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एमपीः रीवा में मज़दूरी मांगने गए दलित मज़दूर का मालिक ने काटा हाथ, आईसीयू में भर्ती
पीड़ित अशोक की पत्नी ने कहा गणेश मिश्रा पर लगभग 15,000 रुपये बकाया थे, लेकिन कई महीनों से वे भुगतान नहीं कर रहे थे। हम ग़रीब लोग हैं, अपना पेट पालने के लिए मज़दूरी पर निर्भर हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Nov 2021
worker
Image courtesy : ThePrint

मध्यप्रदेश के रीवा में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक दलित मजदूर अशोक साकेत (37 वर्ष) का उस समय तलवार से हाथ काट दिया गया जब वह अपनी मजदूरी लेने के लिए मालिक गणेश मिश्रा के पास गया था। घटना शनिवार 20 नवंबर की है।

अशोक की पत्नी रीता (31 वर्ष) ने दिप्रिंट से कहा, ‘अपने काम का रुपया ही तो मांगा था। लॉकडाउन के बाद जो काम मिला उसपर ही आस लगा कर बैठे थे 5-6 महीने से।’

पीड़ित अशोक रीवा जिले के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती है।

रीता ने बताया कि अशोक के मालिक गणेश मिश्रा ने शनिवार को उसे फोन करके बुलाया था। यह कहते हुए कि फोन सुनकर वह काफी खुश हो गया था। रीता ने बताया, ‘गणेश मिश्रा पर लगभग 15,000 रुपये बकाया थे, लेकिन कई महीनों से वे भुगतान नहीं कर रहे थे। हम गरीब लोग हैं, अपना पेट पालने के लिए मजदूरी पर निर्भर हैं। उस दिन, मिश्रा ने फोन किया और कहा, आओ और अपने पैसे ले लो।’ शनिवार को दोपहर में अशोक और सत्येंद्र साकेत मिश्रा से बकाया पैसे लेने के लिए वहां गए थे।

इस घटना के एक मात्र प्रत्यक्षदर्शी सत्येंद्र ने द प्रिंट से बातचीत में कहा कि ‘जब हम वहां पहुंचे तो उसने हमें बैठने को कहा और कहा कि वह नकद लेने जा रहे है। हम पैसे मिलने की आशा में खुश थे। पैसों की बजाए, वह हाथ में तलवार लेकर लौटा और अशोक की गर्दन पर वार कर दिया। अशोक ने खुद को बचाने के लिए हाथ उठाया… लेकिन कुछ ही सेकंड में उसका हाथ कटकर सामने जमीन पर गिर गया।’

सत्येंद्र ने आगे कहा कि, ‘मैं बाइक स्टार्ट करने के लिए तेजी से उठा और अशोक भी मेरी ओर भागा। उसका कटा हाथ जमीन पर ही पड़ा था। वह बाइक पर मेरे पीछे बैठ गया और एम्बुलेंस और पुलिस को फोन किया। हम बमुश्किल ही कुछ दूर पहुंचे थे कि वह बेहोश हो गया।’

रीवा के एसपी भसीन ने दिप्रिंट से कहा कि पुलिस ने पीड़ित की मदद के लिए त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि, ‘जब मुझे फोन आया कि ऐसी घटना हुई है और वह व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है तो हमने तुरंत संजय गांधी अस्पताल के डीन से संपर्क किया। डॉक्टरों की एक टीम समय बर्बाद किए बिना हाथ दोबारा जोड़ने के लिए सर्जरी को तैयार थी।’

उन्होंने कहा कि, ‘उस समय एक थाने को अशोक को अस्पताल लाने के जिम्मेदारी दी गई। दूसरे थाने को उसके हाथ का कटा हिस्सा लेकर आने का काम सौंपा गया था। टीम के साथ एक एम्बुलेंस को भी लगाया गया ताकि इसे जल्द से जल्द लाया जा सके।’ भसीन ने कहा कि एक पुलिस टीम ने आरोपी मिश्रा और उसके दो भाइयों को ‘तीन घंटे के भीतर’ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

एसपी ने कहा कि, ‘जब उसने अशोक का हाथ काट डाला और दोनों (मजदूर) वहां से भागने में सफल रहे तो मिश्रा डर गया और अपने भाइयों को बुलाया। उन्होंने खून से सने कपड़ों हटाने में उसकी मदद की और उनके लिए दूसरे कपड़ों की व्यवस्था की। उन लोगों ने कटे हुए हाथ को छिपाने के लिए उसे खेत में फेंक दिया और तलवार भी छिपा दी। मिश्रा घटनास्थल से बाइक पर फरार हो गया था।’

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