NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लीबिया की संसद ने अंतरिम यूनिटी सरकार को मंज़ूरी दी
प्रधानमंत्री अब्दुल हमीद दबीबा के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार 24 दिसंबर तक चुनाव होने तक सत्ता संभालेगी। संयुक्त राष्ट्र की शांति प्रक्रिया के परिणामस्वरूप इसमें सफलता मिली।
पीपल्स डिस्पैच
11 Mar 2021
Abdul Hamid Dbeibeh

लीबिया की संसद ने बुधवार 10 मार्च को केंद्रीय लीबिया के सिरते शहर में दो दिनों की बहस के बाद प्रधानमंत्री अब्दुल हमीद दबीबा के नेतृत्व वाली देश की अंतरिम यूनिटी सरकार के पक्ष में मतदान किया। लीबिया के प्रतिनिधि सभा के 132 सदस्यों में से 121 सदस्यों ने इस ट्रांजिशनल सरकार के पक्ष में मतदान किया। स्विट्जरलैंड के जेनेवा में पिछले महीने देश के विभिन्न युद्धरत पक्षों और राजनीतिक गुटों के बीच लीबिया की शांति वार्ता के दौरान इस यूनिटी सरकार को लेकर सहमति बनी थी।

सरकार के पास अब इस वर्ष 24 दिसंबर के दिन चुनावों होने तक देश को संचालित करने की जिम्मेदारी है। लीबिया पॉलिटिकल डायलॉग फॉरम (एलपीडीएफ) की वार्ता के दौरान देश के विभिन्न पक्षों द्वारा अन्य महत्वपूर्ण समझौते हुए। ये अंतरिम सरकार उन दो प्रमुख प्रतिद्वंद्वी सरकारों की जगह ले लेगी जो गृहयुद्ध के दौरान देश के कुछ हिस्सों में शासन कर रही थी और इन पक्षों द्वारा एलडीपीएफ समझौता होने से पहले शासन कर रही थी। पूर्व-आधारित हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव विद्रोही लीबिया के सेनापति जनरल खलीफा हफ़र द्वारा समर्थन प्राप्त था जबकि पश्चिमी लीबिया में राजधानी त्रिपोली में संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त गवर्नमेंट ऑफ नेशनल अकॉर्ड (जीएनए) का नियंत्रण था।

इस बीच सरकार को देश में वर्तमान में प्रभावित करने वाले अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों से निपटना होगा। इन मुद्दों में उच्च बेरोजगारी, घटिया सार्वजनिक सेवाओं और देश में अस्थिर व तेजी से बिगड़ती आर्थिक स्थिति से निपटने के लिए अन्य जरूरी चीजों से भी निपटना होगा।

अपनी सरकार को मान्यता मिलने के बाद अंतरिम पीएम दबीबा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए एक बयान में कहा, "इस वोट के जरिए यह स्पष्ट हो गया कि लीबियावासी एक हैं।" उन्होंने लीबियाई लोगों से "अपने दिलों को एक दूसरे को खोलने और दुश्मनी को भूल जाने का आग्रह किया।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे लीबिया में मौजूद 20,000 से अधिक विदेशी सैनिकों और लड़ाके को बाहर करने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र और इन सैनिकों के देशों के साथ संपर्क करेंगे और उन्हें वापस बुलाने की मांग करेंगे।

लीबिया में 2011 के नाटो के नेतृत्व वाले आक्रमण के बाद से अराजकता फैल गई और युद्ध छिड़ गया जिससे देश विभिन्न हिस्सों में बंट गया। नाटो के नेतृत्व वाले हमले ने लीबिया के पूर्व नेता मुअम्मर गद्दाफी की सरकार को उखाड़ फेंका था। ये अंतरिम सरकार युद्ध की समाप्ति और पुनर्निर्माण की उम्मीदों को बढ़ाती है।

libya
Libya Parliament
libya government
Abdul Hamid Dbeibeh

Related Stories

अफ़्रीकी देश अपनी मुद्रायें यूरोप से क्यों छपवाते हैं

लीबिया में युद्ध समाप्त करने और दिसंबर में चुनावों की रूपरेखा को अंतिम रूप देने को बातचीत फिर शुरू

लीबिया पर शांति सम्मेलन में देश से सभी विदेशी सैनिकों को तत्काल वापस लेने का आह्वान

लीबिया की अंतरिम सरकार ने तुर्की को देश से अपनी सेना वापस लेने के लिए कहा

बिना दस्तावेज़ वाले प्रावसियों को ले जा रही नाव के लीबिया तट के पास डूबने से 11 लोगों की मौत

लीबिया की संसद ने संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरिम सरकार के भविष्य पर बैठक की

लीबिया में अंतरिम सरकार के लिए उम्मीदवारों की घोषणा का यूएन ने स्वागत किया

संयुक्त राष्ट्र ने लीबिया से सभी विदेशी सैनिकों की तत्काल वापसी की मांग की

लीबिया में संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित शांति वार्ता का दूसरा दौर वर्चुअल रूप में शुरू हुआ

लीबियाई गुट ने तेल परिसरों के लिए संयुक्त सुरक्षा पर समझौता किया, अगले सप्ताह शांति समझौते के राजनीतिक पहलुओं पर होगी चर्चा


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: कुछ भी मत छापो, श..श..श… देश में सब गोपनीय है
    10 Apr 2022
    एक कानून है, गोपनीयता का कानून। पहले से ही है। सरकारी गोपनीयता का कानून। बलिया में वह भंग कर दिया गया। तीन पत्रकारों ने उसे भंग किया।
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    जय श्री राम बनाम जय सिया राम
    10 Apr 2022
    आज रामनवमी है, और इतवार भी। इसलिए ‘इतवार की कविता’ में आज पढ़ते हैं जय श्री राम और जय सिया राम का फ़र्क़ और मर्म बताती मुकुल सरल की यह छोटी सी कविता।
  • worker
    पुलकित कुमार शर्मा
    पिछले तीन सालों में दिहाड़ी 50 रुपये नहीं बढ़ी, जबकि महंगाई आसमान छू गयी    
    10 Apr 2022
    देश में 30 करोड़ से भी ज्यादा ग्रामीण कामगार कृषि और गैर कृषि पेशों से जुड़े हुए हैं। जिनकी दिहाड़ी में पिछले तीन सालों में मामूली सी बढ़ोतरी हुई है, जबकि महंगाई आसमान छू रही है।  
  • नाइश हसन
    उर्दू पत्रकारिता : 200 सालों का सफ़र और चुनौतियां
    10 Apr 2022
    उर्दू अपना पहले जैसा मक़ाम हासिल कर सकती है बशर्ते हुकूमत एक खुली ज़ेहनियत से ज़बान को आगे बढ़ाने में साथ दे, लेकिन देखा तो यह जा रहा है कि जिस पैकेट पर उर्दू में कुछ छपा नज़र आ जा रहा है उस प्रोडक्ट से…
  • शारिब अहमद खान
    नेट परीक्षा: सरकार ने दिसंबर-20 और जून-21 चक्र की परीक्षा कराई एक साथ, फ़ेलोशिप दीं सिर्फ़ एक के बराबर 
    10 Apr 2022
    केंद्र सरकार द्वारा दोनों चक्रों के विलय के फैसले से उच्च शिक्षा का सपना देखने वाले हज़ारों छात्रों को धक्का लगा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License