NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
मध्यप्रदेश: आश्रम में महिलाओं के शोषण-उत्पीड़न की आशंका, जांच में जुटा पुलिस-प्रशासन
देवास जिले के कबीर आश्रम में रहने वाली मूक-बधिर महिलाओं के साथ दुष्कर्म की बड़ी घटना सामने आई है। इस संबंध में प्रशासन ने दो आश्रम के अवैध निर्माण को तोड़ दिया है। वहीं, कबीर आश्रम से बाबा को गिरफ्तार भी किया गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Nov 2020
आश्रम

मध्यप्रदेश में एक ओर सत्ताधारी पार्टी बीजेपी महिला सुरक्षा के नाम पर लव जिहाद को लेकर सख्त विधेयक लाने की बात कर रही है तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे। अभी कुछ दिन पहले ही राजधानी भोपाल में 19 साल की विकलांग लड़की से दुष्कर्म की खबर राष्ट्रीय मीडिया में सुर्खी बनी थी तो वहीं अब राज्य के देवास जिले में स्थित कबीर आश्रम में रहने वाली मूक-बधिर महिलाओं के साथ दुष्कर्म की बड़ी घटना सामने आई है।

मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन ने दो आश्रम के अवैध निर्माण को तोड़ दिया है। वहीं, कबीर आश्रम से बाबा को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भले ही बैठक पर बैठक कर रहे हों लेकिन इससे राज्य में महिला सुरक्षा का मद्दा हल होता दिखाई नहीं पड़ रहा है।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक जामगोद में मानसिक रूप से बीमार महिलाओं के लिए बने कबीर आश्रम में एक मूक-बधिर महिला गर्भवती हो गई। दुष्कर्म का यह मामला तब सामने आया, जब 6 नवम्बर को एक मूक बधिर महिला गर्भवती हो गयी और वो इलाज के लिए अस्पताल पहुंची। उसे देखकर प्रशासन सतर्क हुआ और उसके जरिये कबीर आश्रम तक टीम पहुंच गयी। प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए आश्रम से पांच मंदबुद्धि और दो सामान्य महिलाओं को मुक्त करवाया।

मंगलवार, 24 नवंबर को प्रशासन की टीम ने जब यहां छापा मारा तो टीम भी सकते में आ गयी। जब इस घटना की जांच शुरू हुई तो पुलिस के सामने कई आश्चर्यजनक तथ्य सामने आए। इस आश्रम में मानसिक और शारीरिक रूप से निशक्त महिलाओं को बंधक बनाकर रखा गया था। प्रशासन ने पूरे मामले में अज्ञात व्यक्ति पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।

पुलिस ने आश्रम से कई और महिलाओं को छुड़ाया। उन्हें वन स्टॉप सेंटर भेज कर काउंसिलिंग की गई। जिसके बाद आश्रम में बड़े पैमाने पर महिलाओँ से दुष्कर्म की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार इस आश्रम में आसाराम आश्रम की तर्ज पर महिलाओं का शोषण किया जा रहा था। यहां सेवा की जगह अनैतिक काम चल रहा था। इस आश्रम में निशक्त महिलाओं को बंधक बनाकर रखा गया था। यहां मानसिक रूप से बीमार मंदबुद्धि बालिकाओं को आस-पास के गांव के लोग भी छोड़ जाते थे, जिनकी यहां देखभाल की जाती थी।

प्रशासन क्या कह रहा है?

इस सबंध में जिलाधिकारी चंद्रमौली शुक्ला ने मीडिया को बताया कि जामगोद गांव में और एक अन्य स्थान पर कबीर आश्रम है। यहां की एक महिला के गर्भवती होने की बात सामने आने पर इंदौर से काउंसिलिंग के लिए विशेषज्ञों का दल बुलाया गया। साथ ही उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। वहीं, यह पता करने के लिए कि महिला गर्भवती कैसे हुई, इसके लिए तहसीलदार और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी को आश्रम भेजा गया। काउंसिलिंग के जो वीडियो हैं वह देखकर प्रारंभिक तौर पर प्रतीत होता है कि इन महिलाओं/लड़कियों के साथ आश्रम में या आश्रम के बाहर कुछ गलत हरकत हुई है।

जिलाधिकारी ने आगे बताया कि पूरा मामला पुलिस के संज्ञान में है और इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। वहीं, इन महिलाओं की सुरक्षा हो सके इसके लिए  उन्हें वन स्टॉप सेंटर में लाया गया है, जहां उनकी लगातार काउंसिलिंग चल रही है।

प्रशासन ने आश्रम को तोड़ा

बता दें कि कबीर आश्रम में रहने वाली मूक-बधिर युवती के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद बुधवार, 25 नवंबर को जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने चूना खदान कांकड़ और जामगोद पहाड़ी पर बने बाबा मंगलनाम के दो कबीर आश्रम तोड़ दिए।

पुलिस ने बाबा को साक्ष्य छिपाने और अवैध तरीके से आश्रम में महिलाओं को रखने के मामले में गिरफ्तार भी कर लिया है। गिरफ्तारी के वक्त बाबा ने खूब नाटक किया है। बाबा के साथ ही 14 अन्य सेवादारों को भी हिरासत में लिया गया है। आश्रम रहने वाले बाबा समेत सभी लोगों के डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं।

आश्रम से मिला आपत्तिजनक सामान

इससे पहले जगमोद स्थित आश्रम से पुलिस को हिरण का एक सींग, एक पहाड़ी कछुआ, शक्तिवर्धक टैबलेट का रैपर और कुछ आपत्तिजनक सामान भी मिलने की खबर है। हिरण का सींग और कछुआ मिलने पर अब पुलिस के साथ ही वन विभाग के भी कार्रवाई करने की बात सामने आ रही है।

आश्रम की जमीन को लेकर डिप्टी कलेक्टर वर्मा का कहना है कि आश्रम के लिए जिला प्रशासन ने 450 स्क्वेयर फीट भूमि दी थी, लेकिन बाबा ने चार गुना करीब 2500 फीट से अधिक भूमि पर कब्जा कर चद्दर डाल अतिक्रमण कर लिया था। अब दोनों आश्रम के अतिक्रमण हटा दिए गए हैं।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही भोपाल के हबीबगंज इलाके में 17 साल की एक नाबालिग से दुष्कर्म की खबर सामने आई थी। इससे पहले रंभा नगर से 12 साल की लड़की के साथ तीन लड़कों के गैंगरेप का मामला सामने आया था। राज्य में एक के बाद एक घट रही बलात्कार की घटनाएं निश्चित ही राज्य के शासन-प्रशासन पर सवाल उठाती हैं।

बलात्कार के मामलों में मध्यप्रदेश फिर सबसे आगे

एनसीआरबी यानी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में मध्यप्रदेश में 18 साल से कम उम्र की 2,841 लड़कियों के साथ बलात्कार की घटनाएं हुईं। इनमें से छह साल से कम उम्र की 54 बच्चियां, छह से 12 साल की 142 बच्चियां, 12 से 16 साल की उम्र की 1,143 बालिकाएं और 16 से 18 साल की 1,502 लड़कियां शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में देशभर में बलात्कार के मामलों में मध्य प्रदेश सबसे आगे रहा। इसके बाद राजस्थान 4,335 घटनाओं के साथ दूसरे और उत्तर प्रदेश इस तरह की 3,946 घृणित घटनाओं के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

Madhya Pradesh
Kabir Ashram
crimes against women
violence against women
exploitation of women
BJP
NCRB Data

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन


बाकी खबरें

  • Nishads
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव: आजीविका के संकट के बीच, निषाद इस बार किस पार्टी पर भरोसा जताएंगे?
    07 Mar 2022
    निषाद समुदाय का कहना है कि उनके लोगों को अब मछली पकड़ने और रेत खनन के ठेके नहीं दिए जा रहे हैं, जिसके चलते उनकी पारंपरिक आजीविका के लिए एक बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है।
  • Nitish Kumar
    शशि शेखर
    मणिपुर के बहाने: आख़िर नीतीश कुमार की पॉलिटिक्स क्या है...
    07 Mar 2022
    यूपी के संभावित परिणाम और मणिपुर में गठबंधन तोड़ कर चुनावी मैदान में हुई लड़ाई को एक साथ मिला दे तो बहुत हद तक इस बात के संकेत मिलते है कि नीतीश कुमार एक बार फिर अपने निर्णय से लोगों को चौंका सकते हैं।
  • Sonbhadra District
    तारिक अनवर
    यूपी चुनाव: सोनभद्र के गांवों में घातक मलेरिया से 40 से ज़्यादा लोगों की मौत, मगर यहां के चुनाव में स्वास्थ्य सेवा कोई मुद्दा नहीं
    07 Mar 2022
    हाल ही में हुई इन मौतों और बेबसी की यह गाथा भी सरकार की अंतरात्मा को नहीं झकझोर पा रही है।
  • Russia Ukraine war
    एपी/भाषा
    रूस-यूक्रेन अपडेट: जेलेंस्की ने कहा रूस पर लगे प्रतिबंध पर्याप्त नहीं, पुतिन बोले रूस की मांगें पूरी होने तक मिलट्री ऑपरेशन जारी रहेगा
    07 Mar 2022
    एक तरफ रूस पर कड़े होते प्रतिबंधों के बीच नेटफ्लिक्स और अमेरिकन एक्सप्रेस ने रूस-बेलारूस में अपनी सेवाएं निलंबित कीं। दूसरी तरफ यूरोपीय संघ (ईयू) के नेता चार्ल्स मिशेल ने कहा कि यूक्रेन के हवाई…
  • International Women's Day
    नाइश हसन
    जंग और महिला दिवस : कुछ और कंफ़र्ट वुमेन सुनाएंगी अपनी दास्तान...
    07 Mar 2022
    जब भी जंग लड़ी जाती है हमेशा दो जंगें एक साथ लड़ी जाती है, एक किसी मुल्क की सरहद पर और दूसरी औरत की छाती पर। दोनो ही जंगें अपने गहरे निशान छोड़ जाती हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License