NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
पीआरटीसी के संविदा कर्मचारी अप्रैल का बकाया वेतन जारी करने और नियमित नौकरी की मांग को लेकर लुधियाना में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 May 2022
workers strike
Image courtesy : Hindustan Times

लुधियाना में पंजाब रोडवेज के संविदाकर्मियों ने वेतन तथा अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दिया है। राज्यव्यापी विरोध के मद्देनजर इन कर्मचारियों ने बुधवार दोपहर शहीद सुखदेव थापर अंतरराज्यीय बस टर्मिनल पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी, जिससे इस दौरान करीब 100 बसों का परिचालन प्रभावित रहा। वे परिवहन विभाग द्वारा संविदा कर्मचारियों का अप्रैल माह का वेतन जारी नहीं करने तथा नियमित नौकरी की मांग को लेकर विरोध कर रहे हैं।

पंजाब रोडवेज/पीआरटीसी संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले विरोध प्रदर्शन करते हुए संगठन ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को पूरा करने में विफल रहती है तो वे गुरुवार से परिचालन पूरी तरह से ठप कर देंगे।

संघ के प्रदेश महासचिव शमशेर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रदेश की नीतियों के कारण विभाग की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि इसके चलते करीब चार हजार संविदा कर्मचारियों को अप्रैल का वेतन नहीं मिला है।

हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए शमशेर सिंह ने कहा कि, “आम आदमी पार्टी (आप) ने संविदा कर्मचारियों को नियमित करने और यूनियन की अन्य मांगों को पूरा करने के बड़े-बड़े वादे किए लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं किया गया। यूनियन के सदस्यों ने 11 मई को परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर से मुलाकात भी की थी लेकिन कोई हल नहीं निकला।”

सिंह ने आगे कहा कि, “हमने राज्य सरकार को बुधवार दोपहर तक अपनी मांगों को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया था और कुछ भी हल न निकलने के बाद ये हड़ताल शुरू की गई। दोपहर से पहले निकली बसों को हड़ताल शुरू होने के बाद नजदीकी डिपो में रुकने को कहा गया।”

संघ के जिलाध्यक्ष सतनाम सिंह ने आरोप लगाया कि विभाग और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वालों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, “लुधियाना में लगभग 100 बसों का संचालन रुक गया और हड़ताल से राज्य भर में लगभग 1,700 बसों की आवाजाही प्रभावित हुई है। जब तक सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं करती तब तक हड़ताल जारी रहेगी।”

हालांकि निजी और पीआरटीसी बसों का संचालन जारी था। रोडवेज की बसों की हड़ताल के चलते यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा और शेड्यूल में गड़बड़ी के कारण लंबे समय तक उन्हें इंतजार करने को मजबूर होना पड़ा।

ज्ञात हो कि अपनी मांगों को लेकर पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने 30 अप्रैल को लुधियाना में बस स्टैंड पर राज्य स्तरीय बैठक की थी। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह गिल की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों ने अपना आंदोलन तेज करने का फैसला किया था क्योंकि उनका आरोप था कि राज्य सरकार उनकी मांगों को पूरा करने में विफल रही है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि राज्य में नई सरकार भी पिछली सरकारों के नक्शेकदम पर चल रही है और पीआरटीसी और पनबस के संविदा कर्मचारियों का शोषण कर रही है। उन्होंने तब कहा था कि वे सरकार से उनकी नौकरियों को नियमित करने, निष्कासित कर्मचारियों की नौकरी पर बहाल करने और सरकारी बस सेवा में 10,000 नई बसें जोड़ने आदि की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि वे अपनी मांगों को लेकर परिवहन मंत्री से मिले थे लेकिन कोई हल नहीं निकला।

अपने आंदोलन को तेज करने को लेकर चर्चा करते हुए यूनियन के सदस्यों ने कहा था कि मांग न माने जाने पर राज्य भर में बस स्टैंड 24 मई को दो घंटे के लिए बंद रहेंगे। उन्होंने कहा था कि 28 और 29 मई को सभी विधायकों और मंत्रियों को मांग पत्र दिए जाएंगे जबकि 6 जून को फिर से गेट रैलियां आयोजित की जाएगी। संविदा कर्मचारी 8 से 10 जून तक हड़ताल पर रहेंगे और 'चक्का जाम' करेंगे। वे तीन दिनों के दौरान बसें नहीं चलाएंगे। उन्होंने पंजाब के परिवहन मंत्री के आवास का घेराव करने का भी फैसला किया है।

ये भी पढ़ें: मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा

punjab
Ludhiana
PRTC
PRTC Protest
Workers Strike

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 

स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है

केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान

प्रधानमंत्री मोदी की फिरोज़पुर रैली रद्द होने पर राजनीति तेज़, वार और पलटवार

ख़बर भी-नज़र भी: किसानों ने कहा- गो बैक मोदी!

पंजाब : किसानों को सीएम चन्नी ने दिया आश्वासन, आंदोलन पर 24 दिसंबर को फ़ैसला

अर्बन कंपनी से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने किया अपना धरना ख़त्म, कर्मचारियों ने कहा- संघर्ष रहेगा जारी!


बाकी खबरें

  • 400 से अधिक पूर्व राष्ट्राध्यक्षों, बुद्धिजीवियों की अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से क्यूबा पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग
    पीपल्स डिस्पैच
    400 से अधिक पूर्व राष्ट्राध्यक्षों, बुद्धिजीवियों की अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से क्यूबा पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग
    23 Jul 2021
    400 से अधिक हस्तियों द्वारा हस्ताक्षरित एक खुला पत्र अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान क्यूबा पर लगाए गए 243 एकतरफ़ा प्रतिबंधों को हटाने की मांग करता है जिसने इस द्वीप…
  • अध्ययन के मुताबिक भारत में कोरोनावायरस की दूसरी लहर ‘विभाजन के बाद की सबसे भयावह त्रासदी’, सरकार ने किया आंकड़े से इंकार
    दित्सा भट्टाचार्य
    अध्ययन के मुताबिक भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर ‘विभाजन के बाद सबसे बड़ी त्रासदी’, सरकार का आंकड़े से इंकार
    23 Jul 2021
    रिपोर्ट में कहा गया है, “वास्तविक मौतों का आंकड़ा कई लाखों में होने का अनुमान है, न कि कुछ लाख में, जो इसे यकीनन विभाजन और स्वतंत्रता के बाद से भारत की सबसे भयावह मानवीय त्रासदी बना देता है।” 
  • अयोध्या में बीएसपी के कार्यक्रम का पोस्टर। बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा के ट्विटर हैंडल से साभार
    असद रिज़वी
    दलित+ब्राह्मण: क्या 2007 दोहरा पाएगी बीएसपी?
    23 Jul 2021
    पार्टी अपने 2007 के सोशल इंजीनियरिंग के प्रयोग को दोहराने की कोशिश कर रही है, लेकिन ये इस बार इतना आसान नहीं होगा। एक विश्लेषण...
  • ज़मीन और आजीविका बचाने के लिए ग्रामीणों का विरोध, गुजरात सरकार वलसाड में बंदरगाह बनाने पर आमादा
    दमयन्ती धर
    ज़मीन और आजीविका बचाने के लिए ग्रामीणों का विरोध, गुजरात सरकार वलसाड में बंदरगाह बनाने पर आमादा
    23 Jul 2021
    वलसाड में उमरागाम तालुक के स्थानीय लोग प्रस्तावित बंदरगाह के निर्माण का विरोध 1997 से ही करते आ रहे हैं, जब पहली बार इसकी घोषणा की गई थी। 
  • चंद्रशेखर आज़ाद
    प्रबल सरन अग्रवाल, हर्षवर्धन
    चंद्रशेखर आज़ाद: एक क्रांतिकारी जो समाजवाद की लड़ाई लड़ते-लड़ते शहीद हो गया
    23 Jul 2021
    आज़ाद जयंती पर विशेष: सोशल मीडिया के जमाने में चंद्रशेखर आज़ाद को मात्र एक मूछों को ताव देने वाले, जनेऊ पहने, बलिष्ठ भुजाओं वाले व्यक्ति की तौर याद किया जाने लगा है जिसकी वजह से उनके विचार पीछे छूटते…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License