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एमएएस उम्मीदवारों ने बोलीविया में आम चुनावों के लिए नामांकन किया
डी-फैक्टो सरकार द्वारा निरंतर राजनीतिक उत्पीड़न के बावजूद एमएएस के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार लुइस एर्से और उनके प्रतिद्वंद्वि डेविड चोकेहुंसा ने सुप्रीम इलेक्टोरल कोर्ट के कार्यालय में अपनी उम्मीदवारी का परचा दाखिल किया।
पीपल्स डिस्पैच
04 Feb 2020
Bolivia

बोलीविया के पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस के नेतृत्व में समाजवादी राजनीतिक दल मूवमेंट टूवार्ड्स सोशलिज्म (एमएएस) ने 3 मई को बोलीविया में होने वाले आम चुनावों के लिए 3 फरवरी को अपने राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और अन्य राष्ट्रीय विधानसभा उम्मीदवारों का पंजीकरण कराया। ये चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब अतिदक्षिण पंथी नेता जीनिन एनेज की अगुवाई में तख्तापलट के बाद निरंतर राजनीतिक उत्पीड़न जारी है।

एमएएस के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार लुइस एर्से और उनके प्रतिद्वंद्‌वि डेविड चोकेहुंसा सुप्रीम इलेक्टोरल कोर्ट (टीएसई) के कार्यालय में पहुंचे और भारी संख्या में एमएएस नेताओं और समर्थकों की मौजूदगी में अपनी उम्मीदवारी दर्ज कराई। ये नेता और समर्थक सैन फ्रांसिस्को प्लाजा से उनके साथ चुनावी कार्यालय पहुंचे।

बोलिविया के लोगों में अपना विश्वास दिखाते हुए अपनी उम्मीदवारी का परचा भरने के बाद एर्से ने कहा, “हमारे पक्ष में भारी संख्या में लोग हैं। हम एकमात्र पार्टी हैं, एकमात्र राजनीतिक विकल्प जो सबसे ग़रीब मध्यम वर्ग के लोगों के स्वदेशी भाइयों, किसानों के सबसे ग़रीब लोगों के हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो इस सरकार के चलते लगातार ग़रीब हुए हैं। ऐसे कई लोग हैं जो न केवल राजनीतिक भागीदारी में सीमा के चलते परेशान हैं बल्कि अर्थव्यवस्था में भी पिछड़े हैं। हमारे पास इन बहुसंख्यक लोगों का समर्थन है।”

हाल ही में, डी-फैक्टो सरकार ने उनके ख़िलाफ़ झूठे भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करके आगामी चुनाव में एर्से की भागीदारी को बाधित करने का प्रयास किया। एमएएस अधिकारियों और सामाजिक नेताओं का उत्पीड़न जीनिन एनेज की तानाशाही के अधीन कुछ भी नया नहीं है।

दक्षिणपंथी तख्तापलट के बाद ला-पाज़ में स्थित मैक्सिकन दूतावास में शरण लेने वाले एमएएस के सहायकों और मंत्रियों को एक बढ़ी हुई सैन्य उपस्थिति से डराया गया था और पांच एमएएस मंत्रियों के ख़िलाफ़ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे। यहां तक कि बोलीविया के पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस पर भी देशद्रोह, आतंकवाद और आतंकवाद को फंडिंग करने का आरोप लगाते हुए वारंट जारी किया गया है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

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