NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लंदनः बस ड्राइवरों की वेतन कटौती के ख़िलाफ़ हड़ताल
लंदन में बस सेवा संचालक आरएटीपी के बस ड्राइवरों ने कोविड-19 संकट की आड़ में कंपनी द्वारा भुगतान में कटौती को लागू करने के प्रयास का विरोध किया। इससे कुछ ड्राइवरों को एक साल में 2,500 पाउंड (3039.57 डॉलर) का नुकसान हो सकता है।
पीपल्स डिस्पैच
25 Feb 2021
लंदनः बस ड्राइवरों की वेतन कटौती के ख़िलाफ़ हड़ताल

लंदन बस नेटवर्क के एक बस ऑपरेटर आरएटीपी में कार्यरत करीब 2,200 बस ड्राइवरों ने इस सप्ताह काम को लेकर बदलते नियमों और शर्तों के विरोध में हड़ताल किया। पहले चरण का हड़ताल सोमवार 22 फरवरी से बुधवार 24 फरवरी तक चली। साथ आरएटीपी की तीनों सहायक ऑपरेटर- लंदन यूनाइटेड, लंदन सॉवरेन और क्वालिटी लाइन ने अगले सप्ताह काम रोकने की भी योजना बनाई है। इस हड़ताल का आह्वान यूनाइट यूनियन ने किया था।

यूनाइट ने फ्रांस के स्वामित्व वाली आरएटीपी पर आरोप लगाया है कि वह भुगतान में कटौती करने के प्रयास में इस महामारी का इस्तेमाल कर रही है जिससे इसके कुछ ड्राइवर को एक साल में 2,500 पाउंड (3039.57 डॉलर) तक का नुकसान हो सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण और पश्चिम लंदन में सेवाएं देने वाले लंदन यूनाइटेड के कर्मचारी 22 से 24 फरवरी तक हड़ताल पर रहे। सुर्रे के इप्सम के डिपो स्थित क्वालिटी लाइन के कर्मचारियों ने 22 और 23 फरवरी को हड़ताल किया। उत्तर पश्चिम लंदन में संचालित लंदन सॉवरेन के ड्राइवरों ने 22 फरवरी को हड़ताल किया और वे 3 मार्च को भी हड़ताल करेंगे।

आरएटीपी के यूनाइट रीजनल ऑफिसर मिशेल ब्रेवबॉय ने कहा कि “आरएटीपी में हड़ताल से दक्षिण, पश्चिम और उत्तरी लंदन में सेवाओं पर गंभीर असर पड़ेगा। आरएटीपी मुख्य कर्मचारियों के नियमों और शर्तों पर हमला करने के लिए एक सुविधानुसार इस महामारी का इस्तेमाल हर कीमत पर करती रही है। यदि यह लागू हो जाता है तो लंदन में ड्राइवरों को एक साल में 2,500 पाउंड खोना होगा वह भी ऐसे समय में जब राजधानी में रहने सहने का खर्च बढ़ रहा है।”

मिशेल ब्रेवबॉय ने आगे कहा, “ये अस्थायी परिवर्तन नहीं हैं, लेकिन स्थायी है जिससे सदस्यों को काफी वित्तीय नुकसान होगा। जीरो कन्ट्रैक्ट आवर्स के विवाद को भी हल नहीं किया गया है।”

भुगतान में कटौती लंदन में बस ड्राइवरों के लिए दोहरा झटका है क्योंकि वे पहले से ही महामारी के कारण संकट में हैं। पिछले साल अप्रैल में यूनाइट सहित कई यूनियनों ने विशेषकर लंदन में बस ड्राइवरों में COVID-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर परिवहन कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की मांग की थी।

London
Bus Driver Strike
COVID-19
Salary Cut

Related Stories

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को देश भर से मिल रहा समर्थन

यूपी: शाहजहांपुर में प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पीटा, यूनियन ने दी टीकाकरण अभियान के बहिष्कार की धमकी

दिल्ली: महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूरों, महिलाओं, छात्र-नौजवानों व कलाकारों ने एक साथ खोला मोर्चा

दिल्ली: बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूर, महिला, छात्र, नौजवान, शिक्षक, रंगकर्मी एंव प्रोफेशनल ने निकाली साईकिल रैली

पश्चिम बंगाल: ईंट-भट्ठा उद्योग के बंद होने से संकट का सामना कर रहे एक लाख से ज़्यादा श्रमिक

देशभर में एसएफआई का प्रदर्शन, शिक्षण संस्थानों को दोबारा से चालू करने की मांग 


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    खाद्य मुद्रास्फीति संकट को और बढ़ाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध
    04 Apr 2022
    सिर्फ़ भारत में ही नहीं, खाद्य मुद्रास्फीति अब वैश्विक मुद्दा है। यह बीजिंग रिव्यू के ताजा अंक की कवर स्टोरी है। संयोग से वह कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की भी एक प्रमुख कहानी बन गई।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License