलाई खाने की चाहत बहुजनों की राजनीति को खत्म कर देगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे पर लगी रोक की मियाद बढ़ाई

सपा प्रतिनिधिमंडल को न, दूसरे दलों को हां... आख़िर आज़म का प्लान क्या है?

BHU : बनारस का शिवकुमार अब नहीं लौट पाएगा, लंका पुलिस ने कबूला कि वह तलाब में डूबकर मर गया


बाकी खबरें

  • otting massacre
    अजय सिंह
    2021: हिंसक घटनाओं को राजसत्ता का समर्थन
    31 Dec 2021
    दिखायी दे रहा है कि लिंचिंग और जेनोसाइड को सामाजिक-राजनीतिक वैधता दिलाने की कोशिश की जा रही है। इसमें भाजपा और कांग्रेस की मिलीभगत लग रही है। वर्ष 2021 को इसलिए भी याद किया जायेगा।
  • dharm sansad
    स्मृति कोप्पिकर
    तबाही का साल 2021: भारत के हिस्से में निराशा, मगर लड़ाई तब भी जारी रहनी चाहिए
    31 Dec 2021
    साम्प्रदायिक विद्वेष और दलित विरोधी हिंसा के चलते हमारी स्थिति पहले भी बहुत ख़राब थी, लेकिन मौजूदा स्थिति कहीं ज़्यादा ख़राब है। नफ़रत 2021 की हमारी नयी पहचान बन गयी और भारत सरकते हुए बहुत नीचे चला…
  • BAJRANG DAL
    रवि शंकर दुबे
    बजरंग दल को नए साल के जश्न से भी परेशानी, काशी की गलियों में नोटिस लगाकर दी धमकी
    31 Dec 2021
    विश्व हिंदू परिषद हर दिन नई धमकियाँ दे रहा है। इस बार विहिप ने धमकी दी है कि अगर नए साल का जश्न मनाया गया तो ठीक नहीं होगा, साथ ही इस दल ने पब और होटल पर संगीन आरोप मढ़ दिए हैं।
  • dharm sansad
    सत्यम श्रीवास्तव
    असल सवाल इन धर्म संसदों के औचित्य का है
    31 Dec 2021
    सवाल हरिद्वार या रायपुर में एक या अनेक लेकिन एक जैसे कथित संतों द्वारा बदतमीज़ी और उकसाने वाले बयानों का नहीं है बल्कि असल सवाल इन कथित धर्म सांसदों के आयोजनों के औचित्य का है।
  • protest
    रौनक छाबड़ा
    हरियाणा: यूनियन का कहना है- नाकाफी है खट्टर की ‘सौगात’, जारी रहेगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल
    31 Dec 2021
    8 दिसंबर से जारी हड़ताल की कार्रवाई के चलते राज्य भर के सभी 22 जिलों में लगभग 26,000 आंगनबाड़ी केंद्रों में कामकाज पूरी तरह से ठप पड़ा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License