NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
भाजपा सरकार के संरक्षण में साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण कर रही है MP पुलिस: माकपा
“श्योपुर और रायसेन में दोनों ही जगह विवाद समाज के वंचित तबकों आदिवासियों और मुस्लिम समुदाय में हुआ। प्रशासन की कार्यवाही ऐसी होनी चाहिए थी कि दोनों समुदायों में अलगाव और असुरक्षा की भावना खत्म होती। मगर मनुवादी तत्वों के दबाव में प्रशासन ने दोनों ही जगह एक तरफा कार्यवाही की है।”- माकपा नेता
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Mar 2022
cpim

मध्य प्रदेश के श्योपुर और रायसेन की ताज़ा घटनाओ से साफ है कि पुलिस-प्रशासन, प्रदेश की भाजपा सरकार के संरक्षण में अपराध को नियंत्रण करने की बजाय हर अपराध क़ो साम्प्रदायिक रंग देकर ध्रुवीकरण कर रही है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि कानून व्यस्था बनाने के लिए जरूरी है कि पुलिस अपराधी पर सख्त कार्यवाही करे, ताकि आम नागरिक का कानून व्यवस्था पर भरोसा क़ायम रहे। किन्तु ज़ब पुलिस साम्प्रदायिक तत्वों के दबाव में अल्पसंख्यक समुदाय क़ो निशाना बनता है तो इससे समाज में असुरक्षा और अलगाव का वातावरण बनता है।

माकपा नेता ने कहा है कि श्योपुर और रायसेन में दोनों ही जगह विवाद समाज के वंचित तबकों आदिवासियों और मुस्लिम समुदाय में हुआ। प्रशासन की कार्यवाही ऐसी होनी चाहिए थी कि दोनों समुदायों में अलगाव और असुरक्षा की भावना खत्म होती। मगर मनुवादी तत्वों के दबाव में प्रशासन ने दोनों ही जगह एक तरफा कार्यवाही की है। श्योपुर में तो अपराधियों के गिरफ्तार हो जाने के बाद भी बजरंग दल और आरएसएस के दबाव में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगो के मकानों को तोड़ दिया गया है, जबकि यह मकान अपराधियों के नहीं उनके पिता के हैं।

उन्होंने आगे कहा- रायसेन में ज़ब आदिवासी समुदाय की भीड़ अल्पसंख्यक समुदाय के गांव पर हमला कर दुकानों को जला देती है, तब अल्पसंख्यक समुदाय के लोग सुरक्षा के लिए बाहर आते हैं और इसलिए टकराव में दुर्भाग्य से एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है और दोनों ही पक्षों के लोग घायल हो जाते हैं, तब भी मुख्यमंत्री सिर्फ एक समुदाय के लोगों से मिलते हैं और गिरफ्तारी भी अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की होती है तथा इसके बाद भी पुलिस तीन लोगो के घर तोड़ देती है।

माकपा नेता ने कहा है कि पुलिस की पक्षपातपूर्ण कार्यवाही भाजपा और संघ के साम्प्रदायिक एजेंडे क़ो तो आगे बढ़ा सकती है मगर प्रदेश में न तो कानून का राज स्थापित कर सकती है और न ही प्रदेश के साम्प्रदायिक सदभाव की रक्षा कर सकती है। माकपा ने कहा है कि पुलिस क़ो राजनीतिक दबाव मे काम करने की बजाय कानून के अनुसार काम करना चाहिए।

जसविंदर सिंह ने प्रदेश के सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों और व्यक्तियों से एकजुट होने की अपील की है ताकि संघ के नियंत्रण में प्रशासन की हरकतों पर रोक लगाई जा सके।

ये भी पढ़ें: मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

BJP
MP police
CPIM
Communal Hate

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • फाइल फोटो। 2 मार्च, 2006 को दिल्ली में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश और भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह।
    प्रबीर पुरकायस्थ
    12 साल में कितना सफल हुआ भारत-अमेरिका नाभिकीय सौदा?
    16 Aug 2021
    भारत-अमेरिका नाभिकीय सौदे को भारतीय जनता के बीच यह कहकर चलाया गया था कि यह जादुई छड़ी है, जिसके हाथ में आने की देर है, भारत की ऊर्जा संबंधी जरूरतें पलक झपकते ही पूरी हो जाएंगी और बार-बार होने वाले…
  • बंपर उत्पादन के बावजूद भुखमरी- आज़ादी के 75 साल बाद भी त्रासदी जारी
    सुबोध वर्मा
    बंपर उत्पादन के बावजूद भुखमरी- आज़ादी के 75 साल बाद भी त्रासदी जारी
    16 Aug 2021
    जब भारत अपने 75वें स्वतंत्रता वर्ष में प्रवेश कर चुका है, तब भी हमारे यहां कई लोग भूखे हैं, जबकि खाद्यान्न अनाजों की हमारे यहाँ बंपर पैदावार होती है।
  • Antonio Guterres
    एपी
    संयुक्त राष्ट्र ने अफ़ग़ानिस्तान में सभी से 'संयम' दिखाने का आग्रह किया
    16 Aug 2021
    तालिबान के एक प्रवक्ता एवं वार्ताकार ने कहा कि चरमपंथी संगठन अफगानिस्तान में ‘‘खुली, समावेशी इस्लामी सरकार” बनाने के मकसद से वार्ता कर रहा है।
  • लोकतंत्र, फ़ासला, असमानता और अनादर
    उपेंद्र बक्सी
    लोकतंत्र, फ़ासला, असमानता और अनादर
    16 Aug 2021
    लोकतंत्र शासन का एकमात्र ऐसा स्वरूप है जो शासन की कला और शिल्प को एक सम्मानजनक फ़ासले पर विकसित करता है और हमेशा उस उपलब्धि को हासिल करना चाहता है जिसे दार्शनिक जॉन रॉल्स ने "ज़िम्मेदार बहुलवाद" के…
  • Modi
    अजय कुमार
    प्रधानमंत्री ने स्वीकारा- 80 फ़ीसदी से ज़्यादा किसानों के पास 2 हेक्टयर से कम ज़मीन, तो फिर MSP की लीगल गारंटी क्यों नहीं?
    16 Aug 2021
    2 हेक्टेयर से कम जमीन पर जीने वाले 80 फ़ीसदी किसानों की बात करके प्रधानमंत्री ने किसान आंदोलन के बारे में कुछ भी नहीं कहा। जबकि हकीकत यह है कि नए कृषि कानून लागू होने पर ये 80 फ़ीसदी किसान भी बर्बादी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License