NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मध्यप्रदेश : कोरोना ने बचाई कमलनाथ की सरकार!, फ्लोर टेस्ट टला
राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष ने आपत्ति जताई और एक मिनट में ही लालजी टंडन सदन से चले गए। इसी के साथ विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 Mar 2020
kamalNath
Image courtesy:Business Standard

भोपाल: कोरोना वायरस भले ही लोगों की जान ले रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश में कोरोना ने कमलनाथ सरकार की जान बचा ली!
मध्यप्रदेश में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच विधानसभा का बजट सत्र आज सोमवार को बड़े नाटकीय ढंग से शुरू हुआ और स्थगित भी हो गया। सत्र राज्यपाल लालजी टंडन के अभिभाषण के साथ प्रारंभ हुआ। इस बीच विपक्ष ने आपत्ति जताई और राज्यपाल अपना अभिभाषण पूरा किए बिना एक मिनट में ही सदन से चले गए।
 
इसी के साथ विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। समझा जा रहा है कि कोरोना के ख़तरे की वजह से सत्र स्थगित किया गया। इसी के मद्देनज़र बिहार विधानसभा का बजट सत्र भी आज ही समाप्त हो रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को राज्यपाल लालजी टंडन को एक पत्र लिख कर कहा कि कर्नाटक में ‘बंदी’ के रूप में रखे गए विधायकों की अनुपस्थिति में सदन में शक्ति परीक्षण संभव नहीं है।

इस सब घटनाक्रम के बीच सदन स्थगित होने से सरकार पर मंडराया ख़तरा फिलहाल टल गया है, लेकिन ख़त्म नहीं हुआ है, क्योंकि 31 मार्च से पहले बजट पास करना ज़रूरी है। अगर कमलनाथ सरकार इसमें नाकाम रहती है तो भी सरकार गिर सकती है।
 
आज राज्यपाल को सदन में अपना अभिभाषण पढ़ते हुए एक मिनट ही हुआ था कि भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राज्यपाल ऐसी सरकार का अभिभाषण पढ़ रहे हैं जो अल्पमत में है।

हालांकि राज्यपाल ने बाद में विधायकों से अपील की कि वह नियमों का पालन करें और शांति से काम लें। उन्होंने विधायकों से लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने के लिए संवैधानिक परंपराओं का पालन करने का आग्रह भी किया।

इस अपील के बाद राज्यपाल विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति के साथ सदन से बाहर निकल गए। राज्यपाल के जाने के बाद सदन में नारेबाजी और हंगामा हुआ। 

इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही व्यापक जनहित में 26 मार्च तक स्थगित कर दी। 

इससे पहले बैठक शुरू होने पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गान हुआ। इसके बाद विधायकों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।

कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर कई विधायक अपने चेहरे पर मास्क लगाकर विधानसभा में पहुंचे। विधानसभा अध्यक्ष की घोषणा के अनुसार विधायकों को ये मास्क विधानसभा प्रबंधन द्वारा प्रदान किए गए थे।

गौरतलब है कि कांग्रेस द्वारा कथित तौर पर उपेक्षा किये जाने से परेशान होकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गत मंगलवार को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और बुधवार को भाजपा में शामिल हो गये। उनके साथ ही मध्यप्रदेश के 22 कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था, जिनमें से अधिकांश सिंधिया के कट्टर समर्थक हैं। शनिवार को अध्यक्ष ने छह विधायकों के त्यागपत्र मंजूर कर लिए जबकि शेष 16 विधायकों के त्यागपत्र पर अध्यक्ष ने फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया है।

इससे प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने के कगार पर पहुंच गई है। सत्र की कार्यवाही आज तो टाल दी गई है, लेकिन 31 मार्च से पहले बजट पास करना ज़रूरी है। अगर कमलनाथ सरकार इसमें नाकाम रहती है तो भी सरकार गिर सकती है।
 
इस बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार देर रात राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात भी की थी। राजभवन से देर रात करीब 12 बज कर 20 मिनट पर बाहर आते हुए कमलनाथ ने संवाददाताओं से कहा कि राज्यपाल ने उन्हें चर्चा के लिए बुलाया था। 

राज्यपाल के निर्देशानुसार सदन में शक्ति परीक्षण सोमवार को कराये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस बारे में स्पीकर कोई फैसला लेंगे। उन्होंने बताया कि वह पहले ही राज्यपाल को लिखित में दे चुके हैं कि उनकी सरकार सदन में शक्ति परीक्षण के लिए तैयार है। लेकिन ‘बंधक’ बनाये गये विधायकों को पहले छोड़ा जाना चाहिए। 

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उसके 22 विधायकों को भाजपा ने बंधक बना कर रखा है। इन विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था। 
हरियाणा में पांच दिन बिताने के बाद भोपाल लौटे भाजपा के विधायक

भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई के विधायक हरियाणा के रिजॉर्ट में पांच दिन बिताने के बाद रविवार देर रात एक चार्टर्ड विमान में भोपाल लौट आए।

मध्य प्रदेश में राजनीतिक संकट उत्पन्न होने के बीच पार्टी अपने विधायकों को एकजुट रखने के प्रयास में उन्हें 10 मार्च को मानेसर के रिजॉर्ट ले गई थी।

ये विधायक रविवार देर रात करीब दो बजे भोपाल के राजा भोज हवाई अड्डे पर उतरे।

जयपुर के दो रिजॉर्ट में ठहरे कांग्रेस के विधायक भी रविवार को भोपाल लौट आए थे और उन्हें विधानसभा से करीब एक किलोमीटर दूर एमपी नगर इलाके में होटल कोर्टयॉर्ड मेरियट में ठहराया गया था।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Madhya Pradesh
kamalnath
KAMALNATH SARKAR
floor test
Coronavirus
Congress
BJP
Lalji Tandon

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License