NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मध्य प्रदेश: सीपीएम का विधानसभा पर धरना, कोरोना मृतकों के परिजनों को राहत और मुआवज़ा देने की मांग
सीपीएम ने मांग की है कि कोरोना संक्रमण, संदिग्ध संक्रमण, अन्य बीमारियों में इलाज न मिल पाने की वजह से हुयी समस्त मौतों को इस राहत की श्रेणी में लिया जाए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Aug 2021
मध्य प्रदेश: सीपीएम का विधानसभा पर धरना, कोरोना मृतकों के परिजनों को राहत और मुआवज़ा देने की मांग

भोपाल। कोरोना महामारी की दोनों लहर के दौरान इस महामारी और उसके कारण बाकी बीमारियों में इलाज न मिल पाने के चलते हुयी मौतों वाले परिवारों को प्रति परिवार 5 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान करने, प्रति परिवार एक व्यक्ति को स्थायी शासकीय नौकरी देकर उनका भविष्य सुरक्षित करने की मांगों को लेकर आज, बुधवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने यहां भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा पर धरना दिया।

धरना प्रदर्शन सीपीएम राज्य सचिव जसविंदर सिंह की अगुआई में हुआ। आंदोलनकारियों के अनुसार इन मौतों ने संबंधित परिवारों के जीवन को भी संकट में डाल दिया है। ऐसी स्थिति में किसी भी निर्वाचित सरकार की संविधान सम्मत जिम्मेदारी बनती है कि वह इन परिवारों की जीवन रक्षा के लिए समुचित कदम उठाये। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी इसी आशय का फैसला सुनाया है। 

सीपीएम के अनुसार विभागीय आपराधिक लापरवाही के चलते अनेक मृतकों की मृत्यु का वास्तविक कारण ही दर्ज नहीं किया गया/दर्ज नहीं करने के निर्देश दिए गए। काफी बड़ी संख्या में ऐसी मौतें हुयी हैं जिन्हे सामान्य इलाज उपलब्ध करके ही टाला जा सकता था, अतएव इस दौरान कोरोना संक्रमण, संदिग्ध संक्रमण, अन्य बीमारियों में इलाज न मिल पाने की वजह से हुयी समस्त मौतों को इस राहत की श्रेणी में लिया जाए।

इस धरने को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद और सीपीएम की पोलित ब्यूरो सदस्य सुभाषिनी अली ने मोदी सरकार से पूछा कि जब देश के कानूनों में इस तरह की राहत देने का प्रावधान है तो फिर देने में ना नुकुर या देरी क्यों की जा रही है? यदि एक अकेले प्रधानमंत्री मोदी के लिए 8400 करोड़ रूपये खर्च  करके एक हवाई जहाज खरीदा जा सकता है - मोदी महल बनाने में 20 हजार करोड़ जैसे अनेक फिजूलखर्च किये जा सकते हैं, अम्बानी अडानी को कई लाख करोड़ रुपयों की सौगातें दी जा सकती हैं तो सरकार की लापरवाही से मारे गए भारतीयों को राहत देते वक़्त ही क्यों पैसे की कमी का रोना रोया जाता है। 

सीपीएम राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने इन मांगों को दोहराते हुए कहा कि कोरोना काल में नकली दवा, इंजेक्शन्स की कालाबाजारी में भाजपाईयों की लिप्तता यहां तक कि मंत्रियों तक की हिस्सेदारी की बातें सामने आयी हैं। उनमे से अनेक मामले दबाये गए हैं। इन सबने मिलकर मध्यप्रदेश में कोरोना मौतों की संख्या और अधिक बढ़ाया।  इन सभी अपराधियों को हत्या का मुजरिम माना जाना चाहिए।

विधानसभा सत्र को अचानक ख़त्म कर दिए जाने की भी इस धरना आंदोलन की तरफ से भर्त्सना की गयी और इसे अलोकतांत्रिक कार्यवाही बताया। वक्ताओं ने कहा कि शिवराज सरकार विधानसभा का सामना करने से डरती है।

भोपाल सीपीएम सचिव पी वी रामचंद्रन के संचालन में हुयी धरने की सभा को संबोधित करने वालों में सीपीएम राज्य सचिव मण्डल सदस्य कैलाश लिम्बोदिया, सीटू प्रदेशाध्यक्ष रामविलास गोस्वामी, सचिव पी एन वर्मा, जनवादी महिला समिति जिला सचिव खुशबू केवट, सलमा शेख, गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति की संयोजिका साधना कार्णिक प्रधान, एसएफआई नेता दीपक पासवान तथा दवा प्रतिनिधियों के नेता अनुराग सक्सेना शामिल थे। 


बाकी खबरें

  • राजा मुज़फ़्फ़र भट
    जम्मू-कश्मीर में उपभोक्ता क़ानून सिर्फ़ काग़ज़ों में है 
    28 Mar 2022
    सैंकड़ों उपभोक्ताओं की शिकायतों का अभी तक कोई हल नहीं हुआ है। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से एक भी नया मामला दर्ज नहीं किया गया है। क़ानूनों को बड़ी तेज़ी से निरस्त और लागू किया जा रहा है, लेकिन…
  • सोनिया यादव
    'राइटिंग विद फायर’ को नहीं मिला ऑस्कर, लेकिन 'खबर लहरिया' ने दिल ज़रूर जीत लिया
    28 Mar 2022
    खबर लहरिया देश का अकेला ऐसा न्यूज़ नेटवर्क है जिसे सिर्फ़ महिलाएं चलाती हैं। यह महिलाएं दलित, मुस्लिम, आदिवासी और पिछड़ी माने जाने वाली जातियों से हैं, जिन्होंने पिछले 20 साल में सुदूर ग्रामीण इलाकों…
  • एम.ओबैद
    बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता
    28 Mar 2022
    देश भर में जारी ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय आम हड़ताल का व्यापक असर बिहार में भी देखने को मिला है। इस हड़ताल का सभी वर्गों ने समर्थन किया और इसमें शामिल हुए।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    संसद अपडेट: लोकसभा में मतविभाजन के जरिये ‘दंड प्रक्रिया (पहचान) विधेयक’ पेश, राज्यसभा में उठा महंगाई का मुद्दा
    28 Mar 2022
    लोकसभा में सोमवार को ‘दंड प्रक्रिया (पहचान) विधेयक, 2022’ और संविधान (अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां) आदेश (दूसरा संशोधन) विधेयक पेश किया गया।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    ऑस्कर 2022: स्मिथ और जेसिका सर्वश्रेष्ठ अभिनेता व अभिनेत्री, ‘ड्राइव माय कार’ सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म
    28 Mar 2022
    सर्वश्रेष्ठ एनिमेटेड फीचर के लिए ‘एनकैंटो’ ने ऑस्कर जीता जबकि भारतीय वृत्तचित्र ‘राइटिंग विद फायर’ को ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र की श्रेणी में ‘समर ऑफ सोल’ ने मात दे दी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License