NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मध्यप्रदेश उपचुनाव: सिंधिया को झटका, समर्थक इमरती देवी समेत 12 मंत्रियों में से 3 चुनाव हारे
चुनावी मैदान में उतरे सभी मंत्री ज्योतिरादित्य के समर्थक थे और सभी मार्च में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता और विधायक पद से त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल हुए थे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Nov 2020
Madhya-Pradesh-by-election-Scindia-shocked-3-of-12-ministers-including-pro-Imrati-Devi-lost-elections

मध्यप्रदेश में 28 सीटों पर हुए उपचुनावों में भाजपा को भले ही 19 सीटों पर जीत हासिल हुई है, लेकिन परिणाम उसके लिए बिल्कुल सकारात्मक नहीं कहे जा सकते। इस उपचुनाव में कांग्रेस से भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी झटका लगा है। चुनावी मैदान में उतरे प्रदेश के 12 मंत्रियों में से तीन मंत्री चुनाव हार गये हैं। ये सभी मंत्री ज्योतिरादित्य के समर्थक हैं और सभी मार्च में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता और विधायक पद से त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल हुए थे। सिंधिया की कट्टर समर्थक कही जाने वालीं प्रदेश सरकार में मंत्री इमरती देवी भी ग्वालियर जिले की डबरा सीट से चुनाव हार गईं।

भाजपा की उम्मीदवार इमरती देवी तब चर्चा में आई थीं जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने चुनाव प्रचार के दौरान एक चुनावी सभा में उनके लिए आपत्तिजनक  शब्द का प्रयोग किया था। कमलनाथ की इस टिप्पणी पर राजनीतिक हल्कों में काफी जुबानी जंग भी हुई थी।

चुनाव अधिकारी ने बताया कि कांग्रेस के उम्मीदवार सुरेश राजे ने डबरा से भाजपा उम्मीदवार इमरती देवी को 7,633 मतों के अंतर से पराजित किया है। इमरती देवी को 68,056 वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंदी कांग्रेस के उम्मीदवार को 75,689 वोट मिले। बसपा उम्मीदवार संतोष गौड़ को 4,883 मत तथा नोटा के हिस्से में 1,690 वोट आए हैं।

 

विधानसभा चुनाव 2018 में डबरा सीट से इमरती देवी ने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर भाजपा उम्मीदवार कप्तान सिंह को 57,446 वोटों से हराया था।

मालूम हो कि इमरती देवी सहित कांग्रेस के 22 विधायक मार्च में कांग्रेस की सदस्यता और विधायक पद से त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल हो गये थे। इससे प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार अल्पमत में आकर गिर गयी। इसके बाद प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में सरकार बनी और कांग्रेस छोड़ने वाले अधिकांश सिंधिया समर्थकों को बिना चुनाव जीते सरकार में मंत्री बनाया गया।

मध्यप्रदेश की 28 सीटों पर 3 नवंबर को वोट डाले गए थे, जबकि मतगणना बिहार के साथ ही मंगलवार, 10 नवंबर को हुई।

इन उपचुनावों में चुनावी मैदान में उतरे प्रदेश के 12 मंत्रियों में से तीन मंत्री चुनाव हार गये हैं जबकि नौ मंत्री चुनाव जीतने में कामयाब रहे।

उपचुनाव के घोषित हुए परिणामों के अनुसार इमरती देवी के अलावा प्रदेश सरकार में सिंधिया समर्थक मंत्री गिर्राज दंडोतिया दिमनी से 26,467 वोटों के अंतर से चुनाव हार गये हैं। इसके अलावा एक अन्य मंत्री एदल सिंह कंषाना भी सुमावली सीट से 10,947 मतों से चुनाव हार गये हैं।

एदल सिंह कंषाना ने सुमावली सीट से कांग्रेस की टिकट पर इन्ही अजब सिंह कुशवाह को भाजपा प्रत्याशी के तौर पर 13,313 मतों से पराजित किया था, जिससे वह इस बार हार गये हैं। इस बार उपचुनाव में कुशवाह भाजपा छोड़ कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े हैं।

विधानसभा चुनाव 2018 में गिर्राज दंडोतिया ने दिमनी सीट से कांग्रेस की टिकट पर भाजपा के शिव मंगल सिंह तोमर को 18,477 मतों से पराजित किया था।

मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार में नौ मंत्री ओपीएस भदौरिया (मेहगांव), प्रद्यम्न सिंह तोमर (ग्वालियर), सुरेश धाकड़ (पोहरी), महेन्द्र सिंह सिसोदिया (बामोरी), ब्रजेन्द्र सिंह यादव (मुंगावली), डॉक्टर प्रभुराम चौधरी (सांची), राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव (बदनावर) (सभी सिंधिया समर्थक) तथा बिसाहूलाल सिंह (अनूपपुर), और हरदीप सिंह डंग (सुवासरा) से विजयी रहे।

वहीं गैर विधायक के तौर पर छह माह का मंत्री पद का कार्यकाल पूरा होने पर कुछ दिन पहले ही मंत्री पद से त्यागपत्र देने वाले सिंधिया के कट्टर समर्थक तुलसीराम सिलावट (सांवेर) अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 53 हजार से अधिक मतों से जीत गए हैं। इसके अलावा गोविंद सिंह राजपूत सुरखी सीट से चुनाव जीत गये हैं।

मध्यप्रदेश में 28 सीटों के उपचुनाव में 12 मंत्रियों सहित 355 उम्मीदवार मैदान में थे। उपचुनाव में देर रात 12 बजे तक की मतगणना के अनुसार भाजपा को 49.46 प्रतिशत, कांग्रेस को 40.49 फीसद, बसपा को 5.75 तथा अन्य को 2.96 प्रतिशत मत मिले हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

 

Madhya Pradesh
Imrati Devi
jyotiradhitya scindia
Bypolls Results

Related Stories

परिक्रमा वासियों की नज़र से नर्मदा

कड़ी मेहनत से तेंदूपत्ता तोड़ने के बावजूद नहीं मिलता वाजिब दाम!  

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

एमपी ग़ज़ब है: अब दहेज ग़ैर क़ानूनी और वर्जित शब्द नहीं रह गया

मध्यप्रदेशः सागर की एग्रो प्रोडक्ट कंपनी से कई गांव प्रभावित, बीमारी और ज़मीन बंजर होने की शिकायत

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग


बाकी खबरें

  • भाषा
    'आप’ से राज्यसभा सीट के लिए नामांकित राघव चड्ढा ने दिल्ली विधानसभा से दिया इस्तीफा
    24 Mar 2022
    चड्ढा ‘आप’ द्वारा राज्यसभा के लिए नामांकित पांच प्रत्याशियों में से एक हैं । राज्यसभा चुनाव के लिए 31 मार्च को मतदान होगा। अगर चड्ढा निर्वाचित हो जाते हैं तो 33 साल की उम्र में वह संसद के उच्च सदन…
  • सोनिया यादव
    पत्नी नहीं है पति के अधीन, मैरिटल रेप समानता के अधिकार के ख़िलाफ़
    24 Mar 2022
    कर्नाटक हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेक्शन 375 के तहत बलात्कार की सज़ा में पतियों को छूट समानता के अधिकार यानी अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। हाईकोर्ट के मुताबिक शादी क्रूरता का लाइसेंस नहीं है।
  • एजाज़ अशरफ़
    2024 में बढ़त हासिल करने के लिए अखिलेश यादव को खड़ा करना होगा ओबीसी आंदोलन
    24 Mar 2022
    बीजेपी की जीत प्रभावित करने वाली है, लेकिन उत्तर प्रदेश में सामाजिक धुरी बदल रही है, जिससे चुनावी लाभ पहुंचाने में सक्षम राजनीतिक ऊर्जा का निर्माण हो रहा है।
  • forest
    संदीपन तालुकदार
    जलवायु शमन : रिसर्च ने बताया कि वृक्षारोपण मोनोकल्चर प्लांटेशन की तुलना में ज़्यादा फ़ायदेमंद
    24 Mar 2022
    शोधकर्ताओं का तर्क है कि वनीकरण परियोजनाओं को शुरू करते समय नीति निर्माताओं को लकड़ी के उत्पादन और पर्यावरणीय लाभों के चुनाव पर भी ध्यान देना चाहिए।
  • रवि कौशल
    नई शिक्षा नीति ‘वर्ण व्यवस्था की बहाली सुनिश्चित करती है' 
    24 Mar 2022
    दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि गरीब छात्र कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट पास करने के लिए कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाएंगे। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License