NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मध्य प्रदेश : मंत्री ने माना, आदिवासी कल्याण कोष के पैसों को मोदी की रैली पर खर्च किया 
कांग्रेस के आदिवासी विधायक अलावा का आरोप है कि राज्य सरकार के पास न तो आदिवासी मनरेगा मजदूरों का बकाया चुकाने के लिए धन है और न ही छात्रवृत्ति की प्रतीक्षा कर रहे आदिवासी छात्रों को देने के लिए। लेकिन इस तरह की रैलियों पर खर्च करने के लिए करोड़ों रुपये हैं। 
काशिफ काकवी
06 Jan 2022
MP

मध्य प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 नवम्बर को आदिवासी गौरव दिवस रैली कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दो लाख से अधिक आदिवासियों को लाने में विकास एवं कल्याण मद में आवंटित बजट में से 15 करोड़ रुपये से अधिक से अधिक धन खर्च कर दिया। यह सारा तामझाम आदिवासी मतदाताओं को लुभाने के लिए भाजपा के आदिवासी आउटरीच कार्यक्रम के तहत किया गया था। 

राज्य के 52 से अधिक कलेक्टरों ने अपने-अपने जिले से आदिवासियों को प्रधानमंत्री की रैली में लाने और फिर उन्हें घर पहुंचाने, रैली के दौरान उनको ठहराने एवं उनके खाने-पीने पर 15 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए थे। इस बात को खुद जनजातीय मामलों की मंत्री मीना सिंह ने हालिया संपन्न विधानसभा के शीतकालीन सत्र में स्वीकार किया। 

हालांकि, सरकार ने तब कांग्रेस के आदिवासी विधायक हीरालाल अलावा के इस दावे को खारिज कर दिया था, जब उन्होंने प्रधानमंत्री की रैली के आयोजन से कुछ ही दिन पहले भाजपा के आदिवासी आउटरीच कार्यक्रम के लिए आदिवासी विकास एवं कल्याण कोष के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया था। विधायक अलावा ने आरोप लगाया कि यह फंड राज्य की 1.53 करोड़ (21.90 फीसदी) आदिवासी आबादी के विकास एवं कल्याण के लिए रखा गया था। 

कांग्रेस के दिग्गज नेता और भोपाल उत्तर के मौजूदा विधायक आरिफ अकील द्वारा विधानसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 नवंबर की रैली के लिए इस्तेमाल किए गए धन का विवरण मांगे गए सवाल का जवाब देते हुए जनजातीय कार्य मंत्री मीना सिंह ने कहा कि इस आयोजन के लिए राज्य भर से आदिवासियों को दो किस्तों में लाने के लिए 14.86 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके लिए 9 नवम्बर को सभी जिलों में कुल मिलाकर 12.92 करोड़ रुपये से अधिक धन राशि जारी की गई और इसके बाद,1.94 करोड़ रुपये 11 जिलों की अतिरिक्त धन राशि की मांग पर निर्गत किए गए थे। 

आदिवासी गौरव दिवस मनाने और भारत के पहले विश्व स्तरीय रेलवे स्टेशन हबीबगंज का नाम बदलकर भोपाल की पूर्व गोंड जनजाति की रानी ‘रानी कमलापति’ के नाम पर रखने का आयोजन भाजपा के आदिवासी आउटरीच कार्यक्रम का हिस्सा थे। यह कार्यक्रम भाजपा ने 2018 चुनाव में आदिवासी सीटें गंवाने के बाद राज्य की 21 फीसदी आदिवासी मतदाताओं को लुभाने के लिए बनाया है। इसलिए प्रधानमंत्री ने 15 नवम्बर को आदिवासी पोशाक में भोपाल में सभा को संबोधित किया और इसके बाद रानी कमलावती के नाम से हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नामकरण किया तथा उसका उद्घाटन किया।

मध्य प्रदेश में भाजपा 2003 से ही सत्ता में है, 2018-19 के मात्र 15 महीने के कांग्रेस शासन को छोड़कर। भाजपा ने न केवल मध्य प्रदेश में बल्कि छत्तीसगढ़, राजस्थान और झारखंड में विधानसभा चुनावों में आदिवासी सीटों पर कड़े मुकाबले में शिकस्त मिलने के बाद बड़े पैमाने पर आदिवासी आउटरीच कार्यक्रम को शुरू किया है। 2018 के चुनावों में, मध्य प्रदेश की कुल 47 रिजर्व सीटों पर भाजपा की झोली में महज 16 सीटें ही आईं थीं जबकि 2003 के चुनावों में उसे 31 सीटें मिलीं थीं। राज्य विधानसभा की कुल 230 सीटों में से 47 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए रिजर्व हैं और इनमें से भाजपा को 2008 में 29 सीटें मिलीं थीं। 

मध्य प्रदेश के 21 फीसदी आदिवासी मतदाताओं को लुभाने के लिए, केंद्र की भाजपा की अगुवाई वाली सरकार ने झारखंड के सेनानी बिरसा मुंडा के जन्मदिन 15 नवम्बर को आदिवासी गौरव दिवस के रूप में मनाने की हालिया घोषणा की है। इसने मध्य प्रदेश के आदिवासियों के लिए म्यूज़ियम बनाने, उनके नाम पर रेलवे स्टेशन का नामाकरण करने और आदिवासियों के आइकन के नाम पर कॉलेज की स्थापना की गई है। 

आदिवासी आयुक्त द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को 9 नवंबर से 12 नवंबर के बीच भेजे गए पत्रों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि इस धनराशि का उपयोग भोपाल में आदिवासी गौरव दिवस समारोह में भाग लेने आए दो लाख से अधिक आदिवासियों के परिवहन के लिए 5000 बसों के प्रबंध पर, उनके भोजन पर, मास्क, सैनिटाइजर और उनके रात्रि प्रवास के लिए किया गया था। 

इस कोष से निर्गत राशि के खर्च का बिंदुवार लेखा-जोखा देते हुए मंत्री ने सदन को बताया कि 9.7 करोड़ रुपये आदिवासियों के परिवहन मद में, 2.62 करोड़ उनके रात्रि प्रवास में, 2.35 करोड़ रुपए उनके दोपहर के भोजन पर, 97 लाख रुपये नाश्ते पर, 50 लाख सैनिटाइजर, मॉस्क एवं बैनर इत्यादि पर खर्च किए गए थे। 

यह सारा खर्च तब किया गया जब केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के करोड़ों के आदिवासी बजट में 2017-18 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2020-21 में 937 करोड़ रुपये से अधिक की कटौती की है। इसके अलावा, धन की कमी के कारण सरकार द्वारा छात्रवृत्ति का भुगतान करने में विफल रहने के बाद इंदौर संभाग के हजारों आदिवासी छात्रों को निस्सहाय छोड़ दिया गया था।

इसके अलावा, आदिवासी बहुल जिलों जैसे श्योपुर, खरगोन, शहडोल, अलीराजपुर, मंडला में मनरेगा के तहत कुशल एवं अकुशल श्रमिकों का भी करोड़ों का भुगतान लंबित है।

आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इन जिलों में अकुशल मजदूरों की 377.4 लाख रुपये और कुशल मजदूरों की 321.71 लाख रुपये बकाया है। मनरेगा को इस मकसद से चलाया गया था कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार के ऐसे वयस्क, जो स्वेच्छा से अकुशल शारीरिक श्रम करना चाहते हैं, उनको एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का गारंटीशुदा रोजगार मिले। 

मनावर के कांग्रेस विधायक और जय आदिवासी युवा शक्ति (JAYS) के संयोजक हीरालाल अलावा ने कहा “आदिवासी गौरव दिवस समारोह से कुछ दिन पहले जब मैंने पीएम मोदी की रैली के लिए आदिवासी धन के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया, तो भाजपा नेताओं ने इसे भ्रामक बताते हुए इस दावे को खारिज कर दिया। अब, यह आधिकारिक तौर पर सिद्ध हो गया है,"

कांग्रेस विधायक अलावा ने कहा कि "मनरेगा के तहत काम करने वाले हजारों आदिवासी मजदूरों के भुगतान के लिए राज्य सरकार के पास फंड नहीं है। कई आदिवासी छात्र छात्रवृत्ति के भुगतान का इंतजार कर रहे थे। लेकिन सरकार के पास ऐसी रैलियों के लिए करोड़ों रुपये हैं।"

ये भी पढ़ें: लोगों का हक़ छीनने वालों पर कार्रवाई करने का दम भरने वाले मुख्यमंत्री ख़ुद ही छीन रहे बेरोज़गारों का हक़!

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

MP: Over Rs 15 Crores Tribal Welfare Funds Used for PM Modi's Tribal Pride Day Rally in Bhopal, Admits BJP Minister

Madhya Pradesh
tribals
tribal welfare
BJP
Tribal Districts
Narendra modi

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • yogi
    अनुराग तिवारी
    सरकारी विज्ञापनों की बाढ़ में बहाए जा रहे बेहिसाब पैसों की लोकतांत्रिक लिहाज़ से जांच-पड़ताल
    29 Sep 2021
    इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ज़्यादातर चुप ही रहा है, ऐसा इसलिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट इन विज्ञापनों के कथित तौर पर 'सूचनात्मक' होने को अहमियत देने के लिए मजबूर है।
  • AUKUS
    न्यूज़क्लिक टीम
    आकुस के बहाने अमेरिका चीन ही नहीं, दुनिया को डाल रहा ख़तरे में
    28 Sep 2021
    पड़ताल दुनिया भर की में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने अमेरिका- ब्रिटेन-ऑस्ट्रेलिया (आकुस-AUKUS) समझौते में छिपे परमाणु हथियारों की होड़ की आशंका के बारे में न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर…
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या भारत बंद से डरी सरकार, चुनाव आयोग, भगत सिंह और कोरोना अपडेट
    28 Sep 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हम बात करेंगे 'भारत बंद’ के देशव्यापी असर की , चुनाव आयोग द्वारा घोषित उपचुनावों की, भगत सिंह जयंती और कोरोना मामलों की।
  • Modi Biden
    न्यूज़क्लिक टीम
    बाइडन के बयान पर अमेरिकी मीडिया की तीखी प्रतिक्रिया
    28 Sep 2021
    जो बाइडन ने भारतीय मीडिया को ज़्यादा सभ्य बताया था जिसपर आज वाइट हाउस को तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। इसे मुद्दे पर न्यूज़क्लिक ने परंजॉय गुहा ठाकुरता से बातचीत की।
  • Politics Grounds Proposed Financial Hub in Bengal
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    बंगाल में प्रस्तावित वित्तीय केंद्र को राजनीति ने ख़त्म कर दिया
    28 Sep 2021
    2010 में वाम सरकार द्वारा प्रस्तावित इस परियोजना पर टीएमसी ने 2011 में अपना दावा किया। लेकिन अब तक यह परियोजना सुचारू नहीं हो पाई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License