NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
मध्यप्रदेश: महिलाओं के ख़िलाफ़ नहीं थम रहे अपराध, विकलांग पीड़िता दोबारा हुई दुष्कर्म की शिकार
पुलिस के मुताबिक पीड़िता बोल और सुन नहीं सकती। दो महीने पहले भी उसके साथ ज्यादती हो चुकी है, तब पिपलानी थाने में केस भी दर्ज हुआ था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 Nov 2020
महिलाओं के ख़िलाफ़ नहीं थम रहे अपराध

मध्यप्रदेश में एक ओर सत्ताधारी पार्टी बीजेपी राज्य के उपचुनावों में अपने शानदार प्रदर्शन का जश्न मना रही है तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे। अभी राजधानी भोपाल में 14 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म का मामला शांत ही नहीं हुआ था कि अब एक बार फिर 19 साल की विकलांग लड़की से दुष्कर्म किए जाने की खबर सामने आई है। कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भले ही बैठक पर बैठक कर रहे हों लेकिन इससे राज्य में महिला सुरक्षा का मद्दा हल होता दिखाई नहीं पड़ रहा है।

क्या है पूरा मामला?

दैनिक भास्कर ने कोलार थाने के टीआई सुधीर अरजरिया के हवाले से लिखा है कि 19 साल की लड़की को मंगलवार शाम यानी 10 नवंबर को बीमा कुंज इलाके से अगवा किया गया था। उसके पति ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। अगले दिन बुधवार दोपहर हनुमानगंज पुलिस ने लड़की के बरामद होने की जानकारी दी। इस मामले में शाहजहांनाबाद निवासी 53 साल के मोहम्मद रफीक को गिरफ्तार किया गया है।

पीड़ित लड़की ने पुलिस को अपनी आप बीती में बताया कि मंगलवार शाम 7 बजे वह अपनी बहन के घर जाने के लिए कोलार के बीमा कुंज में खड़ी थी। इसी दौरान एक जीप वहां आकर रुकी। ड्राइवर ने उसे बहन के घर छोड़ने की बात कहकर सरकारी जीप में बैठा लिया। पीड़ित ने जीप से उतरने की कोशिश भी की, लेकिन गेट लॉक होने की वजह से वह नाकामयाब रही। आरोपी रफीक उसे शाहजहांनाबाद इलाके में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया।

इसके बाद बुधवार दोपहर आरोपी पीड़िता को हनुमानगंज इलाके में छोड़कर भाग रहा था। लड़की ने गाड़ी का गेट पकड़ लिया और इशारों से मदद की गुहार लगाई। लोगों ने रफीक को पकड़ लिया। लड़की की बात समझने के लिए काउंसलर की मदद ली गई। देर रात पुलिस ने लड़की की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ अपहरण और ज्यादती की धाराओं में एफआईआर दर्ज की।

पुलिस क्या कह रही है?

पुलिस का कहना है कि पीड़ित लड़की बोल और सुन नहीं सकती और इससे पहले भी एक बार पीड़िता के साथ दुष्कर्म की वारदात हो चुकी है। तब एक आरोपी इसी तरह उसे पिपलानी इलाके में ले गया था। दुष्कर्म के बाद वह भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन लड़की ने उसे पकड़वा दिया था। पिपलानी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर कर उसे कोलार पुलिस को सौंप दिया था।

बता दें कि इसी सप्ताह भोपाल के हबीबगंज इलाके में 17 साल की एक नाबालिग से दुष्कर्म की खबर सामने आई थी। इससे पहले रंभा नगर से 12 साल की लड़की के साथ तीन लड़कों के गैंगरेप का मामला सामने आया था। राज्य में एक के बाद एक घट रही बलात्कार की घटनाएं निश्चित ही राज्य के शासन-प्रशासन पर सवाल उठाती हैं।

बलात्कार के मामलों में मध्यप्रदेश फिर सबसे आगे

एनसीआरबी यानी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में मध्यप्रदेश में 18 साल से कम उम्र की 2,841 लड़कियों के साथ बलात्कार की घटनाएं हुईं। इनमें से छह साल से कम उम्र की 54 बच्चियां, छह से 12 साल की 142 बच्चियां, 12 से 16 साल की उम्र की 1,143 बालिकाएं और 16 से 18 साल की 1,502 लड़कियां शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में देशभर में बलात्कार के मामलों में मध्य प्रदेश सबसे आगे रहा। इसके बाद राजस्थान 4,335 घटनाओं के साथ दूसरे और उत्तर प्रदेश इस तरह की 3,946 घृणित घटनाओं के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

Madhya Pradesh
crimes against women
violence against women
exploitation of women
women safety
MP police
Shivraj Singh Chouhan

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल


बाकी खबरें

  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    प्रेम दिवस पर यूपी, उत्तराखंड और गोवा की चुनावी परीक्षा: क्या वोटर नफ़रत को कहेंगे ना!
    12 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी को पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया। अब दूसरे चरण की बारी है। और दूसरा चरण है प्रेम दिवस के दिन। जी हां, 14 फरवरी, वैलेंटाइन डे। इसी दिन एक ही चरण में उत्तराखंड और गोवा के…
  • Pfizer
    रिचा चिंतन
    फाइज़र का 2021 का राजस्व भारत के स्वास्थ्य बजट से सात गुना ज़्यादा है
    12 Feb 2022
    2020 से 2021 के बीच फाइज़र के राजस्व में 140 फ़ीसदी की बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है। जहां कई गरीब़ देशों को वैक्सीन का इंतज़ार है, वहीं फाइज़र ने मौके का फायदा उठाते हुए अपनी आपूर्ति सिर्फ़ उच्च आय वाले…
  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ख़बर भी-नज़र भी: आईपीएल में करोड़ों की बोली, यूपी में मुफ़्त राशन के नाम पर मांगे जा रहे हैं वोट
    12 Feb 2022
    एक तरफ़ चुनावी राज्यों ख़ासकर यूपी में मुफ़्त राशन का बखान कर वोट हासिल करने की कोशिश की जा रही है। दूसरी तरफ़ हमारे क्रिकेटर इतने महंगे बिक रहे हैं कि अगर सबकी राशि जोड़ दी जाए तो यह कहना…
  • Ghost Village
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव: घोस्ट विलेज, केंद्र और राज्य सरकारों की विफलता और पहाड़ की अनदेखी का परिणाम है?
    12 Feb 2022
    प्रोफेसर ममगाईं ने कहा कि पहाड़ लगातार ख़ाली हो रहे हैं जबकि मैदानी ज़िलों में जनसंख्या लगातार बढ़ रही है जो राज्य की डेमोग्रफी के लिए भी ख़तरा है।
  • sfi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली में गूंजा छात्रों का नारा— हिजाब हो या न हो, शिक्षा हमारा अधिकार है!
    12 Feb 2022
    हिजाब विवाद की गूंज अब कर्नाटक के साथ यूपी और राजस्थान में भी सुनाई देने लगी है। दिल्ली में भी इसे लेकर प्रदर्शन किया गया। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने आश्वस्त किया है कि सभी के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License