NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
लखनऊ : सदफ़ और दारापुरी जेल से रिहा
सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता सदफ़ ज़फ़र, पूर्व आईपीएस अधिकारी एस आर दारापुरी और 13 अन्य को एक स्थानीय अदालत ने शनिवार को जमानत दे दी थी।  मंगलवार को उन्हें जेल से रिहा जार दिया गया।  
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Jan 2020
sadaf jafar and darapuri
Image courtesy: Jagran

उत्तर प्रदेश की राजधानी में संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में हुये हिसंक प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी और कांग्रेस प्रवक्ता सदफ जाफर मंगलवार को जेल से रिहा हो गए। सूत्रों ने बताया कि स्थानीय अदालत ने दोनों को शनिवार को ही जमानत दे दी थी लेकिन औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण उनकी रिहाई रुकी हुई थी।

दोनों की रिहाई के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘आंबेडकरवादी चिंतक व पूर्व आईपीएस दारापुरी और कांग्रेस नेता सदफ जाफर आज जेल से रिहा हो गए। अदालत द्वारा सबूत माँगने पर उप्र पुलिस बगलें झांकने लगी थी। भाजपा सरकार ने निर्दोष लोगों और बाबासाहेब की विरासत को आगे बढ़ाने वाले लोगों को गिरफ्तार करके अपनी असली सोच दिखाई है... मगर झूठ कभी नहीं जीत सकता।''

आपको बता दें कि 19 दिसंबर को सदफ़ ज़फ़र की गिरफ़्तारी लखनऊ के परिवर्तन चौक से उस समय हुई थी जब वह एक विरोध प्रदर्शन के बाद हुए उपद्रव का फेसबुक लाइव कर रही थीं। इस वीडियो में वे पुलिस से इन उपद्रवियों को पकड़ने का भी आग्रह करती दिखाई दे रही हैं। आरोप है कि पुलिस ने उनकी अपील तो नहीं सुनी उल्टा उन्हें ही पकड़कर उनके ऊपर दंगा भड़काने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत 14 धाराओं में केस दर्ज कर लिया।

इसी तरह पूर्व पुलिस अधिकारी मानवाधिकार कार्यकर्ता और लेखक एसआर दारापुरी को पुलिस ने पहले नज़रबंद और फिर दंगा भड़काने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया था। आपको यहां यह भी बता दें कि वाराणसी में भी 19 दिसंबर को सीएए के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार की गई 14 महीने की बच्ची चंपक की मां एकता शेखर को भी 14 दिन बाद जमानत दे दी गई है। उनके पति रवि शेखर को भी इस दौरान गिरफ़्तार किया गया था।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

इसे भी पढ़े: लखनऊ : सदफ़ और दारापुरी को मिली ज़मानत

Sadaf Jafar
SR Darapuri
bail
UttarPradesh
Lucknow
CAA
Protest against CAA
UP police
Yogi Adityanath BJP

Related Stories

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

लखनऊ: देशभर में मुस्लिमों पर बढ़ती हिंसा के ख़िलाफ़ नागरिक समाज का प्रदर्शन

महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर

बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी

पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव


बाकी खबरें

  • JANAZA
    ज़ाकिर अली त्यागी
    हरदोई: क़ब्रिस्तान को भगवान ट्रस्ट की जमीन बता नहीं दफ़नाने दिया शव, 26 घंटे बाद दूसरी जगह सुपुर्द-ए-खाक़!
    08 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश के हरदोई बीजेपी से जुड़े एक शख़्स ने शव को दफ़्न करने से रोक दिया, और क़ब्रिस्तान की ज़मीन पर अपना दावा ठोक दिया, हैरानी की बात यह रही कि कार्रवाई करने की बजाय प्रशासन भी उनकी ताल में…
  • अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी
    एजाज़ अशरफ़
    अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी
    08 Jan 2022
    यह समझना महत्वपूर्ण होगा कि आखिर क्यों रक्षा कर्मी हिंदुत्व के समर्थन में हैं और पर्यावरण का मुद्दा इस पहाड़ी राज्य के लिए चुनावी मुद्दा नहीं है।
  • ECI
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    5 राज्यों में चुनाव तारीख़ों की घोषणा, यूपी में 7 चरणों में चुनाव, 10 मार्च को मतगणना
    08 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से लेकर 7 मार्च तक 7 चरणों में मतदान होगा, वहीं उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में 14 फरवरी को एक चरण में और मणिपुर में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। इसी के साथ 15 जनवरी तक रैली,…
  • रवि कौशल
    राजस्थान: REET अभ्यर्थियों को जयपुर में किया गया गिरफ़्तार, बड़े पैमाने पर हुए विरोध के बाद छोड़ा
    08 Jan 2022
    दरअसल यह लोग राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) के तहत अगले चरण में पदों को बढ़वाने के लिए 70 दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। इनकी मांग है कि सीटों की संख्या को बढ़ाकर 50,000 किया जाए।
  • सोनिया यादव
    यूपी: देश के सबसे बड़े राज्य के ‘स्मार्ट युवा’ सड़कों पर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
    08 Jan 2022
    एक ओर रैलियों में बीजेपी की योगी सरकार अपनी उपलब्धियां गिनवा रही है तो वहीं दूसरी ओर चुनाव के मुहाने पर खड़े उत्तर प्रदेश के युवाओं ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License