NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
फिल्में
भारत
‘महारानी’: गांव की साधारण गृहणी का ताक़तवर महिला बनने का सफ़र
"जो औरत घर संभालना चाहती जानती है वह देश भी संभाल सकती है"l कुछ यही सार है वेब सीरीज़ महारानी का। निर्देशन बेहद उम्दा है और पटकथा में बिहार के सामंती माहौल की झलक मिलती है।
रचना अग्रवाल
05 Jun 2021
‘महारानी’: गांव की साधारण गृहणी का ताक़तवर महिला बनने का सफ़र

28 मई 2021 को सोनी लिव पर रिलीज हुई सुभाष कपूर और करण शर्मा द्वारा निर्देशित वेब सीरीज ‘महारानी’ एक ऐसी औरत की कहानी है जो पिछड़ी जाति से है, जो विवाह से पूर्व गांव में स्कूल ना होने की वजह से अनपढ़ है और विवाह पश्चात बिहार के मुख्यमंत्री भीमा भारती की पत्नी होने के बावजूद छोटे से गांव में अपने तीन बच्चों के साथ 15 साल से घर गृहस्थी के कामों में और बच्चों की देखभाल में सारे दिन व्यस्त रहती है व अपने पति भीमा भारती को ही तन मन से समर्पित हैl पर एक दिन अचानक भारती पर आक्रमण होने से रानी की जिंदगी एक नया मोड़ लेती हैl आक्रमण के बाद भीमा भारती बच तो जाता है पर अपंग होने की स्थिति मे मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने में असमर्थ होता है जिसके परिणाम स्वरूप अपनी पत्नी रानी का नाम मुख्यमंत्री के रूप में घोषित करता हैl रानी अशिक्षित है इसलिए यह बात सुनकर परेशानी में आ जाती है कि इतनी बड़ी जिम्मेदारी वह कैसे संभालेगी क्योंकि उसकी दुनिया अभी तक घर की चारदीवारी तक ही सीमित थी!

वेब सीरीज़ का निर्देशन बेहद उम्दा है और पटकथा में बिहार के सामंती माहौल की झलक मिलती है। जातीय उत्पीड़न, नरसंहारों, निजी सेनाओं, नक्सलवाद आदि का चित्रण विश्वसनीय है। कहानी में नब्बे के दशक की कुछ वास्तविक घटनाओं को लिया गया है जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं।  हालांकि निर्देशक ने जिस तरह अंत में एक पिछड़े वर्ग के नेता को भ्रष्टाचार में लिप्त दिखाया है, वह निर्देशक की नीयत पर सवाल उठाता है फिर भी सामाजिक न्याय और भ्रष्टाचार जैसे जटिल मुद्दों पर ये सीरीज सोचने पर मजबूर करती है। ये भी सवाल है कि सीरीज का नाम महारानी क्यों रखा गया?

बहरहाल वेब सीरीज का सबसे महत्त्वपूर्ण पहलू है कि इसमें औरत के दो रूप प्रस्तुत किए गए हैं: एक वह जो तल्लीनता से चूल्हे चौके में व्यस्त है और अपने पति को देवता समान मानती हैl इसके विपरीत दूसरे रूप में वह बिहार की मुख्यमंत्री है जिसमें जनता का हित ही उसके लिए सर्वोपरि है चाहे उसके लिए उसे अपने पति को, जो कि पैसा कमाने के लिए कई तरह के घोटाले करता है, सजा ही क्यों ना दिलवानी पड़ेl  वेब सीरीज में एक ऐसी औरत को चुनौती दी गई है जो पढ़ी लिखी ना होने के बावजूद भी काफी हिम्मत और हौसले वाली है और वह अपनी ईमानदारी एवं कर्तव्यपरायणता से बिहार की राजनीति में एक मिसाल पेश करती हैl अपने अडिग इरादों से भ्रष्टाचार में लिप्त सभी राजनीतिज्ञों को  मात दे देती है और अपने सामने आई हुई विपत्तियों का बिना डरे हुए डटकर सामना करती है l

रानी भारती (हुमा कुरैशी) जब एक साधारण गृहणी से मुख्यमंत्री बनती हैं तो उनके हाव भाव देखने लायक होते हैंl उनके चलने, उठने, बैठने, बोलने के तरीके से साधारण होने के बावजूद उनका व्यक्तित्व बहुत ही असाधारण प्रतीत होता है जिससे साफ जाहिर होता है कि वह बहुत ही साफ दिल की महिला हैं जिसके अंदर लेश मात्र भी छल कपट या दिखावा नहीं हैl राजनीति में अधिकांश नेता अपनी साफ-सुथरी छवि को बरकरार रखने के लिए चेहरे पर मुखौटा लेकर घूमते रहते हैं और जनता को प्रभावित करने के लिए तरह तरह की बातें बनाते हैं, रानी भारती इन सब से बिल्कुल अलग वास्तव में जनता के हित के बारे में सोचती है और उसको पूरा करने के लिए वह अपनी कुर्सी तक को दांव पर लगा देती हैंl

बिहार की मुख्यमंत्री बनने के बाद रानी के सामने ऐसे घोटाले आते हैं जिनमें बड़े-बड़े नेता और सरकारी अधिकारी शामिल होते हैंl रानी के लिए उन्हें बर्दाश्त कर पाना नामुमकिन हो जाता है और वह उन्हें सजा दिलाने के लिए जांच बैठा देती हैंl

इस वेब सीरीज में हमारे समाज की संकुचित मानसिकता पर प्रहार किया गया है जिसके अनुसार पिछड़ी जातियों की औरतें तो खाली चूल्हा चौका संभालने के लिए बनी हैं वह देश का कार्यभार कैसे संभाल सकती हैं? एक डायलॉग है जिसमें रानी भारती ऐसे लोगों को करारा जवाब देती है जो औरतों की काबिलियत पर शक करते हैं - "जो औरत घर संभालना चाहती जानती है वह देश भी संभाल सकती है"l

रानी को ज्ञात होता है कि उसका अपना पति भीमा भारती (सोहम शाह) जिस पर उसे अत्यधिक विश्वास था, अपनी राजनीतिक छवि को सुधारने के लिए भले ही पिछड़ों के हित में थोड़ा बहुत काम कर रहा था पर वास्तव में उसका असली उद्देश्य साम-दाम-दंड-भेद किसी भी तरह से सत्ता में बने रहना है, चाहे उससे बिहार की जनता का कितना बड़ा अहित ही क्यों ना हो रहा हो और इसके लिए उसे हत्या जैसा जघन्य अपराध भी करना पड़े, उसमें भी उसे लेश मात्र भी संकोच ना थाl बड़े-बड़े घोटालों में लिप्त भीमा भारती की सच्चाई जानकर उसकी पत्नी व बिहार की मुख्यमंत्री रानी उसके कहने के बावजूद इस्तीफा देने से मना कर देती है और मुख्यमंत्री होने के नाते वहां की जनता को न्याय दिलाना ही उसका मकसद बन जाता हैl

" महारानी" वेब सीरीज में शुरू के एपिसोड में रानी को एक बहुत ही साधारण महिला के रूप में दिखाया गया है जो एक अच्छी मां और एक अच्छी पत्नी बन कर अपने को खुशनसीब समझती है, पर बिहार का मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका असली व्यक्तित्व हमारे सामने आता है जो वाकई में असाधारण हैl  उनकी सच्चाई , कर्तव्य-निष्ठा और ईमानदारी वाकई ऐसे नेताओं के लिए एक मिसाल पेश करती है जिनको जनता की सेवा से कोई लेना देना नहीं होता और सत्ता में आने के बाद उनका अधिकांश समय किसी भी प्रकार से अधिक से अधिक पैसा कमाना होता है या हर हालत में अपनी कुर्सी व पोजीशन को बचानाl

इस वेब सीरीज में रानी अचानक मुख्यमंत्री बन जाने पर मेज पर पड़ी हुई ढेर सारी फाइलों को देख कर बोलती है " हम से 50 लीटर दूध दोहा लो, 300 गोबर का गोइठा बनवा लो पर 1 दिन में इतना फाइल पर अंगूठा लगाना हमसे ना हो पाएगा " सुनकर ऐसा लगता है कि जैसे किसी गंवार स्त्री को मुख्यमंत्री का पद दे दिया गया है जिसको राजनीति की एबीसीडी नहीं आती पर बाद में जिस तरह से रानी भारती राजनीति के दांवपेच समझ कर सभी भ्रष्ट नेताओं को कठघरे में खड़ा कर देती हैं हमारे समाज को यह सोचने के लिए मजबूर कर देता है एक औरत अगर ठान ले तो वह किसी भी मामले में पुरुषों से कम नहीं है तो वह अकेले ही उन सब पर भारी पड़ सकती हैl

10 एपिसोड की यह वेब सीरीज हमें उस राजनीतिक माहौल में ले जाती है जहां पर सत्ता में बने रहने के लिए जातीय हिंसा करना और अधिक से अधिक पैसा कमाने के लिए घोटाले करना एक आम बात है जोकि बहुत शर्मनाक हैl ऐसे में सच्चे जनवाद की स्थापना करना, भ्रष्टाचार और सामंतवाद के  खिलाफ लड़ना और ज़रूरी हो जाता है ।

(लेखिका स्वतंत्र पत्रकार हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

Maharani
Web Series
Huma Qureshi
Sohum Shah
Amit Sial
Kani Kusruti
Inaamulhaq

Related Stories

Squid Game : पूंजीवाद का क्रूर खेल

जब सामाजिक समरसता पर लग जाता है साम्प्रादायिकता का ‘ग्रहण’

‘महारानी’ : राजनीति में संतुलन का खेल!

‘तांडव’ से कुछ दृश्य हटाये गए, पर वेब सीरीज़ का संकट गहराया


बाकी खबरें

  • prashant kishor
    अनिल सिन्हा
    नज़रिया: प्रशांत किशोर; कांग्रेस और लोकतंत्र के सफ़ाए की रणनीति!
    04 Dec 2021
    ग़ौर से देखेंगे तो किशोर भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ तोड़ने में लगे हैं। वह देश को कारपोरेट लोकतंत्र में बदलना चाहते हैं और संसदीय लोकतंत्र की जगह टेक्नोक्रेट संचालित लोकतंत्र स्थापित करना चाहते हैं…
  • All five accused arrested in the murder case
    भाषा
    माकपा के स्थानीय नेता की हत्या के मामले में सभी पांच आरोपी गिरफ्तार
    04 Dec 2021
    घटना पर माकपा प्रदेश सचिवालय ने एक बयान जारी कर आरएसएस को हत्या का जिम्मेदार बताया है और मामले की गहराई से जांच करने की मांग की है.पुलिस के अनुसार, घटना बृहस्पतिवार रात साढ़े आठ बजे हुई थी और संदीप…
  • kisan andolan
    लाल बहादुर सिंह
    MSP की कानूनी गारंटी ही यूपी के किसानों के लिए ठोस उपलब्धि हो सकती है
    04 Dec 2021
    पंजाब-हरियाणा के बाहर के, विशेषकर UP के किसानों और उनके नेताओं की स्थिति वस्तुगत रूप से भिन्न है। MSP की कानूनी गारंटी ही उनके लिए इस आंदोलन की एक ठोस उपलब्धि हो सकती है, जो अभी अधर में है। इसलिए वे…
  • covid
    भाषा
    कोरोना अपडेट: देशभर में 8,603 नए मामले सामने आए, उपचाराधीन मरीजों की संख्या एक लाख से कम हुई
    04 Dec 2021
    देश में कोविड-19 के 8,603 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,46,24,360 हो गई है।  
  • uttarkhand
    सत्यम कुमार
    देहरादून: प्रधानमंत्री के स्वागत में, आमरण अनशन पर बैठे बेरोज़गारों को पुलिस ने जबरन उठाया
    04 Dec 2021
    4 दिसंबर 2021 को उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। लेकिन इससे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए आमरण अनशन पर बैठे बेरोजगार युवाओं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License