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मध्यप्रदेश: महिलाओं के ख़िलाफ़ नहीं थम रहे अपराध, विकलांग पीड़िता दोबारा हुई दुष्कर्म की शिकार
पुलिस के मुताबिक पीड़िता बोल और सुन नहीं सकती। दो महीने पहले भी उसके साथ ज्यादती हो चुकी है, तब पिपलानी थाने में केस भी दर्ज हुआ था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 Nov 2020
महिलाओं के ख़िलाफ़ नहीं थम रहे अपराध

मध्यप्रदेश में एक ओर सत्ताधारी पार्टी बीजेपी राज्य के उपचुनावों में अपने शानदार प्रदर्शन का जश्न मना रही है तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे। अभी राजधानी भोपाल में 14 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म का मामला शांत ही नहीं हुआ था कि अब एक बार फिर 19 साल की विकलांग लड़की से दुष्कर्म किए जाने की खबर सामने आई है। कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भले ही बैठक पर बैठक कर रहे हों लेकिन इससे राज्य में महिला सुरक्षा का मद्दा हल होता दिखाई नहीं पड़ रहा है।

क्या है पूरा मामला?

दैनिक भास्कर ने कोलार थाने के टीआई सुधीर अरजरिया के हवाले से लिखा है कि 19 साल की लड़की को मंगलवार शाम यानी 10 नवंबर को बीमा कुंज इलाके से अगवा किया गया था। उसके पति ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। अगले दिन बुधवार दोपहर हनुमानगंज पुलिस ने लड़की के बरामद होने की जानकारी दी। इस मामले में शाहजहांनाबाद निवासी 53 साल के मोहम्मद रफीक को गिरफ्तार किया गया है।

पीड़ित लड़की ने पुलिस को अपनी आप बीती में बताया कि मंगलवार शाम 7 बजे वह अपनी बहन के घर जाने के लिए कोलार के बीमा कुंज में खड़ी थी। इसी दौरान एक जीप वहां आकर रुकी। ड्राइवर ने उसे बहन के घर छोड़ने की बात कहकर सरकारी जीप में बैठा लिया। पीड़ित ने जीप से उतरने की कोशिश भी की, लेकिन गेट लॉक होने की वजह से वह नाकामयाब रही। आरोपी रफीक उसे शाहजहांनाबाद इलाके में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया।

इसके बाद बुधवार दोपहर आरोपी पीड़िता को हनुमानगंज इलाके में छोड़कर भाग रहा था। लड़की ने गाड़ी का गेट पकड़ लिया और इशारों से मदद की गुहार लगाई। लोगों ने रफीक को पकड़ लिया। लड़की की बात समझने के लिए काउंसलर की मदद ली गई। देर रात पुलिस ने लड़की की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ अपहरण और ज्यादती की धाराओं में एफआईआर दर्ज की।

पुलिस क्या कह रही है?

पुलिस का कहना है कि पीड़ित लड़की बोल और सुन नहीं सकती और इससे पहले भी एक बार पीड़िता के साथ दुष्कर्म की वारदात हो चुकी है। तब एक आरोपी इसी तरह उसे पिपलानी इलाके में ले गया था। दुष्कर्म के बाद वह भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन लड़की ने उसे पकड़वा दिया था। पिपलानी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर कर उसे कोलार पुलिस को सौंप दिया था।

बता दें कि इसी सप्ताह भोपाल के हबीबगंज इलाके में 17 साल की एक नाबालिग से दुष्कर्म की खबर सामने आई थी। इससे पहले रंभा नगर से 12 साल की लड़की के साथ तीन लड़कों के गैंगरेप का मामला सामने आया था। राज्य में एक के बाद एक घट रही बलात्कार की घटनाएं निश्चित ही राज्य के शासन-प्रशासन पर सवाल उठाती हैं।

बलात्कार के मामलों में मध्यप्रदेश फिर सबसे आगे

एनसीआरबी यानी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में मध्यप्रदेश में 18 साल से कम उम्र की 2,841 लड़कियों के साथ बलात्कार की घटनाएं हुईं। इनमें से छह साल से कम उम्र की 54 बच्चियां, छह से 12 साल की 142 बच्चियां, 12 से 16 साल की उम्र की 1,143 बालिकाएं और 16 से 18 साल की 1,502 लड़कियां शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में देशभर में बलात्कार के मामलों में मध्य प्रदेश सबसे आगे रहा। इसके बाद राजस्थान 4,335 घटनाओं के साथ दूसरे और उत्तर प्रदेश इस तरह की 3,946 घृणित घटनाओं के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

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Shivraj Singh Chouhan

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