NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
लॉकडाउन में आयुष्मान योजना के आधे से भी कम लाभार्थी पहुंचे अस्पताल
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत औसतन साप्ताहिक दावों में 51 फीसद की गिरावट आई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Jun 2020
Ayushman Bharat Yojana

दिल्ली: कोरोना वायरस के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के दौरान आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत औसत साप्ताहिक दावों में 51 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह बात शोधकर्ताओं के एक समूह द्वारा किए गए विश्लेषण से सामने आयी है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के प्रकाशन ‘पीएम-जेएवाई अंडर लॉकडाउन: एवीडेंस आन यूटिलाइजेशन ट्रेंड्स पीएम-जेएवाई’ में कहा गया कि इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान 25 मार्च से दो जून तक निजी अस्पतालों की तुलना में सार्वजनिक अस्पतालों में सेवाओं के उपयोग में गिरावट देखी गई।

एनएचए स्वास्थ्य बीमा योजना- आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार शीर्ष निकाय है। जिन आपरेशनों के लिए पहले से समय तय किया जाता है उनमें 90 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई जैसे मोतियाबिंद का ऑपरेशन और घुटने बदलवाने आदि के आपरेशन। वहीं हेमोडायलिसिस में मात्र छह प्रतिशत की कमी आई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ह्रदय संबंधी सर्जरी में भी कमी आयी। विशेष रूप से चिंता प्रसव और ऑन्कोलॉजी के लिए भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में कमी को लेकर है। लॉकडाउन के दौरान कुल मिलाकर सर्जिकल प्रक्रियाओं के लिए औसतन प्रति सप्ताह दावे कम होकर 27,167 हो गए जो लॉकडाउन शुरू होने से पहले 62,630 थे। इस तरह से इसमें 57 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

मेडिकल मामलों (46 प्रतिशत) के मुकाबले सर्जिकल प्रक्रियाओं के उपयोग में अधिक गिरावट (57 प्रतिशत) देखी गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान पीएमजेएवाई के तहत जिस क्षेत्र में दावों में कमी हुई वह है प्रसव जिसमें 26 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह लगभग सामान्य प्रसव और सीज़ेरियन दोनों के लिए समान रूप से लागू है। साथ ही यह सार्वजनिक और निजी दोनों तरह के अस्पतालों के लिए समान रूप से लागू है।

समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ 

Coronavirus
Lockdown
Ayushman Bharat Yojana
NHA Health Insurance Scheme

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के घटते मामलों के बीच बढ़ रहा ओमिक्रॉन के सब स्ट्रेन BA.4, BA.5 का ख़तरा 

कोरोना अपडेट: देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के सब स्ट्रेन BA.4 और BA.5 का एक-एक मामला सामने आया

कोरोना अपडेट: देश में फिर से हो रही कोरोना के मामले बढ़ोतरी 

कोविड-19 महामारी स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में दुनिया का नज़रिया नहीं बदल पाई

कोरोना अपडेट: अभी नहीं चौथी लहर की संभावना, फिर भी सावधानी बरतने की ज़रूरत

कोरोना अपडेट: दुनियाभर के कई देशों में अब भी क़हर बरपा रहा कोरोना 

कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की संख्या 20 हज़ार के क़रीब पहुंची 

देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, PM मोदी आज मुख्यमंत्रियों संग लेंगे बैठक


बाकी खबरें

  • भाषा
    दिल्ली विधानसभा : भाजपा के दो विधायकों को मार्शल ने सदन से बाहर निकाला
    29 Mar 2022
    दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों द्वारा कानून-व्यवस्था सहित अन्य मुद्दे उठाए जाने के दौरान कथित रूप से व्यवधान डालने पर विधानसभा अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक…
  • नाइश हसन
    सियासत: दानिश अंसारी के बहाने...
    29 Mar 2022
    बीजेपी ने कभी मुस्लिम जनसंख्या के हिसाब से उसे नुमाइंदगी देने या उनके संपूर्ण विकास के लिए काम नहीं किया। बस पिक एण्ड चूज के आधार पर कुछ मुसलमान जो मुसलमानों के ही ख़िलाफ़ खुल कर खड़े हो सकें बस उनको…
  • अखिलेन्द्र प्रताप सिंह
    एक देश एक चुनाव बनाम लोकतांत्रिक सरोकार
    29 Mar 2022
    लगातार होने वाले चुनावों ने क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को फलने-फूलने का मौका प्रदान किया है और उनकी क्षेत्रीय आकांक्षाओं को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पटल पर एक महत्व दिया है, और इस प्रकार से भारत में…
  • उपेंद्र स्वामी
    श्रीलंका संकट: दर्द भी क़र्ज़ और दवा भी क़र्ज़
    29 Mar 2022
    दुनिया भर की: यह कोई आकस्मिक घटनाक्रम नहीं है। कोविड के दौर ने इसकी रफ़्तार और मार को भले ही थोड़ा तेज़ बेशक कर दिया हो लेकिन यह लंबे समय से चली आ रही नीतियों का नतीजा है। यह संकट उन तमाम…
  • प्रेम कुमार
    विश्लेषण: दिल्ली को सिंगापुर बनाने के सपने में आंकड़ों का फरेब
    29 Mar 2022
    अगर 5 साल बाद दिल्ली में रोजगार का स्तर 45 फीसदी के स्तर तक ले जाना है तो इसके लिए कम से कम 1.63 करोड़ लोगों के पास रोजगार रहना चाहिए। ऐसा तभी संभव है जब इन पांच सालों में 63 लाख अतिरिक्त लोगों को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License