NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
राजनीति
मध्य प्रदेश: वेद और जीसस के उद्धरणों से लिखे लेख ने एक शिक्षाविद् को पहुंचाया जेल
एक शिक्षाविद् को एक स्वयंभू आरएसएस अनुयायी की शिकायत पर गिरफ्तार कर लिया गया, वो भी सिर्फ इस आरोप पर कि उनके लेख से उसकी धार्मिक भावनाओं पर चोट पहुंची है। 
काशिफ काकवी
09 Apr 2021
मध्य प्रदेश:  वेद और जीसस के उद्धरणों से लिखे लेख ने एक शिक्षाविद् को पहुंचाया जेल

भोपाल: मध्य प्रदेश की मंदसौर पुलिस ने रविवार को एक शिक्षाविद् तथा पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी एक लेख के कारण की गई है। जो वेदों और प्रभु जीसस के संदर्भ में आध्यात्मिकता के साथ धर्मनिरपेक्षता के आदर्शों पर लिखा गया है। शिक्षाविद् ने यह लेख अपने ब्लॉग पर लिखा था।
 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुयायी-समर्थक और अधिवक्ता सुरेश साहू ने नारायणगढ़ पुलिस थाने में  नवंबर 2020 में शिक्षाविद् राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी के विरुद्ध एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। द्विवेदी भोपाल में रहते  हैं।
 
सुरेश साहू मंदसौर जिले के नारायणगढ़ मोहल्ले के निवासी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि द्विवेदी ने अपने  ब्लॉग में हिंदुत्व को  खराब संदर्भ में पेश किया है।  इस वजह से उनकी  धार्मिक भावनाओं पर चोट पहुंची है। पुलिस ने द्विवेदी के खिलाफ  भारतीय दंड संहिता की धाराओं 295a एवं 153 बी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। इसके चलते उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
 
आरएसएस के अनुयायी सुरेश साहू ने आरोप लगाया कि द्विवेदी ने अपने ब्लॉग प्रज्ञाप्रवाह डॉट इन (Pragyapravaah.in)  का नाम आरएसएस के प्रज्ञा प्रवाह डॉट कॉम (Prajna Pravah.com) से मिलता-जुलता रखा है।  संघ का यह पोर्टल हिंदुत्व और  राष्ट्रवाद के विचारों को प्रकाशित, प्रचारित और प्रसारित करता है। जबकि द्विवेदी अपने ब्लॉग में ईसाइयत के विचारों को प्रकाशित-प्रसारित करते रहे हैं। 
 
नारायणगढ़ पुलिस थाने के नगर निरीक्षक अवनीश श्रीवास्तव ने मामले की पुष्टि करते हुए  कहा, “लंबी छानबीन के बाद हमने राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी को  अपने ब्लॉग में हिंदू भावनाओं को चोट पहुंचाने के मामले में  रविवार को गिरफ्तार किया है। उन्हें अदालत  में पेश किया है।”
 
द्विवेदी ईसाइयत के प्रति सहानुभूति रखते हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग से स्वैच्छिक अवकाश ले लिया है। इसके पहले वे राज्य में एक शिक्षक, प्राध्यापक और जिला शिक्षा पदाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। द्विवेदी ने 26 मार्च को अपने ब्लॉग पर एक ताजा लेख ‘धर्मनिरपेक्ष-‘पवित्र विभाजन अस्तित्वहीन है’ प्रकाशित किया था। उनके हालिया लिखे लेख बेहतरीन, शिक्षा के महत्व को दर्शाने वाले, आध्यात्मिक प्रज्ञा और इन्हीं जैसे विषयों पर आधारित हैं। द्विवेदी पाठ्य पुस्तकों के भी लेखक रहे हैं और एमपीएससीईआरटी, शिक्षा निदेशालय, मध्य प्रदेश और भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय में शैक्षणिक प्रशासक भी रहे हैं।
 
इस मामले में संपर्क किए जाने पर सुरेश साहू, जो आरएसएस के प्रज्ञा प्रवाह (Prajna Pravah) से जुड़े होने का दावा करते हैं, ने कहा, “द्विवेदी ईसाइयत के समर्थक हैं और उन्होंने आरएसएस के प्रज्ञा प्रवाह डॉट कॉम के नाम से मिलता-जुलता  अपना एक ब्लॉग बनाया हुआ है।  इस ब्लॉग के जरिए वे ईसाइयत के विचारों को प्रकाशित-प्रसारित करते रहते हैं,  जबकि  वे अपने अधिकांश  लेखों में हिंदुत्व को एक बहुत खराब धारणा के आलोक में दिखाते रहे हैं।”
 
अधिवक्ता साहू ने कहा, “द्विवेदी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को गलत तरीके से यह कहते हुए दिखाया है कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान उनका ईश्वर पर से विश्वास  कम हो गया है। यह एक भ्रामक सूचना है।  इसलिए ऐसे व्यक्ति  (द्विवेदी) को  समाज में  छुट्टा घूमने की आजादी नहीं दी जानी चाहिए।” 
 
हालांकि,  डॉ रश्मि  द्विवेदी ने अपने पति का बचाव किया।  उन्होंने कहा, “वह (राजेन्द्र प्रसाद द्विवेदी) एक विद्वान व्यक्ति हैं और उन्होंने राज्य के शिक्षा विभाग में विभिन्न पदों पर दो दशकों से भी अधिक समय तक अपनी सेवाएं दी हैं। वे किसी भी धर्म को लांछित नहीं कर सकते और उसके विरुद्ध ऐसा कुछ भी नहीं लिख सकते, जो अपमानजनक हो।”
 
डॉ रश्मि ने कहा,“ वे गंभीर आकलन  और तथ्यों के विश्लेषण के बाद ही कोई ब्लॉग लिखते हैं।  उनके विरुद्ध यह एक निराधार मामला है। मैं मुतमईन हूं कि अगली सुनवाई पर अदालत उन्हें जमानत दे देगी।”
 
मध्य प्रदेश में ईसाई समुदाय की जनसंपर्क अधिकारी मारिया  स्टीफन ने इस बाबत पूछे जाने पर बताया, “यह  धार्मिक असहिष्णुता का एक दूसरा मामला है, जबकि संविधान में व्यक्ति की अभिव्यक्ति की आजादी का आदर किया गया है। उसे अपने धर्म के प्रचार-प्रसार का अधिकार दिया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “यह मामला भी धर्मांतरण के विरुद्ध हालिया पारित कानून से ही जुड़ा प्रकरण है, जिसके तहत ईसाई समुदाय के सदस्यों पर मामले दर्ज किये गये हैं।”
 
स्टीफन ने कहा, “यह  सच और झूठ, न्याय और अन्याय,  प्रकाश और अंधकार की बीच की लड़ाई है। झूठ तेज दौड़ता भले ही प्रतीत होता है, लेकिन आखिर में हमेशा सच  की ही जीत होती है।  मुझे उम्मीद है कि अगली सुनवाई में उन्हें (द्विवेदी को) जमानत मिल जाएगी।” 
 
अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें।

MP: Article on Secularism with Reference to Vedas, Jesus Lands Educationist in Jail

Secularism
RSS
freedom of expression
hinduism
religious conversion
Christianity

Related Stories

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कर्नाटक: स्कूली किताबों में जोड़ा गया हेडगेवार का भाषण, भाजपा पर लगा शिक्षा के भगवाकरण का आरोप

EXCLUSIVE: ‘भूत-विद्या’ के बाद अब ‘हिंदू-स्टडीज़’ कोर्स, फिर सवालों के घेरे में आया बीएचयू

"विश्वविद्यालय में भाजपा आरएसएस का एजेंडा चला रहे है वीसी"

इतिहास से वही डरते हैं जिनका कोई इतिहास नहीं

आख़िर यूजीसी पर शिक्षा के भगवाकरण का आरोप क्यों लग रहा है?

हाथ में कैंची लिए आरएसएस एक बार फिर से पाठ्यपुस्तकों की कतर-ब्योंत में लगा है

अगर वे सिर्फ अंग्रेजी सीख लेते हैं तो ओबीसी आरक्षण का फायदा उठाने की स्थिति में आ सकते हैं

डीयू ऑनलाइन एग्ज़ाम प्रकरण: क्या एबीवीपी अंतत: सरकार के कवच का काम करेगी?

बीएचयू : आखिरकार फिरोज़ खान ने दिया इस्तीफ़ा, लेकिन सवाल अभी बाक़ी!


बाकी खबरें

  • farmers
    चमन लाल
    पंजाब में राजनीतिक दलदल में जाने से पहले किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए
    10 Jan 2022
    तथ्य यह है कि मौजूदा चुनावी तंत्र, कृषि क़ानून आंदोलन में तमाम दुख-दर्दों के बाद किसानों को जो ताक़त हासिल हुई है, उसे सोख लेगा। संयुक्त समाज मोर्चा को अगर चुनावी राजनीति में जाना ही है, तो उसे विशेष…
  • Dalit Panther
    अमेय तिरोदकर
    दलित पैंथर के 50 साल: भारत का पहला आक्रामक दलित युवा आंदोलन
    10 Jan 2022
    दलित पैंथर महाराष्ट्र में दलितों पर हो रहे अत्याचारों की एक स्वाभाविक और आक्रामक प्रतिक्रिया थी। इसने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया था और भारत की दलित राजनीति पर भी इसका निर्विवाद प्रभाव…
  • Muslim Dharm Sansad
    रवि शंकर दुबे
    हिन्दू धर्म संसद बनाम मुस्लिम धर्म संसद : नफ़रत के ख़िलाफ़ एकता का संदेश
    10 Jan 2022
    पिछले कुछ वक्त से धर्म संसदों का दौर चल रहा है, पहले हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में और अब बरेली के इस्लामिया मैदान में... इन धर्म संसदों का आखिर मकसद क्या है?, क्या ये आने वाले चुनावों की तैयारी है, या…
  • bjp punjab
    डॉ. राजू पाण्डेय
    ‘सुरक्षा संकट’: चुनावों से पहले फिर एक बार…
    10 Jan 2022
    अपने ही देश की जनता को षड्यंत्रकारी शत्रु के रूप में देखने की प्रवृत्ति अलोकप्रिय तानाशाहों का सहज गुण होती है किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री का नहीं।
  • up vidhan sabha
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी: कई मायनों में अलग है यह विधानसभा चुनाव, नतीजे तय करेंगे हमारे लोकतंत्र का भविष्य
    10 Jan 2022
    माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रीय स्तर पर नए political alignments को trigger करेंगे। यह चुनाव इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि यह देश-दुनिया का पहला चुनाव है जो महामारी के साये में डिजिटल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License