NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
योगी और अखिलेश समेत विधायकों ने यूपी विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली
योगी आदित्यनाथ की शपथ के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों के ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए, जबकि नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव को जब शपथ के लिए बुलाया गया तो सपा सदस्यों ने ‘जय भीम’ और ‘जय समाजवाद’ के नारों का उद्घोष किया।
भाषा
28 Mar 2022
Yogi akhilesh
Image courtesy : TheQuint

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव समेत अनेक नवनिर्वाचित विधायकों ने सोमवार को उत्तमर प्रदेश की 18वीं विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की।

सदन के नेता आदित्यनाथ के बाद विपक्ष के नेता के तौर पर नामित अखिलेश यादव ने विधायक के रूप में शपथ ली।

आदित्यनाथ ने गोरखपुर शहरी सीट से हाल में राज्य विधानसभा चुनाव जीता था, जबकि अखिलेश यादव करहल विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए।

प्रोटेम स्पीकर रमापति शास्त्री ने सदन में सदस्यों को शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण से पहले विधानसभा में आदित्यनाथ ने पत्रकारों से कहा, ''देश की सबसे बड़ी विधानसभा के 18वें कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण कार्यक्रम शुरू हो रहा है , मैं इस अवसर पर सभी नवनिर्वाचित सदस्यों का हृदय से स्वागत करता हूं।''

योगी ने कहा, ''मैं अपेक्षा करता हूं कि सभी सदस्य विधानसभा के सुचारू कार्यक्रम में सहयोग करेंगे, साथ ही मैं सभी से राज्य के समग्र विकास में सहयोग करने की उम्मीद करता हूं।''

आदित्यनाथ जब सदन में आये तो ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ सदस्यों ने उनका स्वागत किया।

योगी अपनी सीट पर बैठने से पहले नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव समेत विपक्षी सदस्यों  से मिले और अभिवादन की औपचारिकता पूरी कीं। इसके पहले अखिलेश यादव लाल टोपी पहनकर सदन में आये और समाजवादी पार्टी व सत्ता पक्ष के सदस्यों ने उनका स्वागत किया।

सदन में पहुंचने पर प्रोटेम स्पीकर रमापति शास्त्री् ने नवनिर्वाचित सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने अपेक्षा की कि आने वाले समय में सभी सदस्य सदन की गरिमा बनाये रखेंगे।

उन्होंने सबसे पहले आदित्यनाथ को शपथ के लिए आमंत्रित किया। योगी ने अध्यक्ष के आसन के पास पहुंचकर शपथ ली, इस दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों के ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से सदन गूंज उठा। इसके बाद जब नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव को शपथ के लिए बुलाया गया तो समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने ‘जय भीम’ और ‘जय समाजवाद’ के नारों का उद्घोष किया।

यादव अपनी सीट से उठकर पहली कतार से सदस्यों और नेता सदन योगी से मिलने के बाद शपथ के लिए अध्यक्ष के आसन के पास पहुंचे। अखिलेश के बाद वरिष्ठ सदस्य सतीश महाना (कानपुर महराजपुर से निर्वाचित) और उनके बाद उप मुख्यसमंत्री ब्रजेश पाठक ने शपथ ली। ब्रजेश पाठक के बाद सरकार के मंत्रियों को शपथ दिलाने की प्रक्रिया शुरू हुई। मंत्री सूर्य प्रताप शाही, बेबी रानी मौर्य आदि मंत्रियों ने शपथ ली।

विधानसभा के एक अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि मंत्रियों को शपथ दिलाने के बाद महिला विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी।

उल्लेखनीय है कि सात चरणों में संपन्न हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणाम 10 मार्च को घोषित हुआ। 403 सदस्यों वाली विधानसभा में इस बार सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के 255 और उसके सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के 12 तथा निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद) के छह सदस्य निर्वाचित हुए हैं।

राज्य् की मुख्य  विपक्षी समाजवादी पार्टी के 111 तथा उसके सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल के आठ और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के छह सदस्य निर्वाचित हुए हैं। इसके अलावा कांग्रेस के दो, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के दो और बहुजन समाज पार्टी के एक सदस्यं निर्वाचित हुए हैं। इस बार विधानसभा में एक भी निर्दलीय सदस्य नहीं है। सभी सदस्यों को सोमवार और मंगलवार को शपथ दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जानी है।

Uttar pradesh
Yogi Adityanath
AKHILESH YADAV
BJP
SP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • Haryana Anganwadi Workers' Protest
    न्यूज़क्लिक टीम
    हरियाणा: आंगनवाड़ी कर्मचारियों के आंदोलन के 50 दिन पूरे
    28 Jan 2022
    हरियाणा में 8 दिसंबर 2022 को शुरू हुआ आंगनवाड़ी कर्मचारियों के आंदोलन ने अपने 50 दिन पूरे कर लिए हैं. प्रदर्शन कर रही कर्मचारियों का आरोप है कि 2018 में प्रधानमंत्री द्वारा मानदेय बढ़ाने का वादा आज…
  • manik sarkar
    संदीप चक्रवर्ती
    त्रिपुरा : पूर्व सीएम माणिक सरकार ने मोदी-शाह पर लगाया राज्य के इतिहास से 'छेड़छाड़' का आरोप
    27 Jan 2022
    माणिक सरकार ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनशिक्षा आंदोलन का अपमान किया है, जिस आंदोलन ने त्रिपुरा में रियासती हुकुमत के अंत का रास्ता तैयार किया था।
  • Public Safety Act
    अब्दुल हन्नान
    पब्लिक सेफ़्टी एक्ट: मनमुताबिक़ हिरासत में ली जाने की कार्रवाईयां जारी, नए कश्मीर में असहमति की कोई जगह नहीं
    27 Jan 2022
    कयूम की तरफ़ से जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट में रिट पेटिशन लगाई गई थी, जिसे ख़ारिज कर दिया गया था। इसके बाद पेटेंट अपील दाखिल की गई थी।
  •  रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा
    27 Jan 2022
    आंदोलनकारियों पर बर्बर पुलिसिया हिंसा के खिलाफ देशभर के छात्र लामबंद हो रहे हैं। इस बीच बुधवार की देर रात पटना के पत्रकार नगर थाने में पुलिस ने इस प्रदर्शन के पीछे कोचिंग संचालकों की भूमिका को मानते…
  • RELIGIOUS DEATH
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु : किशोरी की मौत के बाद फिर उठी धर्मांतरण विरोधी क़ानून की आवाज़
    27 Jan 2022
    कथित रूप से 'जबरन धर्मांतरण' के बाद एक किशोरी की हालिया खुदकुशी और इसके ख़िलाफ़ दक्षिणपंथी संगठनों की प्रतिक्रिया ने राज्य में धर्मांतरण विरोधी क़ानून की मांग को फिर से केंद्र में ला दिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License