NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मप्र: हिरासत में हत्या के बाद सतना जिले में अशांति का माहौल, दो अधिकारी निलंबित
मृतक के परिवार का आरोप है कि पुलिस अधिकारी ने नशे की हालत में राजपति कुशवाहा के माथे पर गोली मार दी थी।
काशिफ़ काकवी
29 Sep 2020
मप्र: हिरासत में हत्या के बाद सतना जिले में अशांति का माहौल, दो अधिकारी निलंबित
पुलिस थाना जहाँ पर यह घटना घटी।

भोपाल: मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक 38 वर्षीय व्यक्ति की हिरासत में हत्या की खबर के बाद से हर तरफ भय का माहौल है। चोरी के संदेह में हिरासत में लिए गए इस व्यक्ति की रविवार, 27 सितंबर की रात पुलिस थाने के भीतर बेहद करीब से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

मृतक की पहचान सतना जिले के सिंहपुर इलाके के नारायणपुर चौकी निवासी राजपति कुशवाहा के तौर पर हुई है। सिंहपुर के पुलिस वालों ने उसे कुछ दिन पहले पुलिस स्टेशन में चोरी की रपट लिखाए जाने के एक मामले में शामिल होने के शक के आधार पर रविवार शाम को हिरासत में ले लिया था।

अवैध तौर पर हिरासत में मौत की कथित खबर फैलने के बाद से ही मृतक के परिजनों ने, ग्रामीणों के सहयोग से थाने का घेराव कर लिया था और शव को उन्हें सुपुर्द किये जाने के साथ-साथ वे अपराधी के खिलाफ कार्रवाई की माँग पर अड़ गए थे। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा था।

SP Mla MP satna.jpg

विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा के साथ एसपी

कुशवाहा के परिजनों का आरोप है कि सिंहपुर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर विक्रम पाठक ने नशे की हालत में अपने ही सर्विस रिवॉल्वर से उसके सिर पर गोली मार दी थी।

स्थानीय पत्रकार अमित सेंगर के अनुसार “शुरू-शुरू में पुलिस की ओर से इस बात का दावा किया गया था कि मृतक ने सर्विस गन से खुद को गोली मार ली थी। लेकिन बाद में जाकर उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि गोली सिंहपुर थाना प्रभारी विक्रम पाठक द्वारा चलाई गई थी।”

इस बीच स्थानीय मीडिया ने पुलिस सूत्रों के हवाले से कहा है कि कुशवाहा को बेहद नजदीक से गोली मारी गई थी, और पूछताछ के दौरान उसके हाथ बंधे होने के कारण ही उसके माथे पर गोली दागना संभव हो सका था।

सतना पुलिस ने बताया कि हिरासत में मौत की खबर के बाद से ही प्रदर्शनकारियों के जमावड़े को तितर-बितर करने के लिए उनपर लाठीचार्ज किया गया, एवं बिगडती कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा पहले से अधिक बढ़ा दी गई है।

फोन पर न्यूज़क्लिक से बात करते हुए आईजी रीवा ज़ोन,  उमेश जोगी ने स्पष्ट किया है कि: “इस सम्बंध में दो पुलिसकर्मियों विक्रम पाठक और कांस्टेबल आशीष को निलंबित कर दिया गया है और मामले की पड़ताल के लिए एक स्वतंत्र जांच शुरू कर दी गई है। यह मानवाधिकार उल्लंघन का मामला है।”

उन्होंने आगे बताया  "सतना कलेक्टर अजय कटेसरिया ने इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं।"

पुलिस स्टेशन के बाहर मीडिया से बात करते हुए सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने इस बात का दावा किया कि मृतक एक किसान था और पुलिस ने उसे इस घटना से पहले भी दो बार एक चोरी के सिलसिले में पूछताछ के लिए उसे अपनी हिरासत में लिया था, और बाद में रिहा कर दिया था। विधायक के अनुसार “लेकिन कुल मिलाकर देखें तो एक बेकसूर इंसान को पुलिस हिरासत में मार डाला गया है। इस मामले में इन्साफ मिलना चाहिए।

जबकि कई प्रयासों के बावजूद सतना एसपी रेयाज इकबाल से इस घटना पर उनकी टिप्पणी जानने के लिए किये गए प्रयास बेनतीजा साबित हुए हैं।

इस मामले पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एसपी रेयाज इकबाल का तबादला कर दिया है, और कुशवाहा के परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए मृतक की पत्नी, सुशीला का कहना था: “पहले पुलिस ने मेरे पति को झूठे मामले में फंसाया और बाद में उसे जान से मार डाला। अब मैं क्या करूँ? मेरी 16 साल की एक बेटी है।”

जब उनसे अनुग्रह राशि के बारे में पूछा गया, तो उनका कहना था “ये 10 लाख रुपये आखिर कब तक चलेंगे? एक पति और पिता की जगह कोई भी नहीं ले सकता है।" फोन पर बात करते हुए वे आगे कहती हैं “अगर सीएम चौहान वास्तव में नुकसान की भरपाई के इच्छुक हैं तो उन्हें इस धनराशि को बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर देना चाहिए और साथ ही परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी मुहैया करानी चाहिए।"

गृह मंत्रालय द्वारा 17 सितंबर को संसद में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2019-20 में भारत में रोजाना तकरीबन पांच लोगों की हिरासत में मौतें हो रही थीं। 1 अप्रैल 2019 से लेकर 31 मार्च 2020 के बीच में कुल 1697 लोग या तो पुलिस हिरासत में या जेलों में मारे गए हैं।

सबसे ज्यादा न्यायिक हिरासत में मौतें जहाँ उत्तर प्रदेश में हुईं हैं,  वहीँ पुलिस हिरासत में होने वाली सबसे अधिक मौतों के मामले में मप्र अव्वल रहा है।

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल ख़बर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

MP: Unrest in Satna District after Alleged Custodial Killing, Two Officers Suspended

Madhya Pradesh
Satna
Custodial Killing
Singhpur Killing
MP police

Related Stories

परिक्रमा वासियों की नज़र से नर्मदा

कड़ी मेहनत से तेंदूपत्ता तोड़ने के बावजूद नहीं मिलता वाजिब दाम!  

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

एमपी ग़ज़ब है: अब दहेज ग़ैर क़ानूनी और वर्जित शब्द नहीं रह गया

मध्यप्रदेशः सागर की एग्रो प्रोडक्ट कंपनी से कई गांव प्रभावित, बीमारी और ज़मीन बंजर होने की शिकायत

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग


बाकी खबरें

  • समीना खान
    हिजाब बनाम परचम: मजाज़ साहब के नाम खुली चिट्ठी
    12 Apr 2022
    यहां मसला ये है कि आंचल, घूंघट, हिजाब, नक़ाब हो या बिकनी, हमेशा से पगड़ी के फ़ैसले इन सब पर भारी रहे हैं। इसलिए अब हमें आपके नज़रिए में ज़रा सा बदलाव चाहिए। जी! इस बार हमें आंचल भी चाहिए और आज़ादी भी…
  • ज़ाहिद खान
    सफ़दर भविष्य में भी प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे
    12 Apr 2022
    12 अप्रैल, सफ़दर हाशमी जयंती और ‘राष्ट्रीय नुक्कड़ नाटक दिवस’ पर विशेष।
  • jnu
    न्यूज़क्लिक टीम
    ‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र
    11 Apr 2022
    जेएनयू में रविवार को हुई हिंसा के बाद विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र अपना विरोध जताने के लिए दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुँचे जहाँ उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया. छात्रों की बड़ी माँग थी कि पुलिस…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU में अब नॉन वेज को लेकर विवाद? ऐसे बनोगे विश्वगुरु ?
    11 Apr 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा JNU में हुए ABVP द्वारा राम नवमी के दिन मांसाहारी खाना खाने पर छात्रों की पिटाई की खबर पर चर्चा कर रहे हैं और वह भारत में तेज़ी से बढ़ रहे…
  • मुकुंद झा
    जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए
    11 Apr 2022
    घटना के विरोध में दिल्ली भर के छात्र सड़क पर उतरे। छात्र, पुलिस मुख्यालय पर विरोध जताने के लिए एकत्रित हुए परन्तु पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को अस्थायी हिरासत में ले लिया और चाणक्यपुरी, संसद मार्ग…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License