NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
अणुओं को बनाने का ‘हरित’ तरीका विकसित करने वाले लिस्ट, मैकमिलन को रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार
आणविक निर्माण का एक ‘‘सरल’’ नया तरीका खोजने के लिए दो वैज्ञानिकों को रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार दिये जाने की बुधवार को घोषणा की गई
भाषा
07 Oct 2021
 David MacMillan,  Benjamin,

स्टाकहोम: आणविक निर्माण का एक ‘‘सरल’’ नया तरीका खोजने के लिए दो वैज्ञानिकों को रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार दिये जाने की बुधवार को घोषणा की गई। अणुओं के निर्माण के इस नये तरीके का इस्तेमाल दवाओं से लेकर भोजन के स्वाद तक सब कुछ बनाने के लिए किया जा सकता है।

जर्मनी के बेंजामिन लिस्ट और स्कॉटलैंड में जन्मे डेविड डब्ल्यू.सी. मैकमिलन के इस तरीके के जरिये वैज्ञानिकों को अणुओं को अधिक किफायती, कुशलतापूर्वक, सुरक्षित रूप से और काफी कम पर्यावरणीय प्रभाव के साथ उत्पादन करने की अनुमति मिली है।

विजेताओं की घोषणा ‘रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज’ के महासचिव गोरान हैन्सन ने की।

नोबेल समिति के एक सदस्य, पर्निला विटुंग-स्टाफशेड ने कहा, ‘‘यह पहले से ही मानव जाति को बहुत लाभान्वित कर रहा है।’’

अणु बनाना, जिसके लिए विशिष्ट व्यवस्था में अलग-अलग परमाणुओं को एक साथ जोड़ने की आवश्यकता होती है - एक कठिन और धीमा कार्य है। सहस्राब्दी की शुरुआत तक, रसायन वैज्ञानिकों के पास प्रक्रिया को गति देने के लिए केवल दो तरीके या उत्प्रेरक (कैटेलिसिट) थे।

यह सब 2000 में बदल गया, जब मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट के लिस्ट और प्रिंसटन विश्वविद्यालय के मैकमिलन ने स्वतंत्र रूप से बताया कि छोटे कार्बनिक अणुओं का उपयोग बड़े एंजाइम और धातु उत्प्रेरक के समान काम करने के लिए किया जा सकता है।

स्टाफशेड ने कहा, ‘‘नई विधि, जिसे एसिमेट्रिक ऑर्गेनोकैटलिसिस के नाम से जाना जाता है, का आज व्यापक उपयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए इसका उपयोग दवा की खोज में और रसायनों के उत्पादन में किया जाता है।’’

नोबेल समिति के अध्यक्ष जोहान इकविस्ट ने नई पद्धति को सरल बताया। उन्होंने कहा, ‘‘तथ्य यह है कि बहुत से लोगों ने सोचा है कि हमने इसके बारे में पहले क्यों नहीं सोचा?’’

पुरस्कार की घोषणा के बाद लिस्ट ने कहा कि उनके लिए पुरस्कार एक ‘‘बहुत बड़ा आश्चर्य’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे इसकी बिल्कुल उम्मीद नहीं थी।’’

उन्होंने कहा कि जब स्वीडन से फोन आया तो वह अपने परिवार के साथ एम्स्टर्डम में छुट्टियां मना रहे थे। उन्होंने टेलीफोन पर पत्रकारों से कहा, ‘‘आपने वास्तव में आज मेरा दिन बना दिया।’’

लिस्ट (53) ने कहा कि उन्हें शुरू में नहीं पता था कि मैकमिलन उसी विषय पर काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि जब तक यह सफल नहीं होता, तब तक उनका यह प्रयास एक खराब विचार हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगा कि यह कुछ बड़ा हो सकता है।’’

लिस्ट ने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें अपने भविष्य के काम में और भी अधिक स्वतंत्रता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि मैं इस पर खरा उतरूंगा, इस मान्यता के लिए और अद्भुत चीजों की खोज जारी रखूंगा।’’

संबंधित क्षेत्रों में काम करने वाले कई वैज्ञानिकों के लिए पुरस्कार साझा करना आम बात है। पिछले साल, रसायन विज्ञान पुरस्कार फ्रांस के इमैनुएल चार्पेंटियर और अमेरिका के जेनिफर ए डौडना को एक जीन उपकरण विकसित करने के लिए दिया गया था जिसने डीएनए को बदलने का एक तरीका प्रदान करके विज्ञान में क्रांति ला दी है।

इस प्रतिष्ठित पुरस्कार में एक स्वर्ण पदक और एक करोड़ स्वीडिश क्रोनोर (11.4 लाख डॉलर से अधिक) की राशि दी जाती है। पुरस्कारों की स्थापना 1895 में स्वीडिश नागरिक अल्फ्रेड नोबेल ने की थी।

नोबेल पुरस्कार समिति ने सोमवार को चिकित्सा के क्षेत्र में अमेरिकी नागरिकों डेविड जूलियस और आर्डम पातापूशियन को नोबेल पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की थी।

जलवायु परिवर्तन की समझ को बढ़ाने समेत जटिल प्रणालियों पर काम करने के लिए जापान, जर्मनी और इटली के तीन वैज्ञानिकों को इस वर्ष भौतिकी के नोबेल पुरस्कार के लिए मंगलवार को चुना गया था।

आने वाले दिनों में साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र के क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नाम घोषित किये जाएंगे।

David MacMillan
benjamin
Nobel Prize in Chemistry

Related Stories

प्रधानमंत्री नेतन्याहू गठबंधन बनाने में नाकाम, इजराइल में फिर होंगे चुनाव


बाकी खबरें

  • Western media
    नतालिया मार्क्वेस
    यूक्रेन को लेकर पश्चिमी मीडिया के कवरेज में दिखते नस्लवाद, पाखंड और झूठ के रंग
    05 Mar 2022
    क्या दो परमाणु शक्तियों के बीच युद्ध का ढोल पीटकर अंग्रेज़ी भाषा के समाचार घराने बड़े पैमाने पर युद्ध-विरोधी जनमत को बदल सकते हैं ?
  •  Mirzapur
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी: चुनावी एजेंडे से क्यों गायब हैं मिर्ज़ापुर के पारंपरिक बांस उत्पाद निर्माता
    05 Mar 2022
    बेनवंशी धाकर समुदाय सभी विकास सूचकांकों में सबसे नीचे आते हैं, यहाँ तक कि अनुसूचित जातियों के बीच में भी वे सबसे पिछड़े और उपेक्षित हैं।
  • Ukraine return
    राजेंद्र शर्मा
    बैठे ठाले:  मौत के मुंह से निकल तो गए लेकिन 'मोदी भगवान' की जय ना बोलकर एंटिनेशनल काम कर गए
    05 Mar 2022
    खैर! मोदी जी ने अपनी जय नहीं बोलने वालों को भी माफ कर दिया, यह मोदी जी का बड़प्पन है। पर मोदी जी का दिल बड़ा होने का मतलब यह थोड़े ही है कि इन बच्चों का छोटा दिल दिखाना ठीक हो जाएगा। वैसे भी बच्चे-…
  • Banaras
    विजय विनीत
    बनारस का रण: मोदी का ग्रैंड मेगा शो बनाम अखिलेश की विजय यात्रा, भीड़ के मामले में किसने मारी बाज़ी?
    05 Mar 2022
    काशी की आबो-हवा में दंगल की रंगत है, जो बनारसियों को खूब भाता है। यहां जब कभी मेला-ठेला और रेला लगता है तो यह शहर डौल बांधने लगाता है। चार मार्च को कुछ ऐसा ही मिज़ाज दिखा बनारस का। यह समझ पाना…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में क़रीब 6 हज़ार नए मामले, 289 मरीज़ों की मौत
    05 Mar 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 5,921 नए मामले सामने आए हैं। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 29 लाख 57 हज़ार 477 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License