NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बोलीविया के आम चुनावों में एमएएस उम्मीदवार आगे
हालिया सर्वेक्षणों के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस की पार्टी मूवमेंट टुवार्डस सोशलिज्म (एमएएस) के उम्मीदवार लुइस एर्से आगामी राष्ट्रपति चुनावों में अपने निकट प्रतिद्वंद्वी से 15% के मतों के अंतर से आगे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
18 Mar 2020
बोलीविया

इस महीने बोलिवियन पोलस्टर सिस्मोरी द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार मूवमेंट टुवार्डस सोशलिज्म पार्टी (एमएएस) के लुइस एर्से और उनके साथी डेविड चोकेहुआंका 3 मई को होने वाले आम चुनावों में 33.3% के साथ आगे हैं। जबकि दूसरे स्थान पर 18.3% मतों के साथ पूर्व राष्ट्रपति कार्लोस मेसा हैं वहीं वर्तमान कार्यवाहक राष्ट्रपति जीनिन अनेज 16.9% के साथ तीसरे स्थान पर हैं।

इस सूची में क्रिमोस गठबंधन के लुइस फर्नांडो कैमाचो को 7.1% मत हासिल होता हुआ दिखाया गया है जबकि फ्रंट फॉर विक्ट्री के ची ह्युन चुंग 3.8%, नेशनल एक्शन पार्टी के फेलिसियानो मामानी को 1.9% और लिबर 21 गठबंधन के जोर्ज क्विरोगा को 1.7% मत हासिल होता हुआ बताया गया है।

यह सर्वेक्षण 5 से 11 मार्च के बीच किया गया था और देश भर के 100 शहरों और ग्रामीण शहरों में लगभग 2,243 नागरिकों से संपर्क किया गया था।

फरवरी के महीने में मतदाताओं के इरादे को लेकर भी इसी तरह का सर्वेक्षण किया गया था जिसमें 31.6% मतों के साथ एमएएस के पक्ष में जाने की प्रवृत्ति सामने आई थी।

बोलीविया के प्लुरिनेशनल स्टेट के संविधान के अनुसार पहले दौर में प्रेसिडेंसी ऑफ रिपब्लिक जीतने के क्रम में किसी उम्मीदवार को 50% से अधिक मत प्राप्त करना होता है या दूसरे सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार से 10% लीड के साथ 40% से अधिक वोटों से जीतना होगा।

क्रिएटर के सर्वेक्षण के परिणामों ने एमएएस के राष्ट्रपति उम्मीदवार को उनके निकट प्रतिद्वंद्वी पर 15% की बढ़त बताई है, ऐसे समय में यह एक सकारात्मक संकेत है जब एमएएस पार्टी ने आगामी राष्ट्रपति चुनावों में धोखाधड़ी की संभावना के बारे में चेतावनी दी है।

पिछले साल नवंबर में एमएएस की संवैधानिक सरकार और लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति इवो मोरालेस के खिलाफ तख्तापलट के बाद देश में राजनीतिक संकट बना हुआ है। पुलिस की बर्बरता, राजनीतिक, जातिवाद और यौन उत्पीड़न की शिकायतें लगातार होती रही हैं। अगले चुनावों के साथ बोलीविया इन संकटों को दूर करने में सफल हो पाएगा जिसने तख्तापलट के बाद पुलिस तथा सैन्य दमन और उत्पीड़न में 30 से अधिक लोगों के जान चली गई है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

bolivia
Bolivia Elections
MAS
Eva Morales
Movement Towards Socialism Party

Related Stories

क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?

पत्रकारिता एवं जन-आंदोलनों के पक्ष में विकीलीक्स का अतुलनीय योगदान 

बोलिवियाई लोगों को तख्तापलट करने वाली नेता जीनिन आनेज़ के जेल से भागने की आशंका

बोलिविया के तख़्तापलट में शस्त्र मुहैया कराने के मामले में अर्जेंटीना ने जांच शुरू की

बोलीविया सरकार ने इक्वाडोर द्वारा तख़्तापलट सरकार को हथियारों की आपूर्ति की जांच की

साकाबा नरसंहार के एक साल बाद बोलीविया ने पीड़ितों को याद किया और न्याय की मांग की

बोलिवियाई लोगों ने एक विशाल रैली में ईवो मोरालेस का स्वागत किया

बोलिवियाः लुइस एर्से ने राष्ट्रपति और डेविड चोकेहुआंसा ने उपराष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया

बोलीवियाः एमएएस ने ला पाज़ में कैम्पेन हेडक्वार्टर के पास विस्फ़ोट की निंदा की

बोलीविया के चुनावी नतीजों के मायने!


बाकी खबरें

  • पीपल्स डिस्पैच
    हिरासत के दौरान कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने के बाद तीन इराक़ियों की मौत
    11 Aug 2021
    इन मौतों की रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र की उस एक रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद आई है जिसमें इराक़ी और कुर्दिस्तान के क्षेत्रीय सरकारी अधिकारियों पर व्यापक स्तर पर बंदियों के साथ अत्याचार और दुर्व्यवहार करने…
  • climate change
    उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की: धरती एक दावानल की चपेट में आने जा रही है
    11 Aug 2021
    कुछ साल पहले तक तो जलवायु परिवर्तन को एक सैद्धांतिक बात कहकर टाल दिया जाता था लेकिन अब हक़ीक़त यह है कि जलवायु परिवर्तन का असर हमारे रोज़मर्रा के जीवन में दिखाई देने लगा है।
  • SOCIALISM
    प्रभात पटनायक
    बराबरी और किल्लत: कैसे समाजवाद ने पूंजीवाद को पछाड़ा
    11 Aug 2021
    सामान के लिए उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लगना, समाजवादी उत्पादन व्यवस्था की अकुशलता को नहीं, बल्कि इन समाजवादी समाजों की बहुत ही समतावादी प्रकृति को ही दिखाता था।
  • AIDWA PROTEST
    असद रिज़वी
    अध्ययन: स्मार्ट फ़ोन, इंटरनेट और बढ़ती फ़ीस इस सबने ग़रीब मेहनतकशों के बच्चों को पीछे धकेला
    11 Aug 2021
    अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) ने कोविड-19 के दौरान प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा पर पड़े नकारात्मक प्रभाव पर एक अध्ययन किया है। अध्ययन में सामने आया है कि सुविधाओं की कमी और ख़राब आर्थिक हालत के…
  • पीपल्स डिस्पैच
    थाईलैंडः पुलिस की कार्रवाई के बावजूद "कार" रैली में हज़ारों लोग शामिल हुए
    11 Aug 2021
    प्रयुत चान-ओ-चा की सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी के कुप्रबंधन के ख़िलाफ़ गुस्साए हज़ारों लोगों ने 2020 में थम्मासैट विश्वविद्यालय के विरोध के एक साल पूरे होने पर रैली निकाली।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License