NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
प्रशासन की अनदेखी का खामियाज़ा भुगत रहे मरीज़़ : अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टर्स, अब मरीज़ों का क्या होगा?
मध्य प्रदेश के अंचल में NEET, पीजी काउंसलिंग समेत कई मांगों के नहीं माने जाने पर जूनियर डॉक्टर्स ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, इतना ही नहीं डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाएं देने से भी मना कर दिया है, जिसके कारण मरीज़ों को दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Dec 2021
junior doctors strike
तस्वीर सौजन्य : दैनिक भास्कर

NEET, पीजी काउंसलिंग को लेकर रार अभी खत्म नहीं हुई है, ऐसे में मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जूडा यानी जूनियर डॉक्टर एक बार फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जिसमें चिंताजनक बात ये है कि इस बार डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाएं देने से भी साफ़ मना कर दिया है। हालांकि वरिष्ठ डॉक्टरों ने ओपीडी संभालने की कोशिश की लेकिन मरीज़ों की संख्या बढ़ जाने से परेशानी खड़ी हो गई, ऐसे में ग्वालियर के जेएएच यानी जयारोग्य अस्पताल में आने वाले दूर दराज के मरीज़ों में भागादौड़ी मच गई है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, झांसी के रहने वाले धर्मेंद्र एक मरीज़़ को लेकर जेएएच पहुंचे थे, जहाँ उन्हें कोई भी डॉक्टर देखने नहीं आया, इसी तरह कई परिजन परेशान हालत में मरीज़ को स्ट्रेचर पर लेटाकर एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग में भागते दिखे लेकिन वहां भी किसी डॉक्टर ने उनकी मदद नहीं की।

मरीज़ों को हो रही परेशानी और तकलीफ को लेकर जूडा अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत ने दुख ज़ाहिर किया, उन्होंने कहा, "इस हड़ताल की जानकारी डीन जीआर मेडिकल कॉलेज को पहले ही दे दी गई थी। कि वो जूनियर डॉक्टर फेडरेशन ऑफ रेज़िडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के समर्थन में हड़ताल कर रहे हैं।"

दरअसल साल 2021 की NEET पीजी काउंसलिंग नहीं होने को लेकर जूनियर डॉक्टरों इसे करवाने की मांग कर रहे थे, ताकि नया बैच आ सके और अस्पताल के कामों को आसान किया जाए। लेकिन मामला कोर्ट में जाने के कारण अटक गया, जिसके बाद से ही जूनियर डॉक्टरों में गुस्सा देखा जा रहा है।

इससे पहले भी इन डॉक्टरों ने दिसंबर के ही महीने में 3तारीख को हड़ताल की थी, लेकिन चिकित्सा मंत्री के हस्तक्षेप के बाद 10 दिसंबर को हड़ताल खत्म कर दी थी, जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि मंत्री जी ने काउंसलिंग के लिए तारीख दी थी, लेकिन तय समय के बाद भी कोई काम नहीं हुआ है, यही कारण है कि फिर से हड़ताल करने की नौबत आ गई और इस बार अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा रही है।

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के चिकित्सा आयुक्त निशांत वरवड़े से जूडा अध्यक्ष ने नॉन मेडिकल रेजिडेंट या MBBS के बाद आने वाले डॉक्टरों की मांग की थी, क्योंकि इस तरह कि सुविधा अन्य प्रदेशों जैसे, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश को दी गई है, लेकिन मांग पर भी किसी तरह का कोई विचार नहीं किया गया, न ही अभी तक कोई जवाब दिया गया यही कारण है कि इस बार जूडा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हैं।

मध्यप्रदेश में JAH अंचल का सबसे बड़ा अस्पताल है, यहां पड़ोसी राज्यों से भी मरीज़ भारी संख्या में आते हैं, ऐसे में जूडा की हड़ताल से ओपीडी ठप्प पड़ी है, साथ ही इमरजेंसी सेवाएं बंद होने से भी मरीज़ों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है, इसके अलावा कई बडे़ ऑपरेशन भी टाल दिए गए हैं। जिसके कारण अब हजारों मरीज़ दर-दर भटक रहे हैं, दूसरी ओर प्रशासन भी कान में रूई भरे\ बैठा है, क्योंकि न तो उसे डॉक्टरों की समस्या दिखाई दे रही है और न ही मरीज़ों की गुहार।

JOODA
JOODA strike
junior doctors strike
NEET
medical college
MP
Madhya Pradesh

Related Stories

परिक्रमा वासियों की नज़र से नर्मदा

कड़ी मेहनत से तेंदूपत्ता तोड़ने के बावजूद नहीं मिलता वाजिब दाम!  

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

मध्य प्रदेश : खरगोन हिंसा के एक महीने बाद नीमच में दो समुदायों के बीच टकराव

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

एमपी ग़ज़ब है: अब दहेज ग़ैर क़ानूनी और वर्जित शब्द नहीं रह गया

मध्यप्रदेशः सागर की एग्रो प्रोडक्ट कंपनी से कई गांव प्रभावित, बीमारी और ज़मीन बंजर होने की शिकायत

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी


बाकी खबरें

  • Oxfam report
    अब्दुल रहमान
    सरकारों द्वारा होने वाली आर्थिक हिंसा की तरह है बढ़ती असमानता- ऑक्सफ़ैम रिपोर्ट
    20 Jan 2022
    रिपोर्ट अपने दावे में कहती है कि ग़लत सरकारी नीतियों के चलते असमानता में भारी वृद्धि हुई है। शुरुआती 10 अमीर पुरुषों ने, मार्च 2020 में महामारी की शुरुआत के बाद से नवंबर 2021 तक अपनी संपत्ति दोगुनी कर…
  • election commission
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव आयोग की विश्वसनीयता ख़त्म होती जा रही है
    19 Jan 2022
    चुनाव आयोग की जो विश्वसनीयता और जो एक मज़बूती उनके नियमों में होनी चाहिए, वह इस सरकार यानी मोदी सरकार में कमज़ोर नज़र आ रही है।
  • round up
    न्यूज़क्लिक टीम
    2021 में बढ़ी आर्थिक असमानता, लगातार बढ़ते कोरोना मामले और अन्य ख़बरें
    19 Jan 2022
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हम बात करेंगे Oxfam की हालिया रिपोर्ट, कोरोना के बढ़ते मामले और अन्य ख़बरों पर।
  • rbi
    अजय कुमार
    RBI कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे: अर्थव्यवस्था से टूटता उपभोक्ताओं का भरोसा
    19 Jan 2022
    आरबीआई ने जब कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे में लोगों से यह पूछा कि भारत की अर्थव्यवस्था का हाल पहले से बेहतर है या पहले से खराब? तो खराब बताने वालों की संख्या, बेहतर बताने वालों से 57% अधिक निकली। 
  • akhilesh
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तर प्रदेश गरमाया! अखिलेश भी लड़ेंगे चुनाव!
    19 Jan 2022
    बोल की लब आज़ाद हैं तेरे के इस अंक में अभिसार शर्मा अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने के फैसले पर बात कर रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License