NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
नज़रिया
भारत
राजनीति
‘लव जिहाद’ संघी कल्पना है
तथाकथित लव जिहाद का नारा सकारात्मक, प्रगतिशील जीवन मूल्यों को उलट देने और भारत को अंधकार युग में ठेल देने की कोशिश है।
अजय सिंह
08 Nov 2020
लव जिहाद
प्रतीकात्मक तस्वीर

जिसे ‘लव जिहाद’ कहा-प्रचारित किया जाता है, वह फ़ासिस्ट हिंदुत्व संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसकी संतान भारतीय जनता पार्टी की अपनी दिमाग़ी उपज है। इसका ज़मीनी हक़ीक़त से कोई लेना-देना नहीं। यह भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के विभाजनकारी संघी सपने का हिस्सा है, जिसने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के बाद खासा ज़ोर पकड़ लिया है। इसका पुरज़ोर विरोध किया जाना चाहिए।

जिस तथाकथित लव जिहाद से लड़ने की माला उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और हरियाणा की भाजपा सकार के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर जप रहे हैं और उसके ख़िलाफ़ सख़्त क़ानून  बनाने की बात कर रह हैं, उसके दो मक़सद हैं। एकः मुसलमानों का दानवीकरण करना। दोः ख़ासकर हिंदू औरतों–और आम तौर पर सभी औरतों—की यौनिकता व आज़ादी पर ब्राह्मणवादी पितृसत्ता के शिकंजे को और मज़बूत व दमनकारी बनाना। यह स्त्री-द्वेषी व स्त्री-द्रोही मानसिकता है, जो आरएसएस-भाजपा के चिंतन का अभिन्न हिस्सा है।

दरअसल, ‘लव जिहाद का ख़तरा-लव जिहाद का ख़तरा’ का आक्रामक राग अलापते हुए केंद्र की भाजपा सरकार और राज्यों की भाजपा सरकारें देश में मनुस्मृति संहिता (कोड) लागू करने की कोशिश कर रही हैं, जो भारत के संविधान की आत्मा के ठीक विपरीत है। मनुस्मृति औरत को हर तरह की आज़ादी से वंचित करती है और उसे मनुष्य नहीं मानती।

ध्यान देने की बात है कि मनुस्मृति के घोर स्त्री-विरोधी, दलित-विरोधी, शूद्र-विरोधी, स्वतंत्रता-विरोधी, समानता-विरोधी और बंधुत्व-विरोधी चरित्र के चलते ही भीमराव अंबेडकर ने दिसंबर 1927 में इसे सार्वजनिक तौर पर जलाया था। मनुस्मृति दहन भारत की आज़ादी की लड़ाई का अहम पड़ाव रहा है, और भारत के संविधान की रूपरेखा तय करने में इसने गहन वैचारिक भूमिका निभायी है।

तथाकथित लव जिहाद का नारा सकारात्मक, प्रगतिशील जीवन मूल्यों को उलट देने और भारत को अंधकार युग में ठेल देने की कोशिश है। लव जिहादवादी हिंदुत्व गिरोह यह बताना चाह रहा है कि मुसलमान लड़के हिंदू लड़कियों को अपने प्रेम में फांस लेते हैं और फिर उनका धर्म परिवर्तन कर—यानी,  हिंदू लड़कियों को मुसलमान बना कर—शादी कर लेते हैं। यह गिरोह कहना चाह रहा है कि हिंदू लड़कियों के पास अपना दिमाग़ नहीं होता, उनके पास बुद्धि व विवेक नहीं होता, उन्हें अच्छे-बुरे की समझ व तमीज़ नहीं होती, और उन्हें आसानी से बहकाया-फुसलाया जा सकता है।

अब यह कितना ज़हरीला, स्त्री-विरोधी चिंतन है! यह बताता है कि औरत अपने बारे में स्वतंत्र फ़ैसला करने में अक्षम है। मुसलमानों के प्रति कितना घटिया नज़रिया है यह कि वे हिंदू लड़कियों को फंसाने में लगे हैं! यह नज़रिया मुसलमानों पर हमला करने का बहाना बन जाता है। उत्तर प्रदेश व हरियाणा में, जहां भाजपा की सरकारें हैं, यही हो रहा है। कर्नाटक भी, जहां भाजपा की सरकार है, इसी राह पर है।

ब्राह्मणवादी पितृसत्तात्मक सोच और समाज औरत को हमेशा किसी की बहन किसी की बेटी के रूप में देखता है। वह कभी भी उसे स्वतंत्र औरत के रूप में—स्वतंत्र मनुष्य के रूप में—नहीं देखता। और उसकी यौनिकता से तो इस सोच व समाज को थरथरी छूटती है! पितृसत्ता कभी नहीं चाहती कि एक वयस्क स्त्री अपनी मर्ज़ी से एक स्वतंत्र व्यक्ति की तरह, किसी वयस्क पुरुष के साथ रिश्ता बनाये और अपनी यौनिकता की दावेदारी करे।

अगर यह चुनाव व रिश्ता अंतर्धार्मिक है—यानी, दो धर्मों के लोगों के बीच का है—तब तो पितृसत्ता, जिसके सर पर दक्षिणपंथी राजसत्ता का साया है, और भी हमलावर हो जाती है। लव जिहाद का राग अलापने वाले यही काम कर रहे हैं—वे मुसलमानों पर हमला करने के लिए नया आधार तैयार कर रहे हैं, और हिंदू औरतों को ज़्यादा-से-ज़्यादा पुरुष-आश्रित, स्वतंत्रता-विहीन और व्यक्तित्व-विहीन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यही तो है मनुस्मृति!

(लेखक वरिष्ठ कवि व राजनीतिक विश्लेषक हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

love jihad
sanghi
Fascist Hindutva Organization
RSS
Rashtriya Swayamsevak Sangh
BJP
Yogi Adityanath
Brahminical patriarchy
Manusmriti
hindu-muslim
Narendra modi

Related Stories

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

ख़बरों के आगे-पीछे: मोदी और शी जिनपिंग के “निज़ी” रिश्तों से लेकर विदेशी कंपनियों के भारत छोड़ने तक

ख़बरों के आगे-पीछे: केजरीवाल के ‘गुजरात प्लान’ से लेकर रिजर्व बैंक तक

यूपी में संघ-भाजपा की बदलती रणनीति : लोकतांत्रिक ताकतों की बढ़ती चुनौती

बात बोलेगी: मुंह को लगा नफ़रत का ख़ून

इस आग को किसी भी तरह बुझाना ही होगा - क्योंकि, यह सब की बात है दो चार दस की बात नहीं

ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?

ख़बरों के आगे-पीछे: भाजपा में नंबर दो की लड़ाई से लेकर दिल्ली के सरकारी बंगलों की राजनीति

बहस: क्यों यादवों को मुसलमानों के पक्ष में डटा रहना चाहिए!

ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..


बाकी खबरें

  • kisan
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसानों ने देश को संघर्ष करना सिखाया - अशोक धवले
    25 Dec 2021
    किसान आंदोलन ने इस देश के मजदूरों और किसानों को नई हिम्मत दी है। ऑल इंडिया किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवले ने न्यूज़क्लिक के साथ ख़ास बातचीत में कहा कि आंदोलन के कामयाब होने की बुनियादी शर्त…
  • yogi
    अजय कुमार
    योगी सरकार का काम सांप्रदायिकता का ज़हर फैलाना है या नौजवानों को बेरोज़गार रखना?
    25 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश का चुनावी माहौल हिंदू-मुस्लिम धार पर बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है। तो आइए इस नफ़रत के माहौल को काटते हुए उत्तर प्रदेश की बेरोज़गारी पर बात करते हैं।
  • manipur
    शशि शेखर
    मणिपुर : ड्रग्स का कनेक्शन, भाजपा और इलेक्शन
    25 Dec 2021
    मणिपुर में ड्रग कार्टेल और भाजपा नेताओं की उसमे संलिप्तता की कई खबरें आ चुकी हैं। टेररिस्ट संगठन से लिंक के आरोपी, थोनाजाम श्याम कुमार सिंह, 2017 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हैं। विधायकी की…
  • up
    सत्येन्द्र सार्थक
    यूपी चुनाव 2022: पूर्वांचल में इस बार नहीं हैं 2017 वाले हालात
    25 Dec 2021
    पूर्वांचल ख़ासकर गोरखपुर में सभी प्रमुख पार्टियां अपनी जीत का दावा कर रही हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में गोरखपुर ज़िले की 9 सीटों में से 8 पर भाजपा ने जीत हासिल की थी, लेकिन जानकारों का मानना है कि…
  • bhasha singh
    भाषा सिंह
    बात बोलेगी : दरअसल, वे गृह युद्ध में झोंकना चाहते हैं देश को
    24 Dec 2021
    हरिद्वार में 17 से 19 दिसंबर 2021 तक चली बैठक को धर्म संसद का नाम देने वाले वे सारे उन्मादी मारने-काटने की बात करने वाले, ख़ुद को स्वामी और साध्वी कहलाने वाले शख़्स दरअसल समाज को उग्र हिंदु राष्ट्र के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License