NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
‘भक्त’ की चिठ्ठी, ‘प्रभु’ के नाम: आदरणीय नरेंद्र मोदी जी, नमस्कार!
पिछले संबोधन में आपकी विश्वगुरु वाली बात ने मुझे बहुत प्रभावित किया। इसने मुझे 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज से भी ज्यादा प्रभावित किया। यही नहीं आप मज़दूरों की मौत से कतई विचलित न हो। मुझे पता है आप नहीं हो रहे, मैं फिर भी कह रहा हूं। आप इन मौतों को गौरव प्रदान करें...।
राज कुमार
19 May 2020
Modi Bhakt
Image courtesy: India Resists

आदरणीय नरेंद्र मोदी जी,

नमस्कार!

आप संबोधन नहीं सम्मोहन करते हैं। आप जादूगर हैं। आपसे अनुरोध है कि जल्द ही एक संबोधन और करें जिसके लिये मैं कुछ सुझाव देना चाहता हूं।

पिछले संबोधन में आपकी विश्वगुरु वाली बात ने मुझे बहुत प्रभावित किया। इसने मुझे 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज से भी ज्यादा प्रभावित किया। मैंने कहा अरे! मोदी जी का असली मास्टर स्ट्रोक तो यही है। दुख है कि इस तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया और लालची लोग देशहित को दरकिनार कर 20 लाख करोड़ की तरफ लपक पड़े।

आपसे अनुरोध है कि एक संबोधन और करें जिसमें सिर्फ विश्व गुरु बनने पर ही बात हो। मैं आपसे ये अनुरोध इसलिये भी कर रहा हूं क्योंकि मुझे पता है ये आप ही कर सकते है। इस तरह की बातों पर आप ही यक़ीन दिला सकते हैं। आप बहुत ही अच्छे ढंग से एक्सप्लेन करते हैं। ग्लोबल वार्मिंग जैसा जटिल मुद्दा मैंने आपसे ही समझा कि ”असल में मौसम नहीं बदल रहा बल्कि हम बूढ़े हो रहे हैं।” अद्भुत! ऐसे आसान शब्दों में ऐसा गूढ़ ज्ञान। आप जब संस्कृत श्लोक बोलते हैं, तो क्या कहने। मुझे समझ बिल्कुल नहीं आते लेकिन भाव-विभोर हो जाता हूं। इसके अलावा ताली, थाली, मोमबत्ती वगैरह को भी एक्सप्लेन करने में आपकी क्षमता पूरी दुनिया ने देखी है। इसीलिये आपसे ही उम्मीद है। ये उम्मीद किसी और से हो ही नहीं सकती। ये आप ही कर सकते हैं। भारत को विश्वगुरु आप ही बना सकते हैं।

आप मज़दूरों की मौत से कतई विचलित न हो। मुझे पता है आप नहीं हो रहे, मैं फिर भी कह रहा हूं। आप इन मौतों को गौरव प्रदान करें। मज़दूरों को आश्वस्त करें कि उनकी तपस्या व्यर्थ नहीं जाएगी। भारत विश्वगुरु बनके ही रहेगा। इस महान कार्य में उनके प्राणों की आहुति के लिये आप उन्हें धन्यवाद करें। ताकि मज़दूर मरने से पहले आश्वस्त हो जाएं कि मर गये तो क्या, देश तो विश्वगुरु बन ही जाएगा। विश्वगुरु बनने का ये आश्वासन उनको चैन से मरने में मदद करेगा। देश के लिये प्राण न्यौछावर करने का एहसास उन्हें तब तक नहीं होगा, जब तक आप उन्हें संबोधित नहीं करेंगे। मरने से पहले उनके दिमाग में भूख, दिहाड़ी, बीवी-बच्चे, गांव, न जाने क्या-क्या उल-जुलूल विचार चल रहे होंगे।

उन्हें मुक्ति दें प्रभु। निजी स्वार्थ से मुक्ति दें। उन्हे बताएं कि देशभक्ति यही है। इसलिये एक संबोधन और करें तथा इसे जल्दी करें। वर्ना भूख से मरने में बहुत तकलीफ होगी। दूसरी तरफ एक्सिडेंट वगैरह से तो और भी दर्दनाक मौत होती है। छोटा मुंह, बड़ी बात। माना देश को विश्वगुरु बनाना आपके प्रमुख ध्येय है लेकिन मज़दूरों के प्रति भी आपका कुछ राज धर्म है। मज़दूरों की मौत की पीड़ा को कम करें। कृपा करके इन मौतों को इतना सुगम बनाएं कि ये अदृश्य हो जाएं। सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे। आपसे कह रहा हूं क्योंकि मुझे पता है ऐसा आप ही कर सकते हैं। आप जादूगर हैं।

मुझे पता है कि कोरोना की रोकथाम, भोजन का प्रबंध, मज़दूरों की वापसी, रोज़गार का प्रबंध वगैरा-वगैरा सासंसारिक-भौतिक झमेले आप हल नहीं कर पाएंगे। आपने इसके लिये जन्म नहीं लिया है। मैं तो कहूंगा आपने जन्म ही नहीं लिया है बल्कि अवतार लिया है, कुछ बड़ा करने के लिये। आपने खुद भी कहा है कि हमें कोरोना के साथ जीना सीखना होगा। मुझे तो आपके कहने से पहले ही पता था। मैं तो 2014 में ही समझ गया था। आप छोटी चीजों के लिए बनें ही नहीं है। आप संसारिक मसलों की तरफ बिल्कुल ध्यान न दें। 70 साल से भी तो देश किसी तरह चल ही रहा था। आप अपना पूरा ध्यान विश्वगुरु बनने की परीक्षा पर लगाएं। दिमाग पर रत्ती भर भी बोझ न लें। हालांकि मुझे पता है आप नहीं ले रहे हैं फिर भी कह रहा हूं।

ये सब तो होनी है और होनी को कौन टाल सकता है। होनी को टाल नहीं सकते, लेकिन बुला तो सकते हैं। आप आपदा को असवर में बदलिये। हम आपके साथ हैं। आप विश्वगुरु बनने की अनहोनी को होनी करेक दिखा दें, बस। होनी टल भी जाएगी और अनहोनी हो भी जाएगी। आर्यावर्त आपका ऋणी रहेगा। आपसे एक बार फिर अनुरोध है कि देश के लोगों के बजाय देश पर ही ध्यान केंद्रित रखें। मुझे पता है कि आप ऐसा कर रहे हैं, मैं फिर भी कह रहा हूं।

आपसे एक फेवर और चाहिये था। आप देश को विश्वगुरु बनाने के साथ-साथ मुझे भी किसी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर या छोट-मोटा गुरु बना दें, तो आपकी बड़ी मेहरबानी होगी। मेरे ज्ञान की झलक तो आप ऊपर देख ही चुके हैं। मैं आपके योगदान और बलिदान पर एक पुस्तक भी लिखना चाहता हूं। आपने देश को विश्वगुरु कैसे बनाया। ये पुस्तक 51 हज़ार पेज की होगी। पुस्तक पत्थर के पेज पर लिखी जाएगी और एक पेज की लंबाई 121 मीटर और चौड़ाई 51 मीटर होगी। 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज को अगर हम इस पुस्तक के लेखन और साज-सज्जा पर खर्च करें तो शायद देश का ज्यादा भला होगा। भारत के विश्वगुरु बनने की दास्तान इतिहास बन जाएगी। ये एक मौका है न इसे आप चूकें और न मुझे चूकने दें। आइये! मिलकर आपदा को अवसर में बदल दें।

आपका भक्त

...

(यह एक व्यंग्यात्मक आलेख है। लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते रहते हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

Satire
Political satire
Narendra modi
Modi Magic
modi bhakt
BJP
Coronavirus
Lockdown
migrants
20 lakh Crore

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • omicron
    भाषा
    दिल्ली में कोविड-19 की तीसरी लहर आ गई है : स्वास्थ्य मंत्री
    05 Jan 2022
    ‘‘ दिल्ली में 10 हजार के करीब नए मामले आ सकते हैं और संक्रमण दर 10 प्रतिशत पर पहुंच सकती है.... शहर में तीसरी लहर शुरू हो चुकी है।’’
  • mob lynching
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: बेसराजारा कांड के बहाने मीडिया ने साधा आदिवासी समुदाय के ‘खुंटकट्टी व्यवस्था’ पर निशाना
    05 Jan 2022
    निस्संदेह यह घटना हर लिहाज से अमानवीय और निंदनीय है, जिसके दोषियों को सज़ा दी जानी चाहिए। लेकिन इस प्रकरण में आदिवासियों के अपने परम्परागत ‘स्वशासन व्यवस्था’ को खलनायक बनाकर घसीटा जाना कहीं से भी…
  • TMC
    राज कुमार
    गोवा चुनावः क्या तृणमूल के लिये धर्मनिरपेक्षता मात्र एक दिखावा है?
    05 Jan 2022
    ममता बनर्जी धार्मिक उन्माद के खिलाफ भाजपा और नरेंद्र मोदी को घेरती रही हैं। लेकिन गोवा में महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी के साथ गठबंधन करती हैं। जिससे उनकी धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत पर सवाल खड़े हो…
  • सोनिया यादव
    यूपी: चुनावी समर में प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री का महिला सुरक्षा का दावा कितना सही?
    05 Jan 2022
    सीएम योगी के साथ-साथ पीएम नरेंद्र मोदी भी आए दिन अपनी रैलियों में महिला सुरक्षा के कसीदे पढ़ते नज़र आ रहे हैं। हालांकि ज़मीनी हक़ीक़त की बात करें तो आज भी महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले में उत्तर…
  • मुंबईः दो साल से वेतन न मिलने से परेशान सफाईकर्मी ने ज़हर खाकर दी जान
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मुंबईः दो साल से वेतन न मिलने से परेशान सफाईकर्मी ने ज़हर खाकर दी जान
    05 Jan 2022
    “बीएमसी के अधिकारियों ने उन्हें परेशान किया, उनके साथ बुरा व्यवहार किया। वेतन मांगने पर भी वे उस पर चिल्लाते थे।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License